बजट 2020: सरकारी बैंकों में पूंजी डालने की उम्मीद नहीं, ऐसे पैसे जुटा सकते हैं बैंक
- वित्त वर्ष 2020-21 के लिए आम बजट एक फरवरी 2020 को पेश होगा।
- आर्थिक सर्वे 31 जनवरी को आएगा।
- वित्त मंत्री इस बार के बजट में कई रियायतों की घोषणा कर सकती हैं।
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वित्त वर्ष 2020-21 के लिए आम बजट एक फरवरी 2020 को पेश होगा। वहीं आर्थिक सर्वे 31 जनवरी को आएगा। बजट को पेश करने के लिए सभी तैयारियां की जा रही हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इस बार के बजट में कई रियायतों की घोषणा कर सकती हैं। सूत्रों का कहना है कि सरकार सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में और पूंजी डालने की घोषणा नहीं करेगी। केंद्र सरकार बैंकों को डूबे कर्ज की वसूली तेज करने और बाजार से कोष जुटाने को प्रोत्साहित करेगी।
इस तरह पूंजी जुटा सकते हैं बैंक
सूत्रों के अनुसार, 2020-21 में बैंक अपने गैर प्रमुख कारोबार की बिक्री कर भी धन जुटा सकते हैं। सूत्रों के अनुसार, वर्तमान कैलेंडर वर्ष में बैंकों के पास राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण ( NCLT ) और गैर एनसीएलटी दोनों तरह से निपटान के जरिए डूबा कर्ज वसूल कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त बैंकों के पास बाजार से भी पूंजी जुटाने की गुंजाइश रहेगी।
कुछ बैंकों का शेयर मूल्य हो रहा मजबूत
बता दें कि मौजूदा समय में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का प्रावधान कवरेज अनुपात सात साल के उच्च स्तर 76.6 फीसदी पर है। एनपीए के मामले में बैंकों ने 100 फीसदी तक का प्रावधान किया है। कुछ बैंकों का शेयर मूल्य मजबूत हो रहा है। उनके पास सरकारी हिस्सेदारी बेचने का भी विकल्प है।
14 अक्तूबर से शुरू हुई थी बजट की तैयारियां
वित्त मंत्रालय ने 14 अक्तूबर से 2020-21 के बजट की तैयारियों की कवायद शुरू की थीं। कई विभागों और मंत्रालयों के साथ बैठक हुई हैं। व्यय सचिव द्वारा अन्य सचिवों और वित्तीय सलाहकारों के साथ चर्चा के बाद ही बजट को अंतिम रूप दिया जाएगा।
अहम होगा सीतारमण का दूसरा बजट
छह साल के निचले 4.5 फीसदी के स्तर पर पहुंची आर्थिक विकास दर को रफ्तार देने के लिए ढांचागत सुधारों की दूसरी लहर की उम्मीद में एक फरवरी को पेश होने वाले बजट, 2020-21 का बेसब्री से इंतजार हो रहा है। आरबीआई ने अपनी मौद्रिक नीति में 2019-20 के लिए अपने विकास अनुमान को 6.1 फीसदी से घटाकर पांच फीसदी कर दिया था। इसलिए आर्थिक सुस्ती को देखते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के दूसरे बजट को खासा अहम माना जा रहा है।