फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   Government unlikely to announce capital infusion for PSU banks in Budget 2020

बजट 2020: सरकारी बैंकों में पूंजी डालने की उम्मीद नहीं, ऐसे पैसे जुटा सकते हैं बैंक

Sun, 05 Jan 2020 03:38 PM IST
‌डिंपल अलवधी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला Published by: ‌डिंपल अलवधी Updated Sun, 05 Jan 2020 03:38 PM IST
सार

  • वित्त वर्ष 2020-21 के लिए आम बजट एक फरवरी 2020 को पेश होगा। 
  • आर्थिक सर्वे 31 जनवरी को आएगा। 
  • वित्त मंत्री इस बार के बजट में कई रियायतों की घोषणा कर सकती हैं। 

विज्ञापन
Government unlikely to announce capital infusion for PSU banks in Budget 2020
बजट 2019, निर्मला सीतारमण - फोटो : PTI

विस्तार

वित्त वर्ष 2020-21 के लिए आम बजट एक फरवरी 2020 को पेश होगा। वहीं आर्थिक सर्वे 31 जनवरी को आएगा। बजट को पेश करने के लिए सभी तैयारियां की जा रही हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इस बार के बजट में कई रियायतों की घोषणा कर सकती हैं। सूत्रों का कहना है कि सरकार सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में और पूंजी डालने की घोषणा नहीं करेगी। केंद्र सरकार बैंकों को डूबे कर्ज की वसूली तेज करने और बाजार से कोष जुटाने को प्रोत्साहित करेगी। 

विज्ञापन

इस तरह पूंजी जुटा सकते हैं बैंक

सूत्रों के अनुसार, 2020-21 में बैंक अपने गैर प्रमुख कारोबार की बिक्री कर भी धन जुटा सकते हैं। सूत्रों के अनुसार, वर्तमान कैलेंडर वर्ष में बैंकों के पास राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण ( NCLT ) और गैर एनसीएलटी दोनों तरह से निपटान के जरिए डूबा कर्ज वसूल कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त बैंकों के पास बाजार से भी पूंजी जुटाने की गुंजाइश रहेगी। 

विज्ञापन

कुछ बैंकों का शेयर मूल्य हो रहा मजबूत

बता दें कि मौजूदा समय में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का प्रावधान कवरेज अनुपात सात साल के उच्च स्तर 76.6 फीसदी पर है। एनपीए के मामले में बैंकों ने 100 फीसदी तक का प्रावधान किया है। कुछ बैंकों का शेयर मूल्य मजबूत हो रहा है। उनके पास सरकारी हिस्सेदारी बेचने का भी विकल्प है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

14 अक्तूबर से शुरू हुई थी बजट की तैयारियां

वित्त मंत्रालय ने 14 अक्तूबर से 2020-21 के बजट की तैयारियों की कवायद शुरू की थीं। कई विभागों और मंत्रालयों के साथ बैठक हुई हैं। व्यय सचिव द्वारा अन्य सचिवों और वित्तीय सलाहकारों के साथ चर्चा के बाद ही बजट को अंतिम रूप दिया जाएगा।

अहम होगा सीतारमण का दूसरा बजट

छह साल के निचले 4.5 फीसदी के स्तर पर पहुंची आर्थिक विकास दर को रफ्तार देने के लिए ढांचागत सुधारों की दूसरी लहर की उम्मीद में एक फरवरी को पेश होने वाले बजट, 2020-21 का बेसब्री से इंतजार हो रहा है। आरबीआई ने अपनी मौद्रिक नीति में 2019-20 के लिए अपने विकास अनुमान को 6.1 फीसदी से घटाकर पांच फीसदी कर दिया था। इसलिए आर्थिक सुस्ती को देखते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के दूसरे बजट को खासा अहम माना जा रहा है। 

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed