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रोडटेप योजना: निर्यातकों को मिलेगी 12,454 करोड़ की कर रियायत , सरकार ने की की घोषणा

Wed, 18 Aug 2021 06:11 AM IST
Jeet Kumar एजेंसी, नई दिल्ली।
एजेंसी, नई दिल्ली। Published by: Jeet Kumar Updated Wed, 18 Aug 2021 06:11 AM IST
सार

  • सरकार ने 8,555 उत्पादों के लिए तय की प्रोत्साहन दर, 1 जनवरी 2021 से ही मान्य
  • 19,400 करोड़ का रिफंड मिलेगा 2021-22 में निर्यातकों को

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Government notifies Rs 12454 crores incentive scheme for exports
सांकेतिक तस्वीर.... - फोटो : social media

विस्तार

निर्यातकों को प्रोत्साहन देने के लिए सरकार ने मंगलवार को निर्यात किए उत्पादों पर शुल्क एवं कर छूट (रोडटेप) योजना की दरें सूचीबद्ध कर दी हैं। योजना के तहत निर्यातकों को कर रिफंड के रूप में करीब 12,454 करोड़ रुपये मिलेंगे। रोडटेप योजना 8,555 तरह के उत्पादों पर लागू होगी। 

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वाणिज्य सचिव बीवीआर सुब्रमण्यम ने कहा, रोडटेप योजना के तहत समुद्री उत्पादों, धागों, डेयरी उत्पादों सहित लगभग हर क्षेत्र के उत्पादों पर केंद्रीय एवं राज्यों के शुल्क, टैक्स व अन्य लेवी पर रियायत दी जाएगी। टैक्स रिफंड की दर 0.5 फीसदी से 4.30 फीसदी रहेगी।
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वित्तवर्ष 2021-22 के लिए सरकार ने कुल 19,400 करोड़ का रिफंड देने की तैयारी की है। इसमें से रोडटेप योजना के तहत 12,454 करोड़ और गारमेंट व कपड़ों के निर्यात पर राज्य एवं केंद्रीय करों व लेवी में छूट योजना के तहत 6,946 करोड़ का रिफंड दिया जाएगा।
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रोडटेप योजना 1 जनवरी, 2021 से ही प्रभावी मानी जाएगी और निर्यातकों को पूर्व स्थिति के अनुपात में पिछला भुगतान किया जाएगा।

सचिव ने कहा, रोडटेप योजना विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) मानकों के अनुरूप है और यह लंबे समय तक काम करने के लिए बनाई गई है। दोनों योजनाओं को मिलाकर निर्यात होने वाले करीब 95 फीसदी उत्पादों पर रियायत मिल जाएगी। 

इन उत्पादों पर छूट नहीं
रोडटेप योजना के तहत इस्पात, रसायन और फार्मा क्षेत्र के उत्पादों पर कर छूट नहीं दी जाती है। जिन उत्पादों पर पहले ही शुल्क या कर से छूट मिलती है, उन पर भी योजना लागू नहीं होगी। इसके अलावा न्यूनतम निर्यात मूल्य, प्रतिबंधित उत्पादों, सेज इकाइयों के उत्पादों पर भी योजना लागू नहीं होगी।

इन खर्चों का मिलेगा रिफंड
निर्यातकों को बिजली-ऊर्जा पर किए खर्च, माल ढुलाई में लगे ईंधन के वैट, कृषि क्षेत्र, बिजली उत्पादन, मंडी टैक्स, स्टांप शुल्क, ईंधन पर लगे केंद्रीय उत्पाद शुल्क के मद में किए भुगतान पर रिफंड दिया जाएगा। यह राशि कुल लागत का 0.5 फीसदी से 4.30 फीसदी हो सकती है। 

मीज व सीज योजनाओं का एरियर 7 सितंबर तक : सचिव
वाणिज्य सचिव ने निर्यातकों को भरोसा दिलाया कि भारत से उत्पाद निर्यात योजना (मीज) व भारत से सेवा निर्यात योजना (सीज) के तहत बाकी पिछले बकाया एरियर का भुगतान सितंबर के पहले सप्ताह में कर दिया जाएगा।

मीज के तहत दो साल का और सीज के तहत एक साल का एरियर बकाया है। दोनों योजनाओं की राशि काफी बड़ी है और हमने वित्त मंत्रालय से 15 दिन की मोहलत मांगी है। हमारी कोशिश है कि सितंबर के पहले सप्ताह में दोनों योजनाओं के एरियर का भुगतान कर दिया जाए।

मीज के तहत जहां, 7,900 उत्पाद आते थे, रोडटेप में 8,555 उत्पाद शामिल होंगे। विदेश व्यापार महानिदेशालय के महानिदेशक अमित यादव ने कहा कि हम रोडटेप योजना पर कानूनी सलाह भी ले रहे हैं।


निर्यातकों को मिलेगी अतिरिक्त पूंजी
रोडटेप योजना का दायरा पहले की योजनाओं से ज्यादा बड़ा है। इससे निर्यातकों को कर छूट के जरिये अतिरिक्त पूंजी मिलेगी। साथ ही भारतीय उत्पादों के दाम वैश्विक स्तर पर ज्यादा प्रतिस्पर्धी होंगे। निर्यात बढ़ाने में यह योजना कारगर सिद्ध होगी। अनुमान है कि इस साल हम 400 अरब डॉलर का निर्यात लक्ष्य पूरा कर लेंगे। 
-ए शक्तिवेल, अध्यक्ष, फियो 

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