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RBI: परिवारों पर कर्ज का दबाव बढ़ा, क्रेडिट कार्ड से खर्च घटकर आठ महीने के निचले स्तर पर
Tue, 01 Apr 2025 05:02 AM IST
निर्मल कांत
ब्यूरो, नई दिल्ली।
ब्यूरो, नई दिल्ली।
Published by: निर्मल कांत
Updated Tue, 01 Apr 2025 05:02 AM IST
सार
RBI: फरवरी में क्रेडिट कार्ड खर्च 1.67 लाख करोड़ रुपये तक घटकर आठ महीने के निचले स्तर पर आ गया, जबकि नए क्रेडिट कार्ड की संख्या भी आधी हो गई। असुरक्षित ऋण पर दबाव बढ़ने से खर्च में गिरावट हो सकती है।
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कर्ज का बोझ।
- फोटो : फ्री पिक
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विस्तार
क्रेडिट कार्ड के जरिये उपभोक्ता खर्च फरवरी में घटकर आठ महीने के निचले स्तर 1.67 लाख करोड़ रुपये पर आ गया है। जनवरी में 1.84 लाख करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। यह रुझान देश के विवेकाधीन खर्च में गिरावट को दर्शाता है।
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भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के आंकड़ों के अनुसार, इस गिरावट के साथ ही नए क्रेडिट कार्ड की संख्या भी जनवरी के 8.20 लाख से लगभग आधी होकर फरवरी में 4.40 लाख रह गई। कुल क्रेडिट कार्डों की संख्या बढ़कर 10.13 करोड़ हो गई। पॉइंट ऑफ सेल पर लेनदेन 62,125 करोड़ रुपये रहा, जो जनवरी 2025 में 69,429 करोड़ रुपये था। ई-कॉमर्स पर भुगतान 1.15 लाख करोड़ रुपये से घटकर 1.05 लाख करोड़ रुपये रह गया। क्रेडिट कार्ड के प्रमुख जारीकर्ताओं के लेनदेन में भी गिरावट आई है। सबसे ज्यादा क्रेडिट कार्ड जारी करने वाले एचडीएफसी बैंक के क्रेडिट कार्ड से खर्च फरवरी में घटकर 46,378 करोड़ रुपये रह गया।
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असुरक्षित ऋण को लेकर दबाव बढ़ा
कुछ महीने से असुरक्षित ऋण को लेकर दबाव बढ़ रहा है। परिवारों पर कर्ज बढ़ रहा है। इससे आगे भी कार्ड जारी करने व क्रेडिट कार्ड पर खर्च में गिरावट आ सकती है।
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केंद्रीय बैंकों ने खरीदा 3,175 टन सोना
पिछले 15 वर्षों में सामूहिक रूप से शुद्ध खरीदार रहने वाले केंद्रीय बैंकों ने तीन वर्षों में 3,175 टन से अधिक सोने की खरीदी की है। 2024 में 30 फीसदी महंगे होने के बावजूद आरबीआई ने 73 टन सोना खरीदा था। वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान सबसे बड़े सोने के खरीदार चालू वित्त वर्ष में भी खरीदी को जारी रखेंगे। विश्व स्वर्ण परिषद का कहना है कि दुनियाभर के केंद्रीय बैंक 2025 में 2024 की तुलना में ज्यादा सोना खरीद सकते हैं। इससे कीमतों में तेजी बनी रहेगी।
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बाजार की अस्थिरता का नया दौर
निर्मल बंग की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ के प्रभाव को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच बाजारों में अस्थिरता का एक नया दौर शुरू हो गया है, जिसकी घोषणा 2 अप्रैल को होने वाली है। निवेशकों द्वारा सुरक्षा की तलाश ने सोने की पिछले साल की मजबूत बढ़त को आगे बढ़ाया है।
3,500 डॉलर जा सकता है भाव
बैंक ऑफ अमेरिका ग्लोबल रिसर्च के अनुसार, अगर गैर-वाणिज्यिक खरीद में 10 प्रतिशत की वृद्धि होती है, तो अगले 18 महीनों में सोना 3,500 डॉलर प्रति औंस तक पहुंचने की संभावना है। दुनियाभर के केंद्रीय बैंक अपने पोर्टफोलियो को और बढ़ाने के लिए सोने की होल्डिंग को मौजूदा औसतन 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 30 प्रतिशत से अधिक भी कर सकते हैं।
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