Digital Payment: 'भारत में हो रहा दुनिया का 50% रियल टाइम डिजिटल ट्रांजैक्शन', बोलीं वित्त मंत्री सीतारमण
वित्त मंत्री ने कहा कि वित्त वर्ष 2024-25 में भारत ने 261 लाख करोड़ रुपये मूल्य के 18,580 करोड़ से ज्यादा यूपीआई लेनदेन किए। एक दशक में, हमने यूरोपीय संघ के बराबर आबादी को डिजिटल माध्यमों से जोड़ा है। उन्होंने आगे कहा कि दुनिया भर में फिनटेक कंपनियों की संख्या के मामले में भारत तीसरे स्थान पर है।
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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि भारत डिजिटल भुगतान प्रणाली में अग्रणी है और दुनिया के आधे रियल टाइम डिजिटल लेनदेन देश में ही होते हैं। मुंबई में ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2025 में बोलते हुए, सीतारमण ने कहा कि दुनिया के आधे रियल टाइम डिजिटल लेनदेन भारत में होते हैं, जिनकी अपनाने की दर 87% है, जबकि वैश्विक औसत 67% है।
फिनटेक कंपनियों की संख्या के मामले भारत तीसरे स्थान पर
उन्होंने आगे कहा कि वित्त वर्ष 2024-25 में भारत ने 261 लाख करोड़ रुपये मूल्य के 18,580 करोड़ से ज्यादा यूपीआई लेनदेन किए। वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि भारत में फिनटेक कोई विशिष्ट शहरी सुविधा नहीं है, बल्कि यह देशव्यापी आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देने वाला है। सीतारमण ने कहा कि एक दशक में, हमने यूरोपीय संघ के बराबर आबादी को डिजिटल माध्यमों से जोड़ा है। उन्होंने आगे कहा कि दुनिया भर में फिनटेक कंपनियों की संख्या के मामले में भारत तीसरे स्थान पर है। भारत ने आधार, यूपीआई और डिजिलॉकर जैसे डिजिटल बुनियादी ढांचे के माध्यम से सार्वजनिक वित्त के संचालन के तरीके को बदला है, और भविष्य में भी ये तरीके अपनाए जाएंगे।
डीपफेक वीडियो पर जताई चिंता
वित्त मंत्री ने एआई के दुरुपयोग पर चिंता जताई और कहा कि उन्होंने अपने कई डीपफेक वीडियो ऑनलाइन देखे हैं। उन्होंने सार्वजनिक विश्वास बनाए रखने के लिए सुरक्षा उपायों को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि जो उपकरण नवाचार को आगे बढ़ाते हैं, वही धोखाधड़ी और भ्रम फैलाने के लिए इस्तेमाल किए जा सकते हैं। मैं इसे व्यक्तिगत रूप से नहीं ले रही, लेकिन कह सकती हूं कि मेरे कई डीपफेक वीडियो ऑनलाइन फैलाए गए हैं, जिन्हें नागरिकों को गुमराह करने और तथ्यों को विकृत करने के लिए बदला गया है।सीतारमण ने यह भी कहा कि पूरे इकोसिस्टम फिनटेक नवप्रवर्तक, निवेशक और नियामक की जिम्मेदारी है कि सिस्टम नवाचारी होने के साथ-साथ मजबूत, सुरक्षित और समावेशी हों। उन्होंने प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) के उन प्रयासों की भी सराहना की, जो निवेशकों को लक्षित करने वाले प्रतिरूपण और झूठे प्रतिनिधित्व को रोकने के लिए समर्पित UPI हैंडल के माध्यम से किए जा रहे हैं।