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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की सिंगापुर यात्रा: भारत-सिंगापुर संबंध होंगे और मजबूत? जानें क्या अपडेट

Fri, 09 Oct 2026 08:30 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कुमार विवेक Updated Fri, 09 Oct 2026 08:30 PM IST
सार

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सिंगापुर के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से मुलाकात की। इस दौरान द्विपक्षीय सहयोग, वैश्विक आर्थिक विकास और निवेश के अवसरों पर चर्चा हुई। सिंगापुर भारत में सबसे बड़ा प्रत्यक्ष विदेशी निवेश स्रोत है।

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Finance Minister Sitharaman's Singapore Visit: Boosting Bilateral Ties and Investments
सिंगापुर यात्रा के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण। - फोटो : amarujala.com

विस्तार

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को सिंगापुर के राष्ट्रपति थारमन शनमुगरत्नम और प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग से मुलाकात की। इस दौरान दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत करने पर गहन चर्चा हुई। वित्त मंत्रालय ने एक्स पर एक पोस्ट में बताया कि यह बैठक व्यापक रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण अवसर थी।

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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 9 से 11 अक्तूबर तक सिंगापुर की तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर हैं। इस यात्रा का उद्देश्य दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाना है। उन्होंने सिंगापुर के विदेश मंत्री विवियन बालकृष्णन से भी मुलाकात की। इन मुलाकातों से भारत और सिंगापुर के बीच व्यापार और निवेश के नए रास्ते खुलने की संभावना है।

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किन मुद्दों पर हुई चर्चा?

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सिंगापुर के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के साथ कई अहम मुद्दों पर विचार-विमर्श किया। उन्होंने वैश्विक आर्थिक विकास की वर्तमान स्थिति पर चर्चा की। इसके साथ ही, जारी ऊर्जा संकट से निपटने के तरीकों पर भी बात हुई। सिंगापुर के प्रधानमंत्री ने एक्स पर बताया कि उनकी वित्त मंत्री के साथ अच्छी बातचीत हुई। वित्त मंत्री ने भारत में हो रहे नए विकास कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने सिंगापुर के नेताओं को भारत में निवेश और सहयोग के नए अवसरों से भी अवगत कराया।

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सिंगापुर भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?

सिंगापुर भारत के लिए प्रत्यक्ष विदेशी निवेश का सबसे बड़ा स्रोत है। अप्रैल 2000 से मार्च 2026 तक भारत में सिंगापुर से कुल 194.68 अरब डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश आया है। यह आंकड़ा दोनों देशों के मजबूत आर्थिक संबंधों को दर्शाता है। सिंगापुर के संस्थागत निवेशक, जिनमें जीआईसी और टेमासेक शामिल हैं, भारतीय अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण निवेश रखते हैं। इन निवेशकों ने भारत के विभिन्न क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर पूंजी लगाई है। ये निवेश भारत के दीर्घकालिक वृद्धि की संभावनाओं में सिंगापुर की गहरी रुचि दर्शाते हैं।

इस यात्रा का क्या उद्देश्य है?

इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य भारत और सिंगापुर के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाना है। दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सहयोग को और अधिक मजबूत करना भी इसका लक्ष्य है। वित्त मंत्रालय ने बताया कि बैठक में विचारों का आदान-प्रदान हुआ। विदेश मंत्री विवियन बालकृष्णन ने सोशल मीडिया पर कहा कि सिंगापुर की कंपनियों के लिए भारत के दीर्घकालिक वृद्धि की संभावनाओं में भाग लेने के कई अवसर हैं। उन्होंने वित्त मंत्री की सिंगापुर यात्रा के सफल होने की कामना की। यह यात्रा भविष्य में दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को और गति देगी।

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