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Document Identification Number: देश में केन्द्रीकृत डीआईएन लागू करने की याचिका पर SC ने केंद्र से जवाब मांगा
Mon, 11 Jul 2022 07:35 PM IST
विवेक दास
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: विवेक दास
Updated Mon, 11 Jul 2022 07:35 PM IST
सार
याचिका में यह कहा गया है कि केंद्र सरकार को यह निर्देश दिया जाना चाहिए कि वह पूरे देश के लिए एक केंन्द्रीकृत डीआईएन की व्यवस्था बनाकर उसे लागू करे।
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Supreme Court
- फोटो : ANI
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विस्तार
सुप्रीम कोर्ट ने डीआईएन से जुड़ी एक जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार को अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है। आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट में एक चार्टर्ड अकाउंटेंट (प्रदीप गोयल) की ओर से इलेक्ट्रॉनिक तरीके से डीआईएन जारी करने की प्रक्रिया लागू करने की मांग करते हुए याचिका लगाई गई थी।
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याचिकाकर्ता की ओर से एडवोकेट चारू माथुर ने जस्टिस एमआर शाह और जस्टिज बीवी नागरत्ना की बेंच के सामने अपना पक्ष रखते हुए कहा था कि वर्तमान समय में देश में के सिर्फ दो राज्यों कर्नाटक और केरल में डीआईएन की एक व्यवस्था काम कर रही है। बाकी राज्यों में इसे अब भी अमल में लाया जाना बाकी है।
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याचिका में कोर्ट से गुहार लगाते हुए कहा गया कि सभी राज्यों को डीआईएन सिस्टम को अमल में लाने का निर्देश दिया जाए साथ जीएसटी काउंसिल को भी इस संबंध में एक पॉलिशी डिसिजन लेने का निर्देश जारी किया ताकि सभी राज्य इसे अमल में ला सकें। इसके साथ ही याचिका में यह भी कहा गया है कि केंद्र सरकार को भी यह निर्देश दिया जाना चाहिए कि वह पूरे देश के लिए एक केंन्द्रीकृत डीआईएन की व्यवस्था बनाकर उसे लागू करे।
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सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में केंद्र को नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने को कहा है। आपको बता दें कि डीआईएन एक 20 अंकों की पहचान संख्या है जिसका इस्तेमाल सरकार करदाताओं के साथ कम्युनिकेशन करने में करती है।