फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   FM Sitharaman holds pre-budget consultation with representatives of trade unions

Budget 2025: वित्त मंत्री ने ट्रेड यूनियन प्रतिनिधियों के साथ बजट पर की चर्चा; संगठनों की मांग क्या, आइए जानें

Mon, 06 Jan 2025 02:36 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कुमार विवेक Updated Mon, 06 Jan 2025 02:36 PM IST
सार

Budget 2025: केंद्रीय वित्त और कॉर्पोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को हितधारकों और ट्रेड यूनियनों के प्रतिनिधियों के साथ आठवीं बजट पूर्व परामर्श बैठक की। इस दौरान केंद्रीय बजट 2025-26 की तैयारियों पर चर्चा की गई। यह बजट पूर्व आठवीं परामर्श बैठक है। आइए इस बैठक के बारे में और जानें।

विज्ञापन
FM Sitharaman holds pre-budget consultation with representatives of trade unions
बजट पूर्व परामर्श बैठक में मौजूद वित्त मंत्री व अन्य। - फोटो : x.com/@FinMinIndia

विस्तार

केंद्रीय वित्त और कॉरपोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को हितधारकों और ट्रेड यूनियनों के प्रतिनिधियों के साथ आठवीं बजट पूर्व परामर्श बैठक की। इस दौरान केंद्रीय बजट 2025-26 की तैयारियों पर चर्चा की गई। बैठक के दौरान ट्रेड यूनियनों के दृष्टिकोण को समझने की कोशिश की गई।

विज्ञापन


वित्त मंत्रालय ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, "केंद्रीय वित्त और कॉरपोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण ने नई दिल्ली में आगामी केंद्रीय बजट 2025-26 के संबंध में हितधारकों और ट्रेड यूनियनों के प्रतिनिधियों के साथ आठवीं प्री-बजट परामर्श बैठक की अध्यक्षता की।"

विज्ञापन

बैठक के दौरान वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी भी रहे मौजूद

बैठक में केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी के साथ-साथ वित्त सचिव, आर्थिक मामलों के विभाग और निवेश व सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग (DIPAM) के सचिवों और श्रम मंत्रालय के प्रतिनिधियों सहित शीर्ष अधिकारियों ने भाग लिया। भारत सरकार में मुख्य आर्थिक सलाहकार भी मौजूद रहे। 

विज्ञापन
विज्ञापन


01 फरवरी 2025 कोपेश किए जाने वाले केंद्रीय बजट 2025-26 में प्रमुख आर्थिक चुनौतियों का समाधान करने और विकास को बढ़ावा दिए जाने की उम्मीद है। इससे पहले सीतारमण ने गुरुवार को अपनी बजट-पूर्व परामर्श बैठकों की शृंखला के तहत वित्तीय क्षेत्र और पूंजी बाजार के हितधारकों से मुलाकात की।

वार्षिक बजट तैयार करने की औपचारिक कवायद हो चुकी है शुरू

वित्त मंत्रालय विशेषज्ञों, उद्योग जगत के नेताओं, अर्थशास्त्रियों और राज्य के अधिकारियों के साथ कई बजट-पूर्व परामर्श बैठकें आयोजित करता है। अगले वित्तीय वर्ष के लिए वार्षिक बजट तैयार करने की औपचारिक कवायद शुरू हो चुकी है। सीतारमण ने अब तक एमएसएमई, किसान संघों और अर्थशास्त्रियों सहित विभिन्न हितधारकों के साथ कई बैठकें की हैं। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी पिछले सप्ताह नीति आयोग परिसर में केंद्रीय बजट 2025-26 की तैयारी के लिए प्रख्यात अर्थशास्त्रियों और विचारकों के एक समूह के साथ बातचीत की थी। परंपरा के अनुसार 2025-26 का केंद्रीय बजट 1 फरवरी, 2025 को पेश किया जाएगा। 2025-26 का बजट वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का आठवां बजट होगा। सभी की निगाहें मोदी सरकार की तीसरी पारी के शेष कार्यकाल के लिए प्रमुख घोषणाओं और सरकार के आर्थिक दिशा-निर्देशों पर रहेंगी।

परामर्श बैठक में संगठनों ने क्या मांग की?

बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए टीयूसीसी के राष्ट्रीय महासचिव एसपी तिवारी ने कहा कि सरकार को सार्वजनिक उपक्रमों के निजीकरण और निगमीकरण को रोकना चाहिए और अनौपचारिक श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा निधि के लिए सुपर रिच पर 2 प्रतिशत अतिरिक्त कर लगाना चाहिए। तिवारी ने यह भी मांग की कि कृषि श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा दी जानी चाहिए और उनकी न्यूनतम मजदूरी भी तय की जानी चाहिए।

भारतीय मजदूर संघ के संगठन सचिव (उत्तरी क्षेत्र) पवन कुमार ने कहा कि ईपीएस-95 के तहत न्यूनतम पेंशन को पहले कदम के रूप में 1,000 रुपये प्रति माह से बढ़ाकर 5,000 रुपये महीना किया जाना चाहिए और बाद में इसे वीडीए (परिवर्तनीय महंगाई भत्ता) से जोड़ा जाना चाहिए। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि आयकर छूट की सीमा बढ़ाकर 10 लाख रुपये की जानी चाहिए। साथ ही पेंशन से होने वाली आय को भी कर से मुक्त किया जाना चाहिए। कुमार ने मांग की कि सरकारी कर्मचारियों के वेतन ढांचे को संशोधित करने के लिए 8वें वेतन आयोग का तुरंत गठन किया जाए।

सीआईटीयू के राष्ट्रीय सचिव स्वदेश देव रॉय ने मांग की है कि 8वें वेतन आयोग का तुरंत गठन किया जाना चाहिए क्योंकि फरवरी 2014 में 7वें वेतन आयोग के गठन के बाद से 10 वर्ष से अधिक समय बीत चुका है। देव रॉय ने सीपीएसई में स्थायी कर्मचारियों की संख्या 1980 के दशक के 21 लाख से घटकर 2023-24 में 8 लाख से अधिक होने पर भी चिंता व्यक्त की।


 
एनएफआईटीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष दीपक जायसवाल ने असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा लाभ प्रदान करने के लिए कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) और कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) के लिए अलग से बजट आवंटन की मांग की।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed