FSIB: सरकार ने एफएसआईबी के अध्यक्ष और अन्य सदस्यों का कार्यकाल एक वर्ष के लिए बढ़ाया, इस तारीख तक देंगे सेवा
FSIB Tenure: मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति ने एफएसआईबी के वर्तमान अध्यक्ष और अंशकालिक सदस्यों के कार्यकाल को 30 जून, 2025 से आगे एक वर्ष की अवधि के लिए बढ़ाने को मंजूरी दे दी है। यह सेवा विस्तार 1 जुलाई, 2025 से 30 जून, 2026 तक या इसके बाद भी प्रभावी रहेगा। आइए इस बारे में जानें।
विस्तार
सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और वित्तीय संस्थानों के निदेशकों की नियुक्ति करने वाली संस्था एफएसआईबी के अध्यक्ष और अन्य सदस्यों का कार्यकाल एक साल के लिए बढ़ा दिया है।
इस सेवा विस्तार के बाद एफएसआईसी के अध्यक्ष और अन्य सदस्य 30 जून, 2026 तक ब्यूरो में अपनी सेवाएं देते रहेंगे। एफएसआईबी (फाइनेंशियल सर्विसेज इंस्टीट्यूशन ब्यूरो) के अध्यक्ष कार्मिक व प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) के पूर्व सचिव भानु प्रताप शर्मा हैं।
मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति ने एफएसआईबी के वर्तमान अध्यक्ष और अंशकालिक सदस्यों के कार्यकाल को 30 जून, 2025 से आगे एक वर्ष की अवधि के लिए बढ़ाने को मंजूरी दे दी है। यह सेवा विस्तार 1 जुलाई, 2025 से 30 जून, 2026 तक या इसके बाद भी प्रभावी रहेगा।
पिछले साल भी एक वर्ष के लिए बढ़ाया गया था एफएसआई की कार्यकाल
वित्तीय सेवा संस्थान ब्यूरो (एफएसआईबी) का कार्यकाल पिछले वर्ष भी एक वर्ष के लिए बढ़ाया गया था। एफएसआईबी में सदस्य के रूप में पूर्व के ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स के पूर्व अध्यक्ष और एमडी अनिमेष चौहान, आरबीआई के पूर्व कार्यकारी निदेशक दीपक सिंघल और पूर्व आईएनजी वैश्य बैंक के पूर्व एमडी शैलेन्द्र भंडारी हैं।
बीमा क्षेत्र में नियुक्ति के लिए एलआईसी की पूर्व प्रबंध निदेशक उषा सांगवान, ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के पूर्व अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक एवी गिरिजा कुमार और इरडा के पूर्व पूर्णकालिक सदस्य (वितरण) सुजय बनर्जी को भी अंशकालिक सदस्य के रूप में कार्यकाल विस्तार दिया गया है।
भानु प्रताप शर्मा को 2018 में बैंक बोर्ड ब्यूरो (बीबीबी) के अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया था। उन्होंने पहले अध्यक्ष विनोद राय का दो साल का कार्यकाल पूरा होने पर उनका स्थान लिया था।
2022 में बैंक बोर्ड ब्यूरो को वित्तीय सेवा संस्थान ब्यूरो में बदला गया
2022 में सरकार ने कुछ संशोधन करके BBB को वित्तीय सेवा संस्थान ब्यूरो (FSIB) में बदल दिया। सार्वजनिक क्षेत्र की सामान्य बीमा कंपनियों के महाप्रबंधकों और निदेशकों के चयन के लिए दिशा-निर्देशों को FSIB का हिस्सा बना दिया गया है।
बैंकों और वित्तीय संस्थाओं के पूर्णकालिक निदेशकों और गैर-कार्यकारी अध्यक्षों की नियुक्तियों के लिए सिफारिशें करने हेतु एकल इकाई के रूप में एफएसआईबी की स्थापना की गई। एफएसआईबी की सिफारिशों के आधार पर, प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली एसीसी नियुक्तियों पर विचार करती है और उन्हें मंजूरी देती है।
प्रधानमंत्री ने 2016 में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पीएसबी) और राज्य के स्वामित्व वाली वित्तीय संस्थाओं के पूर्णकालिक निदेशकों के साथ-साथ गैर-कार्यकारी अध्यक्षों की नियुक्ति के लिए सिफारिशें करने हेतु प्रतिष्ठित पेशेवरों और अधिकारियों के एक निकाय के रूप में बीबीबी के गठन को मंजूरी दी थी।