B20: 'जी20 एक आर्थिक निकाय, भू-राजनीतिक संघर्षों से यूएन बेहतर ढंग से निपट सकता है', बोले शेरपा अमिताभ कांत
B20: सीआईआई की ओर से आयोजित बी20 शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए कांत ने हालांकि उम्मीद जताई कि भारत जी-20 देशों को सौहार्दपूर्ण समाधान निकालने के लिए मनाने में सफल होगा। वह युद्ध से संबंधित एक सवाल का जवाब दे रहे थे। कई जी-20 समूह युद्ध के कारण संयुक्त घोषणा नहीं कर पाए हैं।
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भारत में शुक्रवार को बी20 समिट इंडिया 2023 की शुरुआत हुई। बिजनेस 20 या B20 वैश्विक व्यापार समुदाय का प्रतिनिधित्व करने वाले G20 के मंचों में से एक है, जिसे 2010 में स्थापित किया गया था। जी-20 शिखर सम्मेलन अगले महीने आयोजित किया जाएगा। भारत के जी-20 शिखर सम्मेलन के शेरपा अमिताभ कांत ने बी20 समिट के दौरान शुक्रवार को कहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध जैसे भू-राजनीतिक संघर्षों से संयुक्त राष्ट्र सबसे बेहतर तरीके से निपट सकता है क्योंकि जी-20 वैश्विक वृद्धि को बढ़ावा देने वाला एक आर्थिक निकाय है।
जी-20 एक आर्थिक संस्था है, जबकि संयुक्त राष्ट्र एक राजनीतिक निकाय
सीआईआई की ओर से आयोजित बी20 शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए कांत ने हालांकि उम्मीद जताई कि भारत जी-20 देशों को सौहार्दपूर्ण समाधान निकालने के लिए मनाने में सफल होगा। वे रूस-यूक्रेन संघर्ष से संबंधित एक सवाल का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा, कई बार जी-20 समूह युद्ध के कारण संयुक्त घोषणा नहीं कर पाए हैं। कांत की यह टिप्पणी अगले महीने की शुरुआत में भारत की अध्यक्षता में होने वाले जी-20 शिखर सम्मेलन से कुछ दिन पहले आई है। उन्होंने कहा, 'जी-20 वास्तव में एक आर्थिक संस्था है। यह निकाय विकास के लिए है। राजनीतिक निकाय संयुक्त राष्ट्र है, लेकिन युद्ध के मुद्दे खाद्य, ईंधन और उर्वरक पर चुनौतियों का कारण बनते हैं, और ये अर्थशास्त्र से जुड़े हुए हैं, यही अन्य देश कह रहे हैं। कांत ने इस बात पर जोर दिया कि युद्ध हमारी देन नहीं है और चुनौती विकास के मुद्दों को सामने रखने की है।
उन्होंने कहा, "युद्ध के मुद्दों पर, पिछले साल बाली में, हम संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव पर पीछे हट गए, और ... हमें पूरी उम्मीद है कि हम भू-राजनीतिक मुद्दों का सौहार्दपूर्ण (रास्ता) खोजने के लिए सभी को मना लेंगे। भारत की जी-20 अध्यक्षता का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यह ऐसे समय में हो रहा है जब देश अपनी वृद्धि की गति तेज करने में कामयाब रहा है। उन्होंने कहा, "भारत दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। जल्द ही 2027 में, यह दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होगी। कांत ने भारत की जी 20 अध्यक्षता के लिए प्राथमिकताओं को सूचीबद्ध करते हुए ये बातें कही।
विकास के लिए निजी क्षेत्र महत्वपूर्णः अमिताभ कांत
जी 20 शेरपा अमिताभ कांत ने बुनियादी ढांचे के विकास, डिजिटल पहल और स्टार्टअप के क्षेत्र में हाल के वर्षों में भारत की ओर से किए गए विकास पर प्रकाश डाला। बाद में संवाददाताओं से बात करते हुए कांत ने कहा कि बी20 की ओर से गठित सभी टास्क फोर्स ने बहुत सकारात्मक सुझाव दिए हैं। उन्होंने कहा, 'हम उनकी जांच करेंगे, उन्हें जी-20 शेरपाओं के पास ले जाएंगे और देखेंगे कि इनमें से कितने सुझावों को नेताओं तक पहुंचाया जाए। विकास के लिए निजी क्षेत्र को महत्वपूर्ण बताते हुए भारत के जी-20 शेरपा ने कहा कि जी-20 के नेता के रूप में भारत के प्रधानमंत्री का दर्शन यह है कि सरकार को एक सहायक और उत्प्रेरक की भूमिका अदा करनी चाहिए।
एमएसएमई के लिए जेनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और लचीले कार्यबल के लिए एक सामान्य ढांचे के सुझावों के बारे में पूछे जाने पर, कांत ने कहा कि यह एक ऐसा मुद्दा है जिस पर नेता निर्णय लेंगे।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को बी20 समिट इंडिया 2023 को संबोधित करेंगे, जिसमें दुनिया भर के 1700 से अधिक बिजनेस लीडर और विशेषज्ञ भाग लेंगे। कुल मिलाकर, बी 20 इंडिया विज्ञप्ति के अनावरण के साथ 32 सिफारिशें और 170 से अधिक नीतिगत कार्रवाइयां (पॉलिसी एक्शन) जारी की जाएंगी। रविवार को शिखर सम्मेलन के अंत में बी-20 की अध्यक्षता ब्राजील को सौंप दी जाएगी। इस बार बी20 का विषय सभी व्यवसायों के लिए जिम्मेदार, त्वरित, अभिनव, टिकाऊ और न्यायसंगत पहुंच सुनिश्चित करने पर केंद्रित है।