फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   Govt Says No mandatory price change stickers on unsold goods made before Sept 22

GST: 22 सितंबर से पहले बने सामानों पर कीमतों में बदलाव का स्टिकर लगाना जरूरी नहीं, सरकार ने किया साफ

Thu, 18 Sep 2025 06:39 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कुमार विवेक Updated Thu, 18 Sep 2025 06:39 PM IST
सार

GST 2.0: उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने गुरुवार को साफ किया कि जीएसटी  दरों में संशोधन के बाद निर्माताओं, पैकर्स और आयातकों को 22 सितंबर से पहले बने बिना बिके सामानों पर संशोधित मूल्य का स्टिकर लगाने की जरूरत नहीं होगी। मंत्रालय ने आगे क्या कहा है, आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं। 

विज्ञापन
Govt Says No mandatory price change stickers on unsold goods made before Sept 22
संशोधित जीएसटी व्यवस्था का प्रस्ताव - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने गुरुवार को साफ किया कि जीएसटी  दरों में संशोधन के बाद निर्माताओं, पैकर्स और आयातकों को 22 सितंबर से पहले बने बिना बिके सामानों पर संशोधित मूल्य का स्टिकर लगाने की जरूरत नहीं होगी। सरकार ने यह बात उद्योग निकायों और व्यापार संघों से मिले ज्ञापनों के बाद कही है। उद्योग निकायों ने विभाग के दिशानिर्देशों के कारण अनुपालन में आने वाली चुनौतियों पर चिंता जाहिर की थी। विभाग ने 9 सितम्बर को जारी अपने सुझाव में बदलाव करते हुए कहा है कि कंपनियां यदि चाहें तो 22 सितम्बर से पहले बने बिना पैकेट्स पर संशोधित मूल्य का स्टीकर लगा सकती है।

विज्ञापन


मंत्रालय ने कहा, "मौजूदा नियमों के अनुसार, निर्माता/पैकर/आयातकर्ता/उनके प्रतिनिधियों द्वारा 22 सितंबर, 2025 से पहले निर्मित और उनके पास पड़े बिना बिके पैकेजों पर संशोधित मूल्य का स्टिकर लगाना अनिवार्य नहीं है।" सरकार ने विधिक माप विज्ञान (पैकेज्ड कमोडिटीज) नियम, 2011 के नियम 18(3) में भी ढील दी है, जिसके तहत पहले कंपनियों को संशोधित कीमतों की घोषणा करते हुए दो अखबारों में विज्ञापन देना होता था।
विज्ञापन


निर्माताओं और आयातकों को अब केवल थोक विक्रेताओं और खुदरा विक्रेताओं को मूल्य परिवर्तन की सूचना देनी होगी। इसकी प्रतियां केंद्र में विधिक माप विज्ञान निदेशक और सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में विधिक माप विज्ञान नियंत्रकों को भेजी जाएंगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


विभाग ने कंपनियों को यह भी कहा है कि वे इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और सोशल मीडिया सहित सभी उपलब्ध संचार माध्यमों से डीलरों, खुदरा विक्रेताओं और उपभोक्ताओं को संशोधित जीएसटी के बाद कीमतों के बारे में सूचित करने के लिए तत्काल कदम उठाएं। सरकार ने आगे स्पष्ट किया कि पुराने एमआरपी वाले किसी भी अप्रयुक्त पैकेजिंग सामग्री या रैपर का उपयोग 31 मार्च, 2026 तक या स्टॉक समाप्त होने तक, जो भी पहले हो, किया जा सकता है। हालांकि इसके लिए शर्त है कि खुदरा बिक्री मूल्य में स्टैम्पिंग, स्टिकर या ऑनलाइन प्रिंटिंग का उपयोग करके सुधार किया जाए। इसके अलावे विभाग ने साफ किया कि पहले पैक हुई बिना बिकी वस्तुओं और अप्रयुक्त पैकेजिंग सामग्री पर संशोधित यूनिट प्राइस घोषित करना अनिवार्य नहीं है। कंपनियां चाहें तो स्वेच्छा से ऐसा कर सकती हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed