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इथेनॉल: डिस्टिलर्स ने मक्का आधारित उत्पाद का भाव 75 रुपये प्रति लीटर करने की मांग की, जानिए क्या परेशानी
Mon, 26 Oct 2026 04:48 PM IST
कुमार विवेक
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कुमार विवेक
Updated Mon, 26 Oct 2026 04:48 PM IST
सार
- ऑल इंडिया डिस्टिलर्स एसोसिएशन (एआईडीए) ने सरकार से मक्का आधारित इथेनॉल का खरीद मूल्य 75 रुपये प्रति लीटर करने की मांग की है।
- मौजूदा कीमतों पर उत्पादन अलाभकारी होने और मक्के के दाम बढ़ने के कारण यह मांग की गई है। एसोसिएशन ने इथेनॉल ब्लेंडिंग कार्यक्रम के लिए स्पष्ट रोडमैप की भी मांग की।
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- फोटो : संवाद
विस्तार
ऑल इंडिया डिस्टिलर्स एसोसिएशन (AIDA) ने सरकार से मक्का आधारित इथेनॉल का खरीद मूल्य 75 रुपये प्रति लीटर करने की मांग की है। एसोसिएशन का कहना है कि मौजूदा दरों पर इथेनॉल उत्पादन अलाभकारी हो गया है। उन्होंने इथेनॉल ब्लेंडिंग कार्यक्रम (EBP) के लिए एक स्पष्ट रोडमैप भी मांगा है। यह मांग सोमवार को की गई।
यह मांग ऐसे समय में आई है जब भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) ने तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) की ओर से निविदा जारी की है। इस निविदा में नवंबर से शुरू होने वाले आपूर्ति वर्ष के लिए करीब 11 अरब लीटर इथेनॉल की मांग की गई है। इसका उद्देश्य पेट्रोल में 20 फीसदी इथेनॉल मिश्रण की आवश्यकता को पूरा करना है। बीपीसीएल ने मक्का आधारित इथेनॉल के लिए प्रोत्साहन राशि घटा दी है। इससे खरीद मूल्य 71.86 रुपये प्रति लीटर से घटकर 68.86 रुपये प्रति लीटर हो गया है। एआईडीए के अध्यक्ष विजेंद्र सिंह ने बताया कि मौजूदा कीमतों पर इथेनॉल निर्माता लाभ नहीं कमा पाएंगे। एक साल पहले मक्के की कीमत 17-18 रुपये प्रति किलोग्राम थी, जो अब बढ़कर 27 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है। उन्होंने ब्याज बोझ सहित अन्य लागतों का भी जिक्र किया।
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यह मांग ऐसे समय में आई है जब भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) ने तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) की ओर से निविदा जारी की है। इस निविदा में नवंबर से शुरू होने वाले आपूर्ति वर्ष के लिए करीब 11 अरब लीटर इथेनॉल की मांग की गई है। इसका उद्देश्य पेट्रोल में 20 फीसदी इथेनॉल मिश्रण की आवश्यकता को पूरा करना है। बीपीसीएल ने मक्का आधारित इथेनॉल के लिए प्रोत्साहन राशि घटा दी है। इससे खरीद मूल्य 71.86 रुपये प्रति लीटर से घटकर 68.86 रुपये प्रति लीटर हो गया है। एआईडीए के अध्यक्ष विजेंद्र सिंह ने बताया कि मौजूदा कीमतों पर इथेनॉल निर्माता लाभ नहीं कमा पाएंगे। एक साल पहले मक्के की कीमत 17-18 रुपये प्रति किलोग्राम थी, जो अब बढ़कर 27 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है। उन्होंने ब्याज बोझ सहित अन्य लागतों का भी जिक्र किया।
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डिस्टिलर्स को क्यों चाहिए अधिक दाम?
विजेंद्र सिंह ने सुझाव दिया कि कीमतें बढ़ाकर 75 रुपये प्रति लीटर की जानी चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि इथेनॉल संयंत्र अपनी 100 फीसदी क्षमता पर काम नहीं कर रहे हैं। कुल स्थापित क्षमता लगभग 2,000 करोड़ लीटर है। इसमें से 1,300 करोड़ लीटर क्षमता अनाज आधारित इथेनॉल संयंत्रों में है। मक्का आधारित इथेनॉल उत्पादन में कच्चे माल की खरीद, प्रसंस्करण और परिचालन लागत काफी अधिक होती है। अनाज आधारित डिस्टिलरीज में निवेश बनाए रखने के लिए उचित प्रोत्साहन समर्थन महत्वपूर्ण है।
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