RBI: हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों में पांच साल तक ही जमा कर सकेंगे पैसे, आरबीआई ने सख्त किए नियम
आरबीआई ने सोमवार को एक सर्कुलर में कहा, आवास वित्त कंपनियों (एचएफसी) को मार्च 2025 तक मंजूर प्रतिभूतियों सहित अपनी कुल तरल संपत्ति को सार्वजनिक डिपॉजिट के 13 फीसदी से बढ़ाकर 15 फीसदी करना पड़ सकता है।
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डिपॉजिट लेने वाली हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों के लिए आरबीआई ने नियमों को सख्त बना दिया है। ये कंपनियां अब जनता से पांच साल तक की परिपक्वता अवधि के लिए ही जमा ले सकती हैं। पहले यह नियम 10 साल तक का था। इस पर 29 फरवरी तक शेयरधारकों से सुझाव मांगा गया है।
आरबीआई ने सोमवार को एक सर्कुलर में कहा, आवास वित्त कंपनियों (एचएफसी) को मार्च 2025 तक मंजूर प्रतिभूतियों सहित अपनी कुल तरल संपत्ति को सार्वजनिक डिपॉजिट के 13 फीसदी से बढ़ाकर 15 फीसदी करना पड़ सकता है। एचएफसी डिपॉजिट स्वीकार करने के लिए अन्य प्रकार की गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों के समान नियमों का पालन करें।
60 महीने में लौटाना होगा वर्तमान जमा को
वर्तमान जमा को 60 महीने के भीतर ग्राहकों को लौटाना होगा। एचएफसी की क्रेडिट रेटिंग कम है तो वे नया जमा नहीं ले पाएंगी और न ही जमा का नवीनीकरण कर पाएंगी। आरबीआई को एचएफसी के नियमन का अधिकार अगस्त 2019 से मिला है।