Ganga Expressway: अदाणी ग्रुप को 'गंगा एक्सप्रेसवे निर्माण' के लिए मिला फाइनेंशियल क्लोजर, जानें डिटेल्स
Ganga Expressway: उत्तर प्रदेश में गंगा एक्सप्रेसवे मेरठ को प्रयागराज से जोड़ेगा। यह डीबीएफओटी (Design, Build, Finance, Operate, Transfer) के आधार पर लागू होने वाला भारत का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे होगा। इसके 594 किलोमीटर की लंबाई में एईएल बदायूं से प्रयागराज तक 464 किलोमीटर का निर्माण करेगी जिसमें 80% एक्सप्रेसवे परियोजना शामिल है।
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अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड (एईएल) की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनियों बदायूं हरदोई रोड प्राइवेट लिमिटेड (बीएचआरपीएल), हरदोई उन्नाव रोड प्राइवेट लिमिटेड (एचयूआरपीएल) और उन्नाव प्रयागराज रोड प्राइवेट लिमिटेड (यूपीआरपीएल) ने सिक्स लेन के ग्रीनफील्ड गंगा एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट के लिए फाइनेंशियल क्लोजर टोल आधारित पीपीपी मोड के तहत हासिल कर लिया है। यह सिक्सलेन आठ लेन तक विस्तार करने योग्य होगा। इसमें रियायत अवधि 30 वर्ष की होगी। इसके लिए रियायत अवधि 30 वर्ष होगी, जिसमें तीन वर्ष की निर्माण अवधि सहित छह वर्ष का यातायात लिंक विस्तार प्रावधान शामिल है।
बता दें कि उत्तर प्रदेश में गंगा एक्सप्रेसवे मेरठ को प्रयागराज से जोड़ेगा। यह डीबीएफओटी (Design, Build, Finance, Operate, Transfer) के आधार पर लागू होने वाला भारत का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे होगा। इसके 594 किलोमीटर की लंबाई में एईएल बदायूं से प्रयागराज तक 464 किलोमीटर का निर्माण करेगी जिसमें 80% एक्सप्रेसवे परियोजना शामिल है।
अदाणी इंटरप्राइजेज लिमिटेड के रोड बिजनेस के सीईओ श्री के पी माहेश्वरी ने कहा, ‘भारत रिकॉर्ड गति से सड़क के बुनियादी ढांचे का निर्माण कर रहा है, जिसकी उसे अपने विकास के लिए जरूरत है, और हमें पूरे देश में बहुत जरूरी सड़क संपर्क प्रदान करने की खुशी है।’
भारतीय स्टेट बैंक ने गंगा एक्सप्रेसवे परियोजनाओं (BHRPL, HURPL और UPRPL) के लिए INR 10,238 करोड़ की संपूर्ण ऋण आवश्यकता को रेखांकित किया है। एसबीआई की इस सुविधा के साथ हम अपने देश और यूपी राज्य को एक और ऐतिहासिक बुनियादी ढांचा प्रदान करने की ओर एक कदम आगे बढ़ गए हैं।
एईएल के सड़क निर्माण पोर्टफोलियो में 18 प्रोजेक्ट्स शामिल हैं। इसका विस्तार 6,400 लेन किलोमीटर से अधिक है। इसका संपत्ति मूल्य करीब 44,000 करोड़ रुपए है। ये परियोजनाएं भारत के दस राज्यों उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश, केरल, गुजरात, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में फैला है। पोर्टफोलियो में एचएएम (हाइब्रिड वार्षिकी मोड), टीओटी (टोल-ऑपरेट-ट्रांसफर) और बीओटी (बिल्ड-ऑपरेट-ट्रांसफर) प्रकार की संपत्तियों का मिश्रण है।