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Dollar vs Rupee: डॉलर के आगे ‘नतमस्तक’ रुपया, इस कमजोरी से देश पर क्या असर पड़ेगा, कौन रहेंगे फायदे में?

Mon, 26 Sep 2022 01:01 PM IST
विवेक दास बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: विवेक दास Updated Mon, 26 Sep 2022 01:01 PM IST
सार

Dollar vs Rupee: रुपये के कमजोर होने का सबसे प्रतिकूल असर देश के आयात बिल पर पड़ेगा। जैसे-जैसे रुपया लुढ़क रहा है देश का आयात बिल बढ़ता जा रहा है। अब आयात करने के लिए कारोबारियों को पहले के मुकाबले ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ेंगे। आयात पर निर्भर कंपनियों का मार्जिन कम होगा। इसकी वसूली मूल्य वृद्धि कर की जाएगी।

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Dollar vs Rupee: Rupee will bow before the dollar, what will be the effect of this weakness on the country?
डॉलर के मुकाबले रुपया - फोटो : amarujala.com

विस्तार

डॉलर के मजबूत होने से भारतीय रुपये में गिरावट का दौर जारी है। सोमवार को शुरुआती कारोबार में ही रुपया में रुपया लगभग 40 अंक टूटकर 81.55 के स्तर पर आ गया। वहीं दूसरी ओर अमेरिकी डॉलर अपने 20 वर्षों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है। भारतीय रुपये में गिरावट के बाद  बाजार के जानकारों का अनुमान है कि रिजर्व बैंक मुद्रा में गिरावट को थामने के लिए डाॅलर बेचने का फैसला ले सकता है।

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रुपये की कमजोरी का बाजार पर क्या होगा असर?

Dollar vs Rupee: Rupee will bow before the dollar, what will be the effect of this weakness on the country?
शेयर बाजार - फोटो : iStock

रुपये के कमजोर होने का सबसे प्रतिकूल असर देश के आयात बिल पर पड़ेगा। जैसे-जैसे रुपया लुढ़क रहा है देश का आयात बिल बढ़ता जा रहा है। अब आयात करने के लिए कारोबारियों को पहले के मुकाबले ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ेंगे। आयात पर निर्भर कंपनियों का मार्जिन कम होगा। इसकी वसूली मूल्य वृद्धि कर की जाएगी। इससे पहले से मौजूद महंगाई और ज्यादा बढ़ेगी। ऐसा होने से पेट्रोलियम पदार्थों, विदेश भ्रमण और विदेशी सेवाओं का उपभोग करना महंगा हो जाएगा। रुपये के कमजोर होने से विदेश मुद्रा भंडार पर भी नकारात्मक असर पड़ता है। इससे देश का खजाना खाली होगा। देश की आर्थिक स्थिति के लिहाज से यह सही नहीं है।

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अमेरिकी मुद्रा रुपये से वर्ष 2022 में कैसे-कैसे मजबूत हुई?

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रुपये की तुलना में ऐसे बढ़ा डॉलर का भाव - फोटो : amarujala.com

तारीख                        एक डॉलर का मूल्य रुपये में 

एक जनवरी                             75.43

एक फरवरी                             74.39

एक मार्च                                 74.96

एक अप्रैल                               76.21

एक मई                                  76.09

एक जून                                 77.21

एक जुलाई                             77.95 

एक अगस्त                             79.54

29 अगस्त                              80.10

22 सितंबर                             80.79

26 सितंबर                             81.55

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देश के इन उद्योगों को होगा फायदा 

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विदेशी कारोबार (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock

रुपये के कमजोर होने की स्थिति में विदेशों में अपना कारोबार करने वाली आईटी कंपनियों की कमाई बढ़ जाएगी। वहीं, फार्मा सेक्टर का निर्यात भी बढ़ जाएगा। इसके अलावे कपड़ा क्षेत्र को भी रुपये के कमजोर होने का फायदा होगा क्योंकि वस्त्रों के निर्यात के मामले में भारत फिलहाल विश्व में दूसरे स्थान पर मौजूद है। इसलिए अगर डॉलर मजबूत होता है इस सेक्टर को बड़ा फायदा होगा। 

वित्त मंत्री बोलीं- दूसरी मुद्राओं की तुलना में हम बेहतर स्थिति में 

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केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण। - फोटो : PTI

रुपये में आई बड़ी गिरावट के बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बीते शनिवार को कहा कि रुपया अन्य मुद्राओं की तुलना में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले काफी मजबूत है। रुपये के रिकॉर्ड निचले स्तर पर जाने से जुड़े सवाल पर सीतारमण ने कहा कि रिजर्व बैंक और वित्त मंत्रालय स्थिति पर बहुत करीबी नजर रख रहे हैं। उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा कि अगर कोई एक मुद्रा है जो खुद को संभालाने में सक्षम है और अन्य मुद्राओं की तुलना में उतार-चढ़ाव या अस्थिरता से बची हुई है, तो वह भारतीय रुपया है। हमने बहुत अच्छी तरह से वापसी की है। हमने काफी अच्छी तरह से इस स्थिति का सामना किया है।

उन्होंने रुपये की गिरती कीमत के बारे में पूछे जाने पर कहा कि गिरावट के मौजूदा दौर में डॉलर के मुकाबले अन्य मुद्राओं की स्थिति पर भी अध्ययन करने की जरूरत है। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया शुक्रवार को 81.09 रुपये प्रति डॉलर के स्तर तक पहुंच गया था। पिछले कुछ महीनों में लगातार ये गिरावट जारी है।

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