नौ राज्यों ने पेट्रोल-डीजल के दाम घटाए, लेकिन इन्होंने दाम घटाने से किया मना
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लगातार बढ़ रहे पेट्रोल-डीजल के दामों पर गुरुवार को केंद्र सरकार ने एक्साइज ड्यूटी कम करके राहत दी है। केंद्र सरकार ने पेट्रोल, डीजल पर 2.50 रुपये प्रति लीटर कटौती करने का ऐलान किया है। केंद्र की घोषणा के बाद कुछ राज्यों ने भी अपने यहां तेल पर ढाई रुपये वैट कम कर दिया। राज्य सरकारों के इस फैसले से लोगों को पेट्रोल-डीजल पर 5 रुपये लीटर तक की राहत मिली है।
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने ऐलान किया कि केंद्र सरकार पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्युटी घटाएगी, इसके अलावा तेल कंपनियां इनपर 1 रुपये कम करेंगी। इस तरह कुल मिलाकर पेट्रोल और डीजल 2.50 रुपये सस्ते हो जाएंगे।
भाजपा शासित उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और असम सरकार ने भी ने भी तेल की कीमतों में 2.50 रुपये की कटौती की है, इसके बाद वहां लोगों को अब पांच रुपये कम कीमत पर पेट्रोल और डीजल मिलेगा। इन राज्यों के बाद अन्य कई राज्य भी पेट्रोल-डीजल के दाम घटाने पर विचार कर रहे हैं।
कर्नाटक और केरल ने पेट्रोल-डीजल के दाम में कटौती करने से किया इनकार
कर्नाटक और केरल के मुख्यमंत्रियों ने पेट्रोल-डीजल के दामों में कटौती करने से इनकार कर दिया है। इस पर कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने कहा कि हमने पिछले महीने ही पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 2 रुपए की कटौती की थी, हमने यह केंद्र के करने से पहले ही कर दिया था।
वित्त मंत्री जेटली ने राज्य सरकारों से भी कीमत घटाने का अनुरोध किया : यदि राज्य भी इतनी ही कटौती करें, तो दामों में पांच रुपये प्रति लीटर की कमी आएगी। गुरुवार को भी इनके दामों में क्रमश: 15 पैसे और 20 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
सार्वजनिक तेल विपणन कंपनियों ने गुरुवार को जारी अधिसूचना में बताया कि पेट्रोल और डीजल के दाम क्रमश: 15 पैसे और 20 पैसे प्रति लीटर बढ़ाये गए हैं। इस वृद्धि के बाद दिल्ली में पेट्रोल अब 84 रुपये प्रति लीटर तथा डीजल 75.45 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया है। यह दोनों का सर्वकालिक उच्च स्तर है।
ईंधन के बढ़ते दाम से किसानों की पहले से बदहाल स्थिति और खराब होने की आशंका है। विशेषकर रबी फसलों पर इसका अधिक प्रभाव पड़ने का अनुमान है। डीजल अभी रिकॉर्ड उच्च कीमत पर बेचा जा रहा है। खेत जोतने के लिए ट्रैक्टर से लेकर सिंचाई के पंपसेट तक डीजल से ही चलते हैं। अत: डीजल महंगा होने से किसानों पर इसका असर पड़ना तय है।
ऐसे मिलेगी 5 रुपये तक की राहत
वित्त मंत्री ने बताया कि उन्होंने राज्य सरकारों से भी वैट में 2.50 रुपये प्रति लीटर की कटौती करने का आग्रह किया है। अगर सभी राज्य सरकारें इस तरह का ऐलान करती हैं तो फिर पेट्रोल-डीजल पर लोगों को 5 रुपये प्रति लीटर की बड़ी राहत मिल जाएगी।
जेटली ने कहा कि तेल के दाम इस साल रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गए हैं। इसके लिए बाहरी दबाव है, जिससे तेल के दाम लगातार बढ़ते जा रहे हैं। पिछले चार सालों में पेट्रोल और डीजल के दाम सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गए हैं। हालांकि सरकार ने अर्थव्यवस्था को स्थिर करने के लिए काफी कदम उठाए हैं। सब्सिडी वाला घरेलू रसोई गैस सिलेंडर भी पहली बार 500 रुपये प्रति सिलिंडर को पार कर गया है।
1 डॉलर की कीमत 73.5 रुपये के पार निकल गई है। आज डॉलर के मुकाबले रुपया 26 पैसे की कमजोरी के साथ 73.60 के स्तर पर खुला, जो अब तक का सबसे निचला स्तर है। वहीं खुलने के बाद डॉलर के मुकाबले रुपया 73.70 तक टूट गया। कल के कारोबार में डॉलर के मुकाबले रुपया 73.34 के स्तर पर बंद हुआ था।
डॉलर के मुकाबले रुपये के 70 के स्तर पार पहुंचने का असर कच्चे तेल के आयात पर हो सकता है। आयात महंगा होगा तो ऑयल मार्केटिंग कंपनियां पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ा सकती हैं। देश में खाने-पीने की चीजों और दूसरे जरूरी सामानों के ट्रांसपोर्टेशन के लिए डीजल का इस्तेमाल होता है।
ऐसे में डीजल महंगा होते ही इन सारी जरूरी चीजों के दाम बढ़ेंगे। साबुन, शैंपू, पेंट इंडस्ट्री की लागत बढ़ेगी, जिससे ये प्रोडक्ट भी महंगे हो सकते हैं।