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साख सुधरी: मूडीज ने भारत के आर्थिक परिदृश्य को 'नकारात्मक' से 'स्थिर' माना, रेटिंग यथावत
Tue, 05 Oct 2021 07:53 PM IST
सुरेंद्र जोशी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Tue, 05 Oct 2021 07:53 PM IST
सार
पिछले साल भारत की साख को ‘बीएए2’ से कम कर ‘बीएए3’ कर दिया था। तब कोरोना महामारी के कारण आर्थिक वृद्धि दर में तेज गिरावट आई थी और सरकार का घाटा बढ़ता जा रहा था।
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मूडीज रेटिंग
- फोटो : self
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विस्तार
रेटिंग एजेंसी मूडीज ने मंगलवार को भारत के आर्थिक परिदृश्य को 'नकारात्मक' से 'स्थिर' कर दिया। इससे अर्थव्यवस्था में गिरावट की जोखिम कम होने और सुधार के साथ बेहतर संभावना का संकेत मिलता है। देश को पूर्व में दी गई रेटिंग 'बीएएए3' को कायम रखा है।
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मूडीज इन्वेस्टर सर्विस ने मंगलवार को बयान जारी कर कहा कि भारत के रेटिंग आउटलुक को नकारात्मक से बदलकर स्थिर कर दिया गया है। इसके साथ ही देश की विदेशी और स्थानीय मुद्रा दीर्घावधि रेटिंग को Baa3 और अल्पावधि स्थानीय मुद्रा रेटिंग पी-3 की गई है। देश की रेटिंग में बदलाव से संकेत मिलता है कि अर्थव्यवस्था और वित्तीय तंत्र में जोखिम कम हो गई है।
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मूडीज ने पिछले साल भारत की साख को ‘बीएए2’ से कम कर ‘बीएए3’ कर दिया था। तब कोरोना महामारी के कारण आर्थिक वृद्धि दर में तेज गिरावट आई थी और सरकार का घाटा बढ़ता जा रहा था। इसी कारण उसने रेटिंग को लेकर परिदृश्य नकारात्मक रखा था, जिसे अब स्थिर कर दिया है।
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मार्च में मूडीज ने यह अनुमान जताया था
इसी साल मार्च में मूडीज ने कहा था कि भारत सहित ज्यादातर अर्थव्यवस्थाएं वर्ष 2022 से पहले कोविड पूर्व स्तर तक नहीं पहुंच सकेंगी। अपनी वैश्विक रिपोर्ट में कहा था कि कोविड-19 की वजह से कर्ज बांटने में गिरावट आई है। इससे आर्थिक गतिविधियों की गति पर ब्रेक लग जाएगा। इससे ज्यादातर अर्थव्यवस्थाओं की गतिविधियां महामारी पूर्व तक 2022 से पहले नहीं पहुंच पाएंगी। मूडीज ने कहा था कि कोरोना महामारी ने पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को चौपट कर दिया है और बॉन्ड डिफॉल्ट की घटनाओं में बढ़ोतरी हुई है। यह कर्ज बांटने की रफ्तार पर असर डालेगा और लॉकडाउन से सबसे ज्यादा प्रभावित हुए क्षेत्रों पर आगे भी जोखिम बना रहेगा।