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Adani Group: अदाणी समूह को लग सकता है बड़ा झटका, ऑडिटर फर्म डेलॉयट इस्तीफा देने की बना रही योजना
Fri, 11 Aug 2023 09:00 PM IST
Jeet Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Jeet Kumar
Updated Fri, 11 Aug 2023 09:00 PM IST
सार
अदाणी समूह को एक बड़ा झटका लगने जा रहा है। अडानी पोर्ट्स एंड एसईजेड की ऑडिटर फर्म डेलॉयट हैस्किंस एंड सेल्स एलएलपी छोड़ने की तैयारी में है।
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Deloitte
- फोटो : PTI
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विस्तार
अदाणी समूह को एक बड़ा झटका लगने जा रहा है। अडानी पोर्ट्स एंड एसईजेड की ऑडिटर फर्म डेलॉयट हैस्किंस एंड सेल्स एलएलपी छोड़ने की तैयारी में है। माना जा रहा है इसके पीछे हिंडनबर्ग रिपोर्ट है जिसमें कुछ लेनेदेने को लेकर सवाल उठाए गए थे। हालांकि इस्तीफे का कारण तत्काल पता नहीं चल पाया है। वहीं इस मामले पर डेलॉइट ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
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जल्द औपचारिक घोषणा होने की उम्मीद
सूत्रों के मुताबिक, डेलॉयट हैसकिंस एंड सेल्स एलएलपी ने ऑडिटर के पद से इस्तीफा देने के अपने फैसले के बारे में अदानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड को सूचित कर दिया है और जल्द ही औपचारिक घोषणा होने की उम्मीद है।
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हिंडनबर्ग रिपोर्ट के बाद अदाणी समूह के शेयरों में आई थी भारी गिरावट
हिंडनबर्ग रिपोर्ट के बाद से अदाणी समूह के शेयरों के बाजार मूल्य में लगभग 150 बिलियन डॉलर की गिरावट आई है, लेकिन अपना कर्ज चुकाने और निवेशकों का विश्वास हासिल करने के बाद कुछ खोई हुई जमीन फिर से हासिल कर ली है। हिंडनबर्ग रिसर्च ने अपनी 24 जनवरी की रिपोर्ट में अदानी समूह के खिलाफ धोखाधड़ी, स्टॉक हेरफेर और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप लगाए थे। अदाणी समूह ने सभी आरोपों से इनकार किया है।
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डेलॉयट ने उठाए थे सवाल
चौथी तिमाही और 2022-23 के वित्तीय ऑडिट पर ऑडिटर्स की रिपोर्ट में, डेलॉयट ने कंपनी के खातों पर अपनी टिप्पणी में तीन सौदों को लेकर सवाल खड़ा किया था। हालांकि डेलॉइट ने कहा कि वह कंपनी के बयान को प्रमाणित नहीं कर सकती क्योंकि दावों को साबित करने के लिए कोई स्वतंत्र बाहरी जांच नहीं की गई है।
डेलॉइट ने कहा था कि अदाणी समूह ने इन आरोपों के मूल्यांकन और भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) द्वारा चल रही जांच के कारण इन आरोपों की स्वतंत्र बाहरी जांच कराना जरूरी नहीं समझा।