फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   crude to cross 100 dollar mark in few months, price rise on the card

कुछ महीनों में कच्चा तेल पहुंच जाएगा 100 डॉलर के पार, देश में बढ़ेगी महंगाई

Fri, 18 May 2018 03:01 PM IST
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 18 May 2018 03:01 PM IST
विज्ञापन
crude to cross 100 dollar mark in few months, price rise on the card

अगले कुछ महिनों में कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के पार जा सकती है। गाड़ियों के लिए मोबिल ऑयल बनाने वाली विश्व की प्रमुख फ्रेंच कंपनी टोटल के सीईओ पेट्रिक पोयान्ने ने आशंका जताई है कि इसके लिए विश्व भर हो रही जियोपॉलिटिकल घटनाएं जिम्मेदार हैं। 

विज्ञापन


भारत में बढ़ेगी महंगाई
विश्व में क्रूड 80 डॉलर प्रति बैरल के पार जा चुका है। कच्चे तेल के बढ़ने से भारत में भी पेट्रोल अगले कुछ दिनों में 95 रुपये के पार जा सकता है। अगर ऐसा होता है तो फिर इसके चलते महंगाई काफी बढ़ सकती है। पेट्रोलियम कंपनियों की माने तो आने वाले हफ्तों में पेट्रोल में साढ़े चार रुपये और डीजल में चार रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी करनी होगी।
विज्ञापन


चुनाव खत्म होने के बाद से पेट्रोल में 69 पैसे प्रति लीटर और डीजल में 86 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की जा चुकी है। इसके बावजूद पेट्रोलियम कंपनियों को प्रति लीटर 2.70 रुपये का न्यूनतम मार्जिन भी नहीं मिल रहा है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


कंपनियों का घट गया मार्जिन
कंपनियों का कहना है कि चुनाव से पहले 24 अप्रैल को आखिरी बार जब पेट्रोल की कीमत बढ़ाई गई थी तब अंतरराष्ट्रीय बाजार में पेट्रोल की कीमत 74.84 डॉलर प्रति बैरल थी जो अब बढ़ कर 83.30 डॉलर बैरल हो गई है। इसकी वजह से उनका प्रति लीटर मार्जिन घटकर 0.31 पैसे रह गया है। बता दें कि चुनाव खत्म होने के बाद पहली बार 14 मई को पेट्रोलियम उत्पादों में मूल्यवृद्धि की गई थी। इससे पहले मूल्य वृद्धि नहीं करने की वजह से कंपनियों को 500 करोड़ की चपत लग चुकी है।

ईरान पर प्रतिबंध से पड़ेगा असर

crude to cross 100 dollar mark in few months, price rise on the card

इराक और साऊदी अरब के बाद ईरान कच्चे तेल का भारत में सबसे बड़ा सप्लायर है। प्रतिबंध लगने के बाद पूरी दुनिया में कच्चे तेल का दाम काफी बढ़ सकते हैं। डॉलर के मुकाबले रुपया लगातार गिरता जा रहा है, जिसके चलते भारत सरकार पर बोझ बढ़ेगा।

कच्चे तेल की कीमत भी इस वक्त 80 डॉलर प्रति बैरल के पार हो गई है।  फरवरी में भारत यात्रा पर आए ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी के बाद भारत ने कच्चे तेल के आयात को बढ़ा दिया था। 

आप पर पड़ेगा यह असर
अगर कच्चा तेल और महंगा होता तो फिर देश में पेट्रोल-डीजल का दाम भी बढ़ जाएगा, जिससे आम लोगों के दैनिक जीवन पर काफी असर पड़ेगा। डीजल बढ़ने से जहां शहरों में दूध, फल, सब्जियां महंगी हो जाएंगी, वहीं दूसरी तरफ आना-जाना भी बढ़ जाएगा।  

रुपये में कमजोरी
वहीं रुपया भी 66.87 के स्तर पर कारोबार करते हुए देखा गया। ब्रेंट क्रूड करीब 6 फीसदी चढ़कर 83 डॉलर के करीब निकलने में कामयाब रहा। डॉलर के मुकाबले रुपया 40 पैसे टूटकर 67.05 के स्तर पर आ गया। रुपये का यह स्तर बीते 15 महीने का निचला स्तर है। आखिरी बार रुपये का यह स्तर फरवरी 2017 को देखा गया था। बीते शुक्रवार को रुपया 22 पैसे टूटकर 66.86 के स्तर पर कारोबार कर बंद हुआ था।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed