ED Action: ईडी ने चेट्टीनाड समूह के 360 करोड़ रुपये के फिक्स्ड डिपॉजिट जब्त किए, जानें क्या है पूरा मामला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ईडी ने तमिलनाडु उत्पादन और वितरण निगम (टैंगेडको) के अधिकारियों और अन्य से संबंधित 10 स्थानों पर 24 अप्रैल को चेन्नई में छापेमारी की थी। ईडी के अनुसार तलाशी के दौरान, विभिन्न आपत्तिजनक दस्तावेज, डिजिटल साक्ष्य, संपत्ति के दस्तावेज और दक्षिण भारतीय निगम के खातों में सावधि जमा के रूप में पड़े 360 करोड़ रुपये जब्त किए गए है। संघीय जांच एजेंसी ने विशाखापत्तनम बंदरगाह से कोयला परिवहन के लिए अत्यधिक भुगतान का दावा करके तमिलनाडु उत्पादन और वितरण निगम (टीएएनजेडसीओ) की कथित धोखाधड़ी से जुड़ी धन शोधन जांच के सिलसिले में यह कार्रवाई की है।
प्रवर्तन निदेशालय ने आरोपियों से संबंधित 10 परिसरों पर की छापेमारी
धन शोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत दर्ज ईडी का मामला तमिलनाडु सतर्कता व भ्रष्टाचार निरोधक निदेशालय की प्राथमिकी से उपजा है। ईडी ने चेट्टीनाड समूह की ग्रुप कंपनी साउथ इंडिया कॉरपोरेशन (एसआईसी), टैंगेडको के पूर्व निदेशक (कोयला), कुछ सरकारी अधिकारियों और एसआईसी एंड वेस्टर्न एजेंसीज (मद्रास) प्राइवेट लिमिटेड के प्रमुख प्रबंधन कर्मियों के 10 परिसरों पर छापेमारी की।
360 करोड़ रुपये के फिक्स्ड डिपॉजिट के साथ डिजिटल साक्ष्य और संपत्ति के कागजात जब्त
ईडी ने कहा कि साउथ इंडिया कॉरपोरेशन के खातों में जमा 360 करोड़ रुपये की सावधि जमा (एफडी) जब्त करने के अलावा डिजिटल साक्ष्य और संपत्ति के कागजात सहित आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए हैं। ईडी ने आरोप लगाया कि 2001 से 2019 के बीच राज्य पीएसयू के अधिकारियों की मिलीभगत से टैंगेडको को "नुकसान" उठाना पड़ा। ईडी ने कहा, 'संबंधित पक्षों में से एक की ओर से दायर निषेधाज्ञा याचिका के आधार पर छह महीने के लिए दी गई प्रारंभिक निविदा को 19 साल के लिए बढ़ा दिया गया था।
100 साल पुराना है चेट्टीनाड समूह, कई कारोबार में है दखल
करीब 100 साल पुराने चेट्टीनाड ग्रुप सीमेंट मैन्युफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स और कंस्ट्रक्शन जैसे कई सेक्टर्स में दखल रखता है। आयकर विभाग ने दिसंबर 2020 में कंपनी की तलाशी ली थी और 700 करोड़ रुपये से अधिक की टैक्स चोरी का पता लगाने का दावा किया था। आयकर विभाग के प्रशासनिक प्राधिकरण केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने इस संबंध में एक बयान जारी किया था और इन छापों के दौरान 23 करोड़ रुपये की 'बेहिसाब' नकदी जब्त करने का दावा किया था।
ऑनलाइन एजुकेशन मुहैया कराने वाली बेंगलुरु स्थित कंपनी के ठिकानों पर भी ईडी की दबिश
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गुरुवार को कहा कि उसने विदेशी मुद्रा कानून का कथित तौर पर उल्लंघन करने और चीन को 'अवैध रूप से' 82 करोड़ रुपये भेजने के लिए बेंगलुरु स्थित एक ऑनलाइन शिक्षा कंपनी के खिलाफ भी तलाशी अभियान चलाया, जो चीनी नागरिकों के पूर्ण स्वामित्व और नियंत्रण में हैं। ईडी के अधिकारियों ने विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के प्रावधानों के तहत 'ओडा क्लास' नाम से ऑनलाइन शिक्षा प्रदान करने वाली पिजन एजुकेशन टेक्नोलॉजी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के दो ठिकानों पर छापेमारी की।