USA: बैंक ऑफ अमेरिका पर 820 करोड़ का जुर्माना, इनाम का बोनस रोकने पर हुई कार्रवाई; सेबी ने भी लगाया अर्थदंड
अमेरिका के मुद्रा नियंत्रक कार्यालय (ओसीसी) ने अपनी जांच में यह भी पाया कि शुल्क में बैंक की दोगुनी कटौती अवैध थी। उपभोक्ता वित्तीय संरक्षण ब्यूरो ने मंगलवार को कहा कि बैंक ऑफ अमेरिका अपने संगठन को 9 करोड़ डॉलर और ओसीसी को 6 करोड़ डॉलर का जुर्माना देगा।
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कुछ शुल्कों में दोगुनी कटौती, इनाम का बोनस रोकने और ग्राहकों की सहमति के बिना खाता खोलने के मामले में बैंक ऑफ अमेरिका पर 10 करोड़ डॉलर से अधिक (820 करोड़ रुपये) का जुर्माना लगा है। बैंक को जुर्माने की यह रकम ग्राहकों को देनी होगी। अमेरिका के मुद्रा नियंत्रक कार्यालय (ओसीसी) ने अपनी जांच में यह भी पाया कि शुल्क में बैंक की दोगुनी कटौती अवैध थी। उपभोक्ता वित्तीय संरक्षण ब्यूरो ने मंगलवार को कहा कि बैंक ऑफ अमेरिका अपने संगठन को 9 करोड़ डॉलर और ओसीसी को 6 करोड़ डॉलर का जुर्माना देगा। 31 मार्च तक बैंक की समेकित संपत्ति 2.4 लाख करोड़ डॉलर और घरेलू जमा 1.9 लाख करोड़ डॉलर थी।
सेबी ने दो लोगों पर लगाया 25.20 करोड़ जुर्माना
हिरन ऑर्गेनिक के ग्लोबल डिपॉजिटरी रिसीट (जीडीआर) के शेयरों में हेराफेरी मामले में भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने दो लोगों पर 25.20 करोड़ का जुर्माना लगाया है। अरुण पंचारिया पर 25 करोड़ और मुकेश चौरडिया पर 20 लाख का जुर्माना लगा है। दोनों को यह रकम 45 दिन में भरनी होगी। जीडीआर अप्रैल, 2010 में आया था।
रेलिगेयर इंटरप्राइजेज मामले में 11 कंपनियों को 6 करोड़ का नोटिस
सेबी ने रेलिगेयर एंटरप्राइजेज लि. की अनुषंगी रेलिगेयर फिनवेस्ट के कोष की हेराफेरी मामले में 11 कंपनियों को 15 दिन में 6 करोड़ चुकाने को कहा है। नियामक ने कहा, नियत समय में राशि नहीं जमा करने पर कंपनियों की संपत्तियां एवं खाते कुर्क होंगे। गिरफ्तारी या हिरासत में लेने का विकल्प भी है। टोरस बिल्डकॉन, आर्टिफाइस प्रॉपर्टीज, रोजस्टार मार्केटिंग, ऑस्कर इन्वेस्टमेंट, सौभाग्य बिल्डकॉन आदि कंपनियों को नोटिस भेजा गया है।
जी-सोनी विलय पर फैसला सुरक्षित
एनसीएलटी ने कर्जदाताओं की दलीलें सुनने के बाद सोमवार को जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज और कल्वर मैक्स एंटरटेनमेंट (पहले सोनी पिक्चर्स) के विलय पर फैसला सुरक्षित रख लिया है।