5.1% महंगाई का नया लक्ष्य और 'पॉलिमर नोट' की तैयारी: RBI की नीति में क्या खास, समझिए आम आदमी के लिए मायने
आरबीआई की एमपीसी बैठक में सर्वसम्मति से रेपो रेट को 5.25% पर स्थिर रखा गया है। वैश्विक संकट के बीच गवर्नर संजय मल्होत्रा ने भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूत बताया है। महंगाई और कच्चे तेल के नए अनुमानों की पूरी जानकारी के लिए यह खबर पढ़ें! अभी क्लिक करें।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर सजंय मल्होत्रा ने एमपीसी के फैसलों की घोषणा करने के बाद अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि वैश्विक संकट से केवल भारत ही प्रभावित नहीं हुआ है, बल्कि अन्य देशों की अर्थव्यवस्थाएं भी प्रभावित हैं, लेकिन हम तुलनात्मक रूप से अच्छी स्थिति में हैं।
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने तीन दिनों तक चले आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति बैठक यानी एमपीसी के फैसलों का एलान शुकवार को किया। उन्होंने बताया कि मौद्रिक नीति समिति के सदस्यों ने सर्वसम्मति से रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत पर स्थिर रखने का फैसला किया है। बुधवार से चल रही एमपीसी की तीन दिवसीय गहन चर्चा के बाद यह महत्वपूर्ण घोषणा की गई। गवर्नर ने कहा, 'पश्चिम एशिया के भू-राजनीतिक तनाव और इसके कारण महंगाई और आर्थिक विकास में तनाव के बाद भी भारत अन्य देशों की तुलना में अच्छी स्थिति में हैं।'
अन्य देशों की तुलना में भारत अच्छी स्थिति में है: आरबीआई गवर्नर
भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर सजंय मल्होत्रा ने एमपीसी के फैसलों की घोषणा करने के बाद अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि वैश्विक संकट से केवल भारत ही प्रभावित नहीं हुआ है, बल्कि अन्य देशों की अर्थव्यवस्थाएं भी प्रभावित हैं, लेकिन हम तुलनात्मक रूप से अच्छी स्थिति में हैं। भारत की व्यापक आर्थिक स्थिति स्थिर और स्वस्थ्य बनी हुई है। गवर्नर ने कहा हमारे बैंक मजबूत हैं और कंपनियों की बैलेंस शीट भी स्वस्थ्य है,साथ ही हमारे पास पर्यात विदेशी मुद्रा भंडार है। बाहरी स्थितियां भले ही चिंताजनक बनी हुईं है, लेकिन घरेलू स्तर पर हम पहले से कही अधिक मजबूत हैं।
महंगाई पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि, यदि महंगाई व्यापक और लगातार बनी रहती है तो आरबीआई इस पर कार्रवाई करेगा। फिलहाल केंद्रीय बैंक ने वित्त वर्ष 2027 के लिए भारत के लिए सीपीआई मुद्रास्फीति अनुमानों को भी पहले के 4.6 प्रतिशत से बढ़ाकर 5.1 प्रतिशत कर दिया है।
डॉलर का प्रवाह उचित और स्वस्थ्य रहने की उम्मीद
गवर्नर सजंय मल्होत्रा ने डॉलर के प्रवाह पर बोलते हुए कहा यह डॉलर का प्रवाह उचित और स्वस्थ्य रहने की उम्मीद है। हम किसी विशेष संख्या को लक्षित नहीं कर रहे हैं। हमले ईसीबी और आज घोषित किए गए उपायों के माध्यम से उचित मात्रा में डॉलर के प्रवाह की उम्मीद कर रहे हैं। कच्चे तेल की कीमतों पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि बाहरी स्थितियों को देखते हुए हमने कच्चे तेल की कीमत का अनुमान 85 डॉलर प्रति बैरल से बदलकर 95 डॉलर प्रति डॉलर कर दिया गया है।
सोने के मुद्रीकरण की योजना नहीं, पॉलिमर नोट पर यह प्रस्ताव
वहीं उन्होंने सोने के मुद्रीकरण के लिए कोई भी प्रस्तावित योजना नहीं हैं। फिलहाल आरबीआई इस पर विचार नहीं कर रहा है। जबकि प्लास्टिक या पॉलीमार के नोट लाने की संभावना पर बोलते हुए गवर्नर ने कहा, फिलहाल यह प्रस्तावित योजना है। जो भी खबरें आ रही हैं, वे अनुमानित हैं। वर्तमान समय में इसका शुरुआती चरण है और इस पर मंथल चल रहा है। फिलहाल कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है।