Business News: इन्फोसिस को 6215 करोड़ का फायदा तो एचसीएल टेक को इतने का मुनाफा, पढ़ें व्यापार जगत की अहम खबरें
इन्फोसिस को सितंबर तिमाही में 6,215 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ है। एक साल पहले के 6,026 करोड़ की तुलना में यह 3.1 फीसदी अधिक है। कंपनी ने प्रति शेयर 18 रुपये लाभांश देने की घोषणा की है। रिकॉर्ड तारीख 25 अक्तूबर है। इस दौरान इसका राजस्व 6.7 फीसदी बढ़कर 38,994 करोड़ रुपये रहा है। इन्फोसिस के एमडी एवं सीईओ सलिल पारेख ने बताया कि दूसरी तिमाही में कंपनी ने 7.7 अरब डॉलर का सौदा किया है।
एचसीएल टेक को 3,833 करोड़ रुपये का मुनाफा
एचसीएल टेक को सितंबर तिमाही में 3,833 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ है। एक साल पहले समान तिमाही के 3,487 करोड़ की तुलना में यह 9.9 फीसदी अधिक है। इसका राजस्व 8 फीसदी बढ़कर 26,672 करोड़ रुपये रहा है।
ज्यादा ब्याज दरों से चालू-बचत खाते का घट रहा है जमा
सावधि जमा (टर्म डिपॉजिट) पर मिल रहे ज्यादा ब्याज के कारण बैंकों के चालू और बचत खाता के जमा में कमी आ रही है। अधिक ब्याज पाने के लिए ग्राहक इन दोनों खातों से पैसे निकालकर अब सावधि जमा में लगा रहे हैं। फिक्की और इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (आईबीए) के एक सर्वेक्षण के मुताबिक, कपड़ा और केमिकल जैसे क्षेत्रों में लंबे समय के कर्ज की मांग में निरंतर वृद्धि देखी गई है। बुनियादी ढांचे में भी कर्ज प्रवाह में वृद्धि देखी जा रही है। 67% लोगों ने लंबे समय के कर्ज में वृद्धि का संकेत दिया है, जो इसके पहले के सर्वे में 57% था। अगले छह महीनों में गैर-खाद्य उद्योग कर्ज में वृद्धि की उम्मीदें हैं। 42% ने कहा, गैर-खाद्य उद्योग कर्ज वृद्धि 12% से अधिक होने की उम्मीद है।
यूको बैंक की विशेष सावधि जमा योजना
यूको बैंक ने 400 दिनों की एक विशेष सावधि जमा योजना यूको-400 शुरू की है। यह योजना 31 दिसंबर तक वैध रहेगी। इसके तहत 7.05 फीसदी ब्याज मिलेगा। कम से कम 5,000 रुपये और अधिकतम दो करोड़ जमा करने होंगे। इसके एवज में कर्ज भी ले सकते हैं।
देश में पहली बार बिना नंबर का क्रेडिट कार्ड
एक्सिस बैंक और फिनटेन फाइब ने भारत का पहला बिना नंबर वाला क्रेडिट कार्ड पेश करने के लिए साझेदारी की है। फाइब के सीईओ अक्षय मेहरोत्रा ने कहा, इस क्रेडिट कार्ड से ग्राहकों को सर्वोच्च सुरक्षा मिलेगी।
डेट फंड से सितंबर में निकले एक लाख करोड़
डेट म्यूचुअल फंड से लगातार दूसरे महीने निकासी रही है। सितंबर में निवेशकों ने 1.01 लाख करोड़ रुपये की निकासी की है जबकि अगस्त में 25,873 करोड़ रुपये निकाले गए थे। विश्लेषकों का कहना है कि दूसरी तिमाही के अंत में कॉरपोरेट ने अग्रिम कर भुगतान के लिए पैसे निकाले जबकि इक्विटी बाजार में गिरावट की वजह से भी सितंबर में निकासी रही। एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एम्फी) के आंकड़ों के अनुसार, डेट फंड में जुलाई में 61,440 करोड़ रुपये का निवेश आया था। भारी निकासी से डेट फंड का एसेट अंडर मैनेजमेंट यानी निवेशकों के निवेश का मूल्य घटकर 13.05 लाख करोड़ रुपये रह गया जो अगस्त में 14 लाख करोड़ रुपये था।
इंटरनेट तक पहुंच बढ़ने से डाटा सेंटर में तीन साल में होगा 10 अरब डॉलर निवेश
देश में इंटरनेट तक पहुंच में भारी उछाल के साथ स्टोरेज क्षमता के लिए बढ़ती मांग को देखते हुए तीन साल में डाटा सेंटर में 10 अरब डॉलर के निवेश की संभावना है। कोलियर्स इंडिया और भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) की जारी रिपोर्ट के मुताबिक, कोविड महामारी के बाद भारत के डाटा सेंटर बाजार में अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिली है। इसमें 2020 के बाद 7 अरब डॉलर का निवेश हुआ है। वैश्विक डाटा सेंटर संचालकों, रियल एस्टेट कंपनियों और निजी इक्विटी फंड ने यह निवेश किया। मुंबई में आयोजित ‘रियल एस्टेट क्षेत्र में प्रौद्योगिकी’ के दौरान जारी रिपोर्ट के मुताबिक, अगस्त, 2023 तक सात प्रमुख शहरों दिल्ली-एनसीआर, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, बंगलूरू, हैदराबाद और पुणे में कुल डाटा सेंटर क्षमता 819 मेगावॉट है।
1,800 मेगावॉट होगी क्षमता
कोलियर्स इंडिया ने कहा कि डाटा सेंटर के 2026 तक 2.3 करोड़ वर्गफुट को पार कर जाने की उम्मीद है। इससे डाटा सेंटर की कुल क्षमता 1,800 मेगावॉट तक पहुंच सकती है।