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FDI: देश में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश एक लाख करोड़ डॉलर के पार, सिंगापुर से आया सबसे अधिक पैसा
Sun, 08 Dec 2024 09:41 PM IST
राहुल कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: राहुल कुमार
Updated Sun, 08 Dec 2024 09:41 PM IST
सार
Foreign direct investment: उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) के आंकड़ों के मुताबिक, करीब साढ़े चार साल की इस अवधि में इक्विटी, पुनर्निवेशित आय और अन्य पूंजी सहित एफडीआई की कुल राशि 1.03 लाख करोड़ डॉलर रही।
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निवेश प्रस्ताव
- फोटो : Istock
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विस्तार
देश में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) प्रवाह अप्रैल, 2000 से सितंबर, 2024 के दौरान एक लाख करोड़ डॉलर के पार पहुंच गया है। इससे वैश्विक स्तर पर एक सुरक्षित और प्रमुख निवेश गंतव्य के रूप में भारत की प्रतिष्ठा को मान्यता मिलती है।
उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) के आंकड़ों के मुताबिक, करीब साढ़े चार साल की इस अवधि में इक्विटी, पुनर्निवेशित आय और अन्य पूंजी सहित एफडीआई की कुल राशि 1.03 लाख करोड़ डॉलर रही। इसमें से करीब 25 फीसदी यानी 177.18 अरब डॉलर का एफडीआई मॉरीशस मार्ग से आया।
सिंगापुर की हिस्सेदारी 24 फीसदी (167.47 अरब डॉलर), अमेरिका की 10 फीसदी (67.8 अरब डॉलर), नीदरलैंड की सात फीसदी, जापान की छह फीसदी, ब्रिटेन की पांच फीसदी और संयुक्त अरब अमीरात की तीन फीसदी रही।
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ज्यादातर निवेश इन क्षेत्रों में
अप्रैल, 2000 से सितंबर, 2024 के बीच ज्यादातर एफडीआई सेवा क्षेत्र, कंप्यूटर सॉफ्टवेयर व हार्डवेयर, दूरसंचार, व्यापार, निर्माण विकास, ऑटोमोबाइल, रसायन और दवा क्षेत्र में आया।
10 साल में 119 फीसदी बढ़ा एफडीआई प्रवाह
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के मुताबिक, 2014 से 2024 के बीच भारत ने 667.4 अरब डॉलर का कुल एफडीआई प्रवाह आकर्षित किया है। यह पिछले दशक (2004-14) की तुलना में 119 फीसदी अधिक है। एक अधिकारी ने बताया, 2014-24 के दौरान विनिर्माण क्षेत्र में एफडीआई इक्विटी प्रवाह 2004-14 की तुलना में 69 फीसदी बढ़कर 165.1 अरब डॉलर पहुंच गया।
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उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) के आंकड़ों के मुताबिक, करीब साढ़े चार साल की इस अवधि में इक्विटी, पुनर्निवेशित आय और अन्य पूंजी सहित एफडीआई की कुल राशि 1.03 लाख करोड़ डॉलर रही। इसमें से करीब 25 फीसदी यानी 177.18 अरब डॉलर का एफडीआई मॉरीशस मार्ग से आया।
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सिंगापुर की हिस्सेदारी 24 फीसदी (167.47 अरब डॉलर), अमेरिका की 10 फीसदी (67.8 अरब डॉलर), नीदरलैंड की सात फीसदी, जापान की छह फीसदी, ब्रिटेन की पांच फीसदी और संयुक्त अरब अमीरात की तीन फीसदी रही।
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ज्यादातर निवेश इन क्षेत्रों में
अप्रैल, 2000 से सितंबर, 2024 के बीच ज्यादातर एफडीआई सेवा क्षेत्र, कंप्यूटर सॉफ्टवेयर व हार्डवेयर, दूरसंचार, व्यापार, निर्माण विकास, ऑटोमोबाइल, रसायन और दवा क्षेत्र में आया।
10 साल में 119 फीसदी बढ़ा एफडीआई प्रवाह
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के मुताबिक, 2014 से 2024 के बीच भारत ने 667.4 अरब डॉलर का कुल एफडीआई प्रवाह आकर्षित किया है। यह पिछले दशक (2004-14) की तुलना में 119 फीसदी अधिक है। एक अधिकारी ने बताया, 2014-24 के दौरान विनिर्माण क्षेत्र में एफडीआई इक्विटी प्रवाह 2004-14 की तुलना में 69 फीसदी बढ़कर 165.1 अरब डॉलर पहुंच गया।