अमित शाह से एमएसएमई चेंबर की अपील: दिल्ली के कारोबारों को प्रदर्शनों से बचाएं, जानिए क्या है चिंता का कारण
दिल्ली के प्रमुख वाणिज्यिक केंद्रों में विरोध प्रदर्शनों से हो रहे नुकसान को लेकर सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम चेंबर (CIMSME) ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से हस्तक्षेप की मांग की है। त्योहारों के मौसम में कारोबारों को निर्बाध चलाने के लिए विशेष कदम उठाने का आग्रह किया गया है, ताकि MSMEs और स्टार्टअप को भारी हानि से बचाया जा सके।
विस्तार
चैंबर ऑफ इंडियन माइक्रो, स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज (CIMSME) ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से एक महत्वपूर्ण आग्रह किया है। निकाय ने दिल्ली के प्रमुख वाणिज्यिक केंद्रों को विरोध प्रदर्शनों से होने वाले व्यवधानों से बचाने के लिए तत्काल कदम उठाने की मांग की है। CIMSME ने विशेष रूप से चल रहे त्योहारों के मौसम में व्यावसायिक गतिविधियों को निर्बाध रूप से जारी रखने का अनुरोध किया है। उन्होंने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSMEs), स्टार्टअप और व्यापारियों के लिए संभावित भारी नुकसान का हवाला दिया है।
CIMSME ने हाल ही में अमित शाह को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा है। इस ज्ञापन में कहा गया है कि कनॉट प्लेस, रामलीला ग्राउंड और आसपास के क्षेत्रों जैसे दिल्ली के महत्वपूर्ण वाणिज्यिक केंद्रों में बार-बार होने वाले विरोध प्रदर्शन व्यावसायिक कार्यों पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रहे हैं। यह समस्या त्योहारों के इस महत्वपूर्ण और संवेदनशील मौसम में और भी गंभीर हो जाती है। निकाय ने स्पष्ट रूप से कहा कि त्योहारों के दौरान किसी भी व्यावसायिक और वाणिज्यिक प्रतिष्ठान के पास कोई भी विरोध प्रदर्शन या धरना-प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।
क्यों परेशान हैं दिल्ली के कारोबारी?
CIMSME ने अपनी चिंता व्यक्त करते हुए बताया कि बार-बार होने वाले व्यवधानों से दिल्ली के कारोबारों को गंभीर हानि हो रही है। इन व्यवधानों में यातायात प्रतिबंध, मेट्रो सेवाओं का बंद होना और प्रमुख सड़कों पर लगने वाले जाम शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, व्यावसायिक परिसरों तक पहुंचने में भी व्यापारियों और ग्राहकों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। आवाजाही पर बनी रहने वाली अनिश्चितता व्यावसायिक कार्यों को बुरी तरह प्रभावित करती है। इन समस्याओं के कारण बिक्री राजस्व में भारी कमी और महत्वपूर्ण व्यावसायिक अवसरों का नुकसान हो सकता है। विशेष रूप से छोटे कारोबारों और नए स्टार्टअप के लिए यह स्थिति आर्थिक रूप से बेहद चुनौतीपूर्ण साबित हो रही है।
क्या है CIMSME की मुख्य मांग?
चैंबर ने केंद्रीय गृह मंत्री से संबंधित अधिकारियों को तत्काल निर्देश देने का आग्रह किया है। यह निर्देश दिल्ली-एनसीआर के प्रमुख वाणिज्यिक क्षेत्रों में संचालित कारोबारों पर विरोध प्रदर्शनों और प्रदर्शनों की आवृत्ति तथा उनके प्रभाव की गहन समीक्षा के लिए है। CIMSME चाहता है कि सरकार और प्रशासन इस समस्या की गंभीरता को समझें। वे ऐसे प्रभावी उपाय करें जिनसे दिल्ली का कारोबार सुचारु रूप से चल सके और आर्थिक गतिविधियों में कोई बाधा न आए। निकाय ने एक स्थायी समाधान की आवश्यकता पर बल दिया है।
प्रदर्शनों के लिए क्या हो समाधान?
CIMSME ने सक्षम अधिकारियों से एक और महत्वपूर्ण अपील की है। उन्होंने प्रदर्शनों के लिए निर्दिष्ट स्थानों की पहचान करने और उनका प्रभावी ढंग से प्रबंधन करने को कहा है। ये निर्दिष्ट स्थान वाणिज्यिक और आवासीय क्षेत्रों से पर्याप्त दूरी पर होने चाहिए, ताकि आम जनजीवन और व्यापार प्रभावित न हो। निकाय ने निर्बाध व्यावसायिक कार्यों को सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया है। उनका कहना है कि कार्यालयों, दुकानों, वाणिज्यिक परिसरों, बाजारों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों तक ग्राहकों और कर्मचारियों की पहुंच ऐसे प्रदर्शनों से किसी भी तरह अप्रभावित रहनी चाहिए। यह दिल्ली की अर्थव्यवस्था के लिए अत्यंत आवश्यक है।