बेबी पाउडर में कैंसरः जेएंडजे के बाद अब इन नामी कंपनियों के उत्पादों की शुरू हुई जांच

बिजनेस डेस्क, अमर उजाला Published by: paliwal पालीवाल Updated Tue, 01 Jan 2019 01:06 PM IST
himalaya and chickoo brand baby products comes under scanner due to asbestos
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बेबी पाउडर बनाने वाली विश्व की नामी कंपनी जॉनसन एंड जॉनसन (जेएंडजे) के उत्पादों में कैंसर कारक एस्बेस्टस होने के बीच अब देश में कार्यरत दो नामी कंपनियां भी निशाने पर आ गई हैं। सेंट्रल ड्रग स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन (सीडीएसओ) ने देश में बिकने वाले हिमालया व चीकू ब्रांड के बेबी टेल्कम पाउडर, साबुन, शैंपू, क्रीम और लोशन आदि के 200 से अधिक सैंपल की जांच की जा रही है। इन सभी सैंपल में इस बात की जांच की जाएगी कि इनको बनाने में कहीं कैंसर कारक एस्बेस्टस का प्रयोग तो नहीं किया जा रहा है। 
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सभी सैंपल को फिलहाल केंद्रीय जांच प्रयोगशाला में भेज दिया गया है। सीडीएसओ के एक अधिकारी ने बताया कि जेएंडजे के अलावा हम इस बात का पता करना चाहते हैं कि भारत में बिकने वाले बच्चों के सभी उत्पादों और अन्य़ नामी ब्रांडों में एस्बेस्टस न हो। सभी सैंपल की जांच रिपोर्ट अगले 15 दिन में उपलब्ध हो जाएगी। 

जेएंडजे के उत्पादों से होता है कैंसर

बेबी पाउडर बनाने वाली कंपनी जॉनसन एंड जॉनसन (जेजे) सालों से जानबूझकर कैंसर पैदा करने वाला पाउडर बेच रही है। समाचार एजेंसी रायटर्स ने इस बात का खुलासा किया है कि 1970 से लेकर 2000 तक कंपनी अपने उत्पाद में एस्बेस्टस का प्रयोग करती रही है और इस बात की जानकारी कंपनी में कार्यरत हर व्यक्ति को थी। एस्बेस्टस से कैंसर का खतरा होता है। 

भारत में उत्पादन करने पर लगी रोक

ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (डीसीजीआई) ने कंपनी की मुलुंड (मुंबई) और बद्दी (हिमाचल प्रदेश) स्थित फैक्ट्रियों में अगले आदेशों तक बेबी पाउडर बनाने या पाउडर रॉ मैटीरियल से कोई अन्य उत्पाद बनाने पर रोक लगा दी है।

सेंट्रल ड्रग्स स्टेंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन (सीडीएससीओ) की तरफ से यह निर्देश जारी होने के बाद बुधवार को ड्रग इंस्पेक्टरों ने दोनों फैक्ट्रियों से बेबी पाउडर के सैंपल लिए थे, जिनमें कैंसर के लिए जिम्मेदार एस्बेस्ट्स की मौजूदगी की जांच की जाएगी। इसके अलावा 100 ड्रग इंस्पेक्टरों की विभिन्न टीमों ने देश भर में करीब 15 स्थानों पर कंपनी के थोक, खुदरा व वितरक एजेंसियों से भी 100 से ज्यादा सैंपल एकत्र किए गए हैं, जिनकी जांच की जाएगी। 

जांच में एस्बेस्ट्स की मौजूदगी के अलावा यह भी परखा जाएगा कि क्या ये सभी निर्धारित विनियामक व विनिर्माण मानकों का पालन करते हैं। सीडीएससीओ के एक अधिकारी ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि यह जांच रेंडम तरीके से सेंट्रल ड्रग टेस्टिंग लैब में की जाएगी।

कहां कितना पाउडर रॉ मैटीरियल

 82 हजार किलो पाउडर स्टोर है बद्दी प्लांट में
02 लाख किलो पाउडर रखा है मुलुंड प्लांट में

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