एफएसएसएआई का बड़ा कदम: नीलगिरी ऑयल के धनिया पाउडर और एक्वाग्री के उत्पाद बाजार से हटाने का आदेश, जानिए सबकुछ
खाद्य नियामक एफएसएसएआई ने निलगिरी ऑयल एंड एलाइड इंडस्ट्रीज के धनिया पाउडर और एक्वाग्री प्रोसेसिंग के कैरागीनन उत्पाद को बाजार से तुरंत वापस बुलाने का आदेश दिया है। उच्च कीटनाशक अवशेष और कैडमियम की अधिकता के कारण ये उत्पाद असुरक्षित पाए गए। आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं।
विस्तार
खाद्य नियामक एफएसएसएआई ने उपभोक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। नियामक ने दो कंपनियों, निलगिरी ऑयल एंड एलाइड इंडस्ट्रीज और एक्वाग्री प्रोसेसिंग, को अपने दो उत्पादों को तुरंत बाजार से वापस बुलाने का निर्देश दिया है। इन उत्पादों में उच्च कीटनाशक अवशेष और सुरक्षा संबंधी चिंताएं पाई गई हैं। एफएसएसएआई ने बीते शनिवार को एक सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से इस कार्रवाई की जानकारी दी।
एफएसएसएआई ने खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 के तहत इन फूड बिजनेस ऑपरेटर्स को वापसी के आदेश जारी किए हैं। यह कार्रवाई प्रयोगशाला परीक्षण और मूल्यांकन के बाद की गई है। निलगिरी ऑयल एंड एलाइड इंडस्ट्रीज के 'शालीमार्स शेफ- धनिया पाउडर' में कीटनाशक अवशेष निर्धारित मानकों से अधिक पाए गए। वहीं, एक्वाग्री प्रोसेसिंग के 'कैरागीनन' उत्पाद को सुरक्षा संबंधी चिंताओं के कारण वापस लेने को कहा गया है।
एफएसएसएआई के दक्षिणी क्षेत्र द्वारा लिए गए 'कैरागीनन' के नमूने में कैडमियम की मात्रा असंतोषजनक पाई गई। यह उत्पाद निर्धारित विशिष्टताओं के अनुरूप नहीं था। खाद्य विश्लेषक ने दोनों नमूनों को "असुरक्षित" घोषित किया। दोबारा परीक्षण में भी परिणाम वही रहे। नियामक ने कहा कि इन उत्पादों का निर्माण एफएसएस अधिनियम, 2006 के प्रावधानों का उल्लंघन करता है।
किन उत्पादों को वापस बुलाया गया और क्यों?
एफएसएसएआई ने निलगिरी ऑयल एंड एलाइड इंडस्ट्रीज को 'शालीमार्स शेफ - धनिया पाउडर' को तत्काल वापस बुलाने का आदेश दिया है। कंपनी के परिसर से लिए गए इस धनिया पाउडर के नियामक नमूने में कीटनाशक अवशेष निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं थे। इसे असुरक्षित पाया गया। इसी तरह, एक्वाग्री प्रोसेसिंग को अपने 'कैरागीनन' उत्पाद को बाजार से हटाने का निर्देश मिला है। इस उत्पाद में कैडमियम की मात्रा अधिक पाई गई, जिससे यह असुरक्षित श्रेणी में आ गया।
एफएसएसएआई ने कैसे की जांच?
खाद्य नियामक ने इन उत्पादों के नियामक नमूने लिए थे। 'कैरागीनन' का नमूना FSSAI के दक्षिणी क्षेत्र द्वारा लिया गया था। 'शालीमार्स शेफ - धनिया पाउडर' का नमूना कंपनी के परिसर से लिया गया। दोनों नमूनों का प्रयोगशाला में परीक्षण किया गया। प्रारंभिक परीक्षण में ही वे असुरक्षित पाए गए। इसके बाद दोबारा परीक्षण भी किया गया, जिसमें भी वही असंतोषजनक परिणाम सामने आए। इन परीक्षणों के आधार पर ही एफएसएसएआई ने वापसी के आदेश जारी किए।
क्या एफएसएसएआई की कार्रवाई तेज हुई है?
पिछले छह महीनों में एफएसएसएआई ने खाद्य कारोबार संचालकों के खिलाफ प्रवर्तन कार्रवाई तेज की है। नियामक का उद्देश्य उपभोक्ताओं को सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराना है। एफएसएसएआई अपनी इन कार्रवाइयों को सोशल मीडिया मंचों पर भी साझा कर रहा है। नियामक ने ऊर्जा पेय और मादक पेय बनाने वाली कंपनियों पर भी शिकंजा कसा है। कई पांच सितारा होटलों को भी नोटिस जारी किए गए हैं।