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Edible Oil: सितंबर में खाद्य तेलों का आयात 29 प्रतिशत घटकर 10.64 लाख टन पर पहुंचा, क्या भाव घटने वाले हैं?
Fri, 11 Oct 2024 04:25 PM IST
कुमार विवेक
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कुमार विवेक
Updated Fri, 11 Oct 2024 04:25 PM IST
सार
Edible OIl: एसईए के आंकड़ों से पता चला कि खाद्य तेल श्रेणी में कच्चे पाल तेल का आयात इस साल सितंबर में घटकर 4,32,510 टन रह गया, जो पिछले साल इसी महीने में 7,05,643 टन था। दूसरी ओर रिफाइंड पाम तेल का आयात 1,28,954 टन से घटकर 84,279 टन रह गया। कच्चे सूरजमुखी तेल का आयात भी 3,00,732 टन से घटकर 1,52,803 टन रह गया।
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खाद्य तेल
- फोटो : Adobe stock
विस्तार
सितंबर महीने में भारत का खाद्य तेलों का आयात सालाना आधार पर 29 प्रतिशत गिरकर 10,64,499 टन रह गया। कच्चे और रिफाइंड पाम तेल का आयात कम रहने के कारण खाद्य तेल आयात में यह गिरावट आई है। शुक्रवार को इससे जुड़े आंकड़े जारी किए गए।
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पिछले साल इसी महीने में खाद्य तेलों का आयात 14,94,086 टन था। सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एसईए) ने शुक्रवार को सितंबर के लिए वनस्पति तेलों (खाद्य और अखाद्य दोनों) के आयात के आंकड़े जारी किए। सितंबर में अखाद्य तेलों का आयात सालाना आधार पर 57,940 टन से घटकर 22,990 टन रह गया।
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आंकड़ों के अनुसार, सितंबर में वनस्पति तेलों का आयात एक साल पहले के 15,52,026 टन की तुलना में 30 प्रतिशत घटकर 10,87,489 टन रह गया।
एसईए के आंकड़ों से पता चला कि खाद्य तेल श्रेणी में कच्चे पाल तेल का आयात इस साल सितंबर में घटकर 4,32,510 टन रह गया, जो पिछले साल इसी महीने में 7,05,643 टन था। दूसरी ओर रिफाइंड पाम तेल का आयात 1,28,954 टन से घटकर 84,279 टन रह गया। कच्चे सूरजमुखी तेल का आयात भी 3,00,732 टन से घटकर 1,52,803 टन रह गया।
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एसईए ने आयात में गिरावट का कारण जुलाई-अगस्त के दौरान अधिक आयात और मांग में कमी को बताया। ऐसे में बंदरगाहों पर स्टॉक बढ़ गया। इसके अलावा, कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण आयातक सतर्क हो गए हैं। जानकार बताते हैं कि चूंकि मांग में कमी आई है इस लिए कारोबारी नया स्टॉक मंगाने से परहेज कर रहे हैं। आयात घटने और त्योहारों के दौरान मांग बढ़ने से फिलहाल कीमतों में राहत की उम्मीद कम है।