WGC: उच्च कीमतों से देश में सोने की मांग तीन फीसदी घटकर 747 टन, काउंसिल ने बताई यह वजह
काउंसिल ने कहा, बढ़ती कीमतों से मांग काफी प्रभावित हुई है। अक्तूबर में नवरात्रि के दौरान कीमतों में सुधार से ग्राहकों की मजबूत मांग रही, जिससे नवंबर में दिवाली की बिक्री में बढ़ोतरी हुई। हालांकि, दिसंबर में फिर से मांग 9 फीसदी तक घट गई। 2023 में सोने की कीमत अस्थिर रही।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
ऊंची कीमतों के कारण 2023 में देश में सोने की मांग तीन फीसदी घटकर 747.5 टन रही है। 2022 में यह 774.1 टन रही थी। विश्व स्वर्ण परिषद (डब्ल्यूजीसी) के मुताबिक, अगर कीमतें ज्यादा अस्थिर नहीं होती हैं तो आगे मांग बढ़कर 800-900 टन तक पहुंच सकती है। वैश्विक मांग पांच फीसदी घटकर 4,448.4 टन रही है।
काउंसिल ने कहा, बढ़ती कीमतों से मांग काफी प्रभावित हुई है। अक्तूबर में नवरात्रि के दौरान कीमतों में सुधार से ग्राहकों की मजबूत मांग रही, जिससे नवंबर में दिवाली की बिक्री में बढ़ोतरी हुई। हालांकि, दिसंबर में फिर से मांग 9 फीसदी तक घट गई। 2023 में सोने की कीमत अस्थिर रही। अगर कीमतें ज्यादा अस्थिर नहीं रहीं तो इस साल मांग में तेजी आ सकती है। एजेंसी
जूलरी मांग 6 फीसदी गिरी
2023 में जूलरी की मांग छह फीसदी गिरकर 562.3 टन रही है। सोने में कुल निवेश सात फीसदी बढ़कर 185.2 टन रहा है। छड़ और सिक्के में निवेश सात फीसदी बढ़कर 185 टन रहा है। सोने का शुद्ध आयात 20 फीसदी बढ़कर 780.7 टन रहा है।