फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   Government Tightening Policy against loan app approval of customers and data security necessary

Loan App: कर्ज देने वाली एप पर कसा शिकंजा, अब उधारी सीमा बढ़ाने के लिए लेनी होगी ग्राहकों की मंजूरी

Thu, 11 Aug 2022 05:53 AM IST
देव कश्यप अमर उजाला ब्यूरो/एजेंसी, मुंबई।
अमर उजाला ब्यूरो/एजेंसी, मुंबई। Published by: देव कश्यप Updated Thu, 11 Aug 2022 05:53 AM IST
सार

आरबीआई ने डिजिटल उधारी पर गठित कामकाजी समूह (डब्ल्यूजीडीएल) की कुछ सिफारिशों को तुरंत लागू करने का फैसला किया है। वहीं, कुछ सिफारिशों को सैद्धांतिक रूप से मंजूरी दी गई है, जिन्हें बाद में लागू किया जाएगा।

विज्ञापन
Government Tightening Policy against loan app approval of customers and data security necessary
आरबीआई। - फोटो : iStock

विस्तार

डिजिटल तरीके से कर्ज देने वाले एप ग्राहकों की मंजूरी के बिना उधारी सीमा नहीं बढ़ा सकेंगे। आरबीआई ने बुधवार को कर्ज देने वाले एप को लेकर जारी निर्देश में कहा कि उसकी ओर से रेगुलेटेड फिनटेक संस्थानों को ग्राहकों की शिकायतों के समाधान के लिए अधिकारी की नियुक्ति करनी होगी। यह अधिकारी ही डिजिटल उधारी से जुड़ी शिकायतों की सुनवाई करेगा। अगर डिजिटल मंचों के जरिये कर्ज बांटने वाले ये एप शिकायतों को 30 दिन में नहीं सुलझाते हैं तो ग्राहक केंद्रीय बैंक के लोकपाल के पास शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

विज्ञापन


आरबीआई ने डिजिटल उधारी पर गठित कामकाजी समूह (डब्ल्यूजीडीएल) की कुछ सिफारिशों को तुरंत लागू करने का फैसला किया है। वहीं, कुछ सिफारिशों को सैद्धांतिक रूप से मंजूरी दी गई है, जिन्हें बाद में लागू किया जाएगा। इसके अलावा, कुछ सिफारिशों को केंद्र सरकार और अन्य शेयरधारकों से विचार-विमर्श के बाद लागू किया जाएगा। इसके लिए संस्थागत तंत्र बनाया जाएगा। 

विज्ञापन
  • 30 दिन में समाधान नहीं करने पर आरबीआई लोकपाल से शिकायत कर सकेंगे ग्राहक


शुल्क समेत सभी प्रमुख विवरण की देनी होगी जानकारी
रेगुलेटेड संस्थान को प्रमुख विवरण (की फैक्ट्स स्टेटमेंट) ग्राहक को मुहैया करानी होगी। इसमें सभी डिजिटल उधारी उत्पाद का एक स्टैंडर्ड फॉर्मेट होगा।

विज्ञापन
विज्ञापन
  • विवरण में हर तरह का शुल्क, चार्ज और अन्य जानकारियां होंगी। विवरण में जो बात नहीं है, वह आगे भी ग्राहक पर लागू नहीं होगी। इसके अलावा, सभी कर्ज की जानकारी क्रेडिट ब्यूरो को देनी होगी।


कर्ज सीमा व लागत की देनी होगी जानकारी
निर्देश में कहा गया है कि बैंक और गैर-बैंकिंग संस्थानों को सुनिश्चित करना होगा कि जिनके साथ वे कारोबार कर रहे हैं, वे डिजिटल उधारी देने वाले एप उत्पादों से संबंधित फीचर को प्रमुखता से दिखाएं। इसमें कर्ज सीमा और लागत सहित सभी जानकारी होनी चाहिए।

ग्राहकों के डाटा की सुरक्षा जरूरी

  • आरबीआई ने कहा, एप को ग्राहकों के डाटा की सुरक्षा सुनिश्चित करनी होगी। डाटा संबंधी कार्य के लिए उनकी मंजूरी लेनी होगी।
  • डाटा के लिए पहले दी हुई मंजूरी को ग्राहक वापस भी ले सकता है। इसका मतलब है कि ग्राहकों को स्वीकार या अस्वीकार करने की सुविधा देनी होगी।


डिजिटल कर्ज की धोखाधड़ी रोकने की तैयारी

  • डिजिटल कर्ज से जुड़ी धोखाधड़ी को रोकने के लिए डब्ल्यूजीडीएल की ओर से दी गई सिफारिशों के आधार पर आरबीआई ने यह निर्देश तैयार किया है।
  • लगातार बढ़ रही डिजिटल कर्ज से जुड़ी धोखाधड़ी को रोकने के लिए केंद्रीय बैंक ने 13 जनवरी, 2021 को कामकाजी समूह की स्थापना की थी।  
  • सिफारिश में कहा गया था कि डिजिटल उधारी या तो आरबीआई की ओर से रेगुलेटेड एप दे सकते हैं या ऐसे संस्थान, जिन्हें किसी अन्य कानून के तहत मंजूरी मिली हो।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed