फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   Equity Savings Fund is better Investment option

इक्विटी सेविंग फंड : निवेश का बेहतर विकल्प, न ज्यादा रिटर्न, न ज्यादा जोखिम, पढ़ें काम की खबर

Mon, 15 May 2023 06:14 AM IST
Jeet Kumar अजीत सिंह, नई दिल्ली।
अजीत सिंह, नई दिल्ली। Published by: Jeet Kumar Updated Mon, 15 May 2023 06:14 AM IST
सार

अगर आप एक परंपरावादी या रूढ़िवादी निवेशक हैं, जो न तो ज्यादा रिटर्न चाहते हैं और न ज्यादा जोखिम चाहते हैं तो आप इक्विटी सेविंग फंड को चुन सकते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि इसमें इक्विटी, डेट के साथ कई सारे और सेगमेंट भी होते हैं। इस विविधीकरण के फायदे और घाटे का गणित बताती अजीत सिंह की रिपोर्ट-

विज्ञापन
Equity Savings Fund is better Investment option
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

कई साधनों में होता है निवेश

विज्ञापन

यदि आप एक रूढ़िवादी या पुरानी पद्धति का अनुसरण करने वाले निवेशक हैं और डेट उत्पाद में पैसा लॉक-इन नहीं करना चाहते हैं, तो इक्विटी सेविंग फंड इसका एक बेहतरीन तरीका है। यह एक प्रकार का हाइब्रिड फंड है जिसमें इक्विटी, डेट और इक्विटी आर्बिट्राज में निवेश के अवसर मिलते हैं। आर्बिट्राज का विकल्प इक्विटी सेविंग कैटेगरी को अन्य हाइब्रिड फंडों से अलग करता है। नियमों के अनुसार, एक इक्विटी सेविंग स्कीम को इक्विटी और इक्विटी से संबंधित साधनों में कम से कम 65 फीसदी निवेश करना चाहिए जबकि डेट में न्यूनतम आवंटन 10 फीसदी से कम नहीं होना चाहिए।

वृद्धि के साथ स्थिर रिटर्न
पोर्टफोलियो में इक्विटी का हिस्सा वृद्धि लाता है जबकि डेट और आर्बिट्रेज स्थिर रिटर्न उत्पन्न करके पोर्टफोलियो को स्थिरता प्रदान करता है। साथ ही पोर्टफोलियो के नकारात्मक पक्ष की सुरक्षा में मदद करता है।
विज्ञापन

  
आम तौर पर, इक्विटी आवंटन के लिए फंड मैनेजर लार्ज कैप पसंद करते हैं। जब डेट की बात आती है, तो आवंटन एएए रेटेड पेपर या कम अवधि वाली सरकारी प्रतिभूतियों के रूप में होता है। इसके अलावा, आर्बिट्राज के माध्यम से स्कीम के फंड मैनेजर इक्विटी बाजार के कैश और डेरिवेटिव सेगमेंट में मूल्य निर्धारण क्षमता का फायदा उठाने की कोशिश करते हैं। इससे एक निश्चित सीमा तक इक्विटी जोखिम की हेजिंग होती है और अस्थिरता को नियंत्रित करने में भी मदद मिलती है।
विज्ञापन
विज्ञापन


फंड मैनेजरों की रणनीति होती है महत्वपूर्ण
इस कैटेगरी में बहुत सारे ऑफर हैं। देश के दूसरे सबसे बड़े म्यूचुअल फंड हाउस आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल इक्विटी सेविंग्स फंड 4,916.95 करोड़ रुपये के असेट अंडर मैनेजमेंट (एयूएम) के साथ कैटेगरी में सबसे बड़ा है। इसकी निवेश की रणनीति इस फंड को सबसे अलग बनाती है।

फंड का शुद्ध इक्विटी स्तर आमतौर पर 15-20 फीसदी के साथ-साथ स्टॉक आर्बिट्राज 50-55 फीसदी तक होता है। इस तरह, ग्रॉस इक्विटी स्तर लगभग 70 फीसदी पर बना रहता है। शेष 30 फीसदी हिस्सा डेट के लिए आवंटित किया जाता है। इसके चलते आईप्रू इक्विटी सेविंग्स फंड बढ़ते या गिरते इक्विटी बाजार को संभालने के लिए अच्छी स्थिति में है।

इसलिए मिलता है बेहतर रिटर्न
इक्विटी सेविंग्स फंड जैसे उत्पाद में कम से कम तीन एसेट क्लास होते हैं जिनके जरिए आपको विविधीकरण का फायदा मिलता है। ऐसा इसलिए क्योंकि हर सेगमेंट में निवेश का जो हिस्सा है, वह बदलता रहता है। यही कारण है कि इस फंड में निवेशकों को बेहतर रिटर्न मिलता है।  -पंकज मठपाल, एमडी, आप्टिमा मनी मैनेजर्स

विभिन्न परिसंपत्ति वर्गों में किया जाता है निवेशकों की रकम का मिश्रण
इस फंड में क्या होता है कि यह निवेशक के जोखिम प्रोफाइल को अधिक प्रदर्शित करता है, क्योंकि यह एक ऐसी चीज है जो दीर्घकालिक दृष्टिकोण से निवेश करने के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। इसलिए जब इन इक्विटी सेविंग हाइब्रिड फंडों को देखते हैं तो उनके पास विभिन्न परिसंपत्ति वर्गों का मिश्रण और मेल होता है। चाहे वह इक्विटी हो, बॉन्ड हो, सोना हो। इसलिए वे मूल रूप से आवंटन को जोखिम प्रोफाइल के नजरिए से देखते हैं।

इक्विटी में भी मान लीजिए कि किसी की जोखिम लेने की क्षमता कम है, तो उस व्यक्ति के लिए इक्विटी के साथ डेट का मिश्रण समझ में आ सकता है। इसलिए लार्ज कैप शेयरों पर ध्यान दिया जा सकता है।

जोखिम को रोकने के लिए बेहतर स्थिति में
आईप्रू फंड नियमित इक्विटी फंड या आक्रामक हाइब्रिड फंड कैटेगरी की तुलना में नकारात्मक जोखिम को रोकने के लिए बेहतर स्थिति में है। साथ ही फंड में नियमित डेट फंड या पारंपरिक वित्तीय निवेश के रास्ते की तुलना में अधिक रिटर्न देने की क्षमता है। यह टैक्स बचाने की क्षमता भी रखता है।

n कुल इक्विटी आवंटन हमेशा 65% या उससे अधिक पर बनाए रखा जाता है। एक इक्विटी सेविंग फंड को टैक्स उद्देश्यों के लिए इक्विटी फंड की तरह माना जाता है। यह एक ऐसा पहलू है जिसके लिए फिक्स्ड इनकम निवेशक हमेशा तत्पर रहते हैं।


उतार-चढ़ाव को मात देने में सक्षम है सेविंग फंड
पिछले लंबे समय से भारतीय शेयर बाजार में उतार चढ़ाव जारी है। इस वजह से निवेशक बाजार में बहुत संभल कर निवेश कर रहे हैं, ताकि उनको किसी तरह का नुकसान न हो। हालांकि, यह उतार-चढ़ाव कब तक जारी रहेगा, इसका कोई आकलन नहीं है। ऐसे में अगर आप निवेश करना चहते हैं तो इस उतार चढ़ाव को पीछे छोड़ने के लिए इक्विटी सेविंग फंड को अपना सकते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed