बैंक से किया फ्रॉड, ईडी ने कुर्क की सिंभावली चीनी मिल की 110 करोड़ की संपत्ति
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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने देश की सबसे बड़ी चीनी मिल की 110 करोड़ रुपये की संपत्ति को अटैच (कुर्की) कर लिया है। इस चीनी मिल ने बैंक से लिए कर्ज का दूसरी जगह इस्तेमाल कर लिया था।
ईडी ने उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में स्थित सिंभावली चीनी मिल पर मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत कार्रवाई करते हुए मिल की कई संपत्तियों जैसे कि जमीन, बिल्डिंग, प्लांट, उपकरण आदि को जब्त कर लिया है। संपत्ति की कुल कीमत 109.8 करोड़ रुपये है।
पिछले साल दर्ज हुआ था मुकदमा
ईडी ने पिछले साल पीएमएलए एक्ट के तहत मुकदमे को सीबीआई की एफआईआर के बाद दर्ज किया था। एफआईआर के मुताबिक चीनी मिल ने गन्ना किसानों को बकाए का भुगतान करने के लिए ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स से 148.59 करोड़ रुपये का लोन लिया था। यह पैसा 5762 किसानों को देना था, हालांकि कंपनी ने ऐसा नहीं किया।
जांच में पता चला कि कंपनी बैंक से मिले कर्ज को कई खातों में डायवर्ट किया और उससे अपने कई अन्य बकाए को चुकता किया। इसमें गन्ने का एरियर भी शामिल है, जिसे कंपनी को इसको बेचने के बाद देना पड़ता। इस हिसाब से चीनी मिल ने कथित तौर पर मिले पैसे का इस्तेमाल कहीं और कर दिया, जो कि नियमों के खिलाफ था।
सहकारी बैंक से भी लिया था लोन
सिंभावली चीनी मिल ने जिला सहकारी बैंक गाजियाबाद से 29 करोड़ का ऋण लिया था। ऋण न चुकाने पर मार्च 2018 में बैंक में आरसी जारी कर दी थी। उस 33 करोड़ की आरसी के क्रम में तहसीलदार गढ़मुक्तेश्वर ने सिंभावली चीनी मिल के गोदाम में रखी एक लाख 29 हजार 775 क्विंटल चीनी सील कर दी थी।
पिछले माह गन्ना भुगतान को लेकर भाकियू नेताओं ने जमकर हंगामा और धरना दिया था। 11 जनवरी में 1.29 लाख क्विंटल चीनी को 40 करोड़ 94 लाख रुपये में नीलाम किया गया।