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Economy: 2029 तक अर्थव्यवस्था में डिजिटल इकॉनमी का 25 फीसदी होगा योगदान, जानिए क्या बोले एनएबीएफआईडी चेयरमैन
Mon, 27 Feb 2023 05:59 AM IST
Jeet Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई।
अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई।
Published by: Jeet Kumar
Updated Mon, 27 Feb 2023 05:59 AM IST
सार
सरकार का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2029 तक देश की अर्थव्यवस्था जापान को पीछे छोड़कर 7 लाख करोड़ डॉलर की हो जाएगी, जो अभी 3.3 लाख करोड़ डॉलर की है।
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अर्थव्यवस्था
- फोटो : PTI
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विस्तार
जाने माने बैंकर और नेशनल बैंक फॉर फाइनेंसिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट (एनएबीएफआई) के चेयरमैन केवी कामत ने कहा, वित्त वर्ष 2029 तक देश की अर्थव्यस्था में डिजिटल इकॉनमी का योगदान 25 फीसदी होगा। इसी समय जीडीपी बढ़कर 7 लाख करोड़ डॉलर की हो जाएगी। फिलहाल डिजिटल इकॉनमी का योगदान चार फीसदी से भी कम है। चीन में यह 40 फीसदी है।
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सरकार का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2029 तक देश की अर्थव्यवस्था जापान को पीछे छोड़कर 7 लाख करोड़ डॉलर की हो जाएगी, जो अभी 3.3 लाख करोड़ डॉलर की है। डिजिटल इकॉनमी में डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर, ई-कॉमर्स और अन्य डिजिटल भुगतान के साथ सेवा क्षेत्र भी है। कामत ने कहा, मुझे ऐसा कोई कारण नहीं दिखता है कि भारत इसे हासिल नहीं कर पाएगा, क्योंकि अर्थव्यवस्था में अधिक एक्सप्रेस-वे, हाईवे, हवाई अड्डे, बंदरगाह और हाई-स्पीड रेलहेड के लिए बहुत अधिक मांग है। एक सवाल यह जरूर उठता है कि क्या वित्त वर्ष 2006-08 के दौरान बुनियादी ढांचे पर सरकार के जोर देने के बाद बैंकों पर पड़ने वाले बैंकिंग संकट की पुनरावृत्ति की कोई संभावना है।
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और विश्वस्तरीय शहरों का हो निर्माण
कामत ने कहा, अर्थव्यवस्था में बुनियादी ढांचे के लिए अधिक मांग है। हमें अभी भी परिवहन के प्रमुख बुनियादी ढांचे पर बहुत कुछ करना है। आगे बढ़ने के लिए अधिक एक्सप्रेस-वे, बड़े हवाई अड्डे एवं मॉल और यात्रियों दोनों के लिए समर्पित हाई-स्पीड रेलवे की जरूरत है। उन्होंने कहा, हमारे पास अधिक शहरी कायाकल्प परियोजनाएं हो सकती हैं। इसे केवल शीर्ष शहरों तक ही सीमित क्यों रखा जाए? और ज्यादा विश्व स्तरीय शहरों का निर्माण करने के साथ मौजूदा शहरों को अपग्रेड भी किया जाए।
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