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ओमिक्रॉन वैरिएंट: वैश्विक बाजार में मचा हड़कंप, बड़े देशों ने फिर लगाए प्रतिबंध तो पटरी से उतरेगी अर्थव्यवस्था; जानें क्या कहते हैं एक्सपर्ट
Sun, 28 Nov 2021 02:17 PM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: प्रांजुल श्रीवास्तव
Updated Sun, 28 Nov 2021 02:17 PM IST
सार
ओमिक्रॉन वैरिएंट के संभावित खतरे के बीच सेंसेक्स 1400 अंक तक टूट चुका है। इसके अलावा जापान के निक्केई में दो प्रतिशत तो स्ट्रेट टाइम्स में एक प्रतिशत की गिरावट देखी गई। शंघाई और ताइवान के बाजार में भी इसी प्रकार की गिरावट दिखाई दी।
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- फोटो : File
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विस्तार
दक्षिण अफ्रीका में पाए गए कोरोना के नए वैरिएंट ने बाजार में भी हडकंप मचा दिया है। सिर्फ वैश्विक बाजार ही नहीं भारत में भी इसका असर दिखने लगा है। नए ओमिक्रॉन वैरिएंट सामने आने के बाद भारतीय बाजार में उथल-पुथल देखी गई है और सेंसेक्स में 1400 अंक तक की गिरावट सामने आई। हालांकि, बाद में इसमें कुछ सुधार भी हुआ, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि निवेशकों को थोड़ा इंतजार करना चाहिए और एक साथ पैसा निवेश करने से बचना चाहिए।
वित्तीय जानकार क्रिस्टोफर वुड ने अपने साप्ताहिक लेख में लिखा कि बढ़ती ठंड के बीच कोरोना के नए स्वरूप के सामने आने से व्यापार के लिए बहुत बड़े डर और जोखिम की स्थिति पैदा हो गई है।
पटरी से उतर सकती है अर्थव्यवस्था
विशेषज्ञों का कहना है कि बोत्सवाना में पाए गए ओमिक्रॉन वैरिएंट का संक्रमण दक्षिण अफ्रीका में तेजी से फैल रहा है। इसके अलावा यह दुनिया के अन्य दस देशों तक पहुंच गया है, ऐसे में सभी विकसित देश फिर से अपने दरवाजे बंद करने के लिए मजबूर हो सकते हैं, जिससे पहले से चरमराई अर्थव्यवस्था पटरी से उतर सकती है।
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दिखने लगा बाजार में असर
कोरोना का नया वैरिएंट सामने आने के बाद बाजार पर संभावित खतरा दिखने लगा है। एशियाई बाजार भी इससे अछूते नहीं हैं। नतीजतन, जापान के निक्केई में दो प्रतिशत तो स्ट्रेट टाइम्स में एक प्रतिशत की गिरावट देखी गई। शंघाई और ताइवान के बाजार में भी इसी प्रकार की गिरावट दिखाई दी।
दिसंबर में चरम पर हो सकता है खतरा
पिछले एक महीने से बड़े देशों में अमेरिका, फ्रांस, ब्रिटेन, रूस और चीन में कोरोना संक्रमण की वृद्धि देखी गई है। लेकिन असली खतरा दिसंबर में सामने आ सकता है। दरअसल, विशेषज्ञों का कहना है कि दिसंबर में त्योहारों के कारण अंतरराष्ट्रीय यात्राएं बढ़ेंगी, जिससे संक्रमण भी बढ़ सकता है।
क्या है एक्सपर्ट की राय
विशेषज्ञों का कहना है कि बाजार की स्थिति अभी धैर्य बनाए रखने की है। उन्होंने निवेशकों को सलाह देते हुए कहा कि टूटते बाजार को देखकर किसी भी जगह पैसा लगाने की बजाय हमें थोड़ा इंतजार करना चाहिए और आने वाले दिनों की स्थितियों को देखना चाहिए। उन्होंने कहा कि जो लोग जोखिम ले सकते हैं, उन्हें फार्मा और फास्ट मूविंग कंज्यूमर गुड्स(एफएमसीजी) पर निवेश करना चाहिए।
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वित्तीय जानकार क्रिस्टोफर वुड ने अपने साप्ताहिक लेख में लिखा कि बढ़ती ठंड के बीच कोरोना के नए स्वरूप के सामने आने से व्यापार के लिए बहुत बड़े डर और जोखिम की स्थिति पैदा हो गई है।
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पटरी से उतर सकती है अर्थव्यवस्था
विशेषज्ञों का कहना है कि बोत्सवाना में पाए गए ओमिक्रॉन वैरिएंट का संक्रमण दक्षिण अफ्रीका में तेजी से फैल रहा है। इसके अलावा यह दुनिया के अन्य दस देशों तक पहुंच गया है, ऐसे में सभी विकसित देश फिर से अपने दरवाजे बंद करने के लिए मजबूर हो सकते हैं, जिससे पहले से चरमराई अर्थव्यवस्था पटरी से उतर सकती है।
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दिखने लगा बाजार में असर
कोरोना का नया वैरिएंट सामने आने के बाद बाजार पर संभावित खतरा दिखने लगा है। एशियाई बाजार भी इससे अछूते नहीं हैं। नतीजतन, जापान के निक्केई में दो प्रतिशत तो स्ट्रेट टाइम्स में एक प्रतिशत की गिरावट देखी गई। शंघाई और ताइवान के बाजार में भी इसी प्रकार की गिरावट दिखाई दी।
दिसंबर में चरम पर हो सकता है खतरा
पिछले एक महीने से बड़े देशों में अमेरिका, फ्रांस, ब्रिटेन, रूस और चीन में कोरोना संक्रमण की वृद्धि देखी गई है। लेकिन असली खतरा दिसंबर में सामने आ सकता है। दरअसल, विशेषज्ञों का कहना है कि दिसंबर में त्योहारों के कारण अंतरराष्ट्रीय यात्राएं बढ़ेंगी, जिससे संक्रमण भी बढ़ सकता है।
क्या है एक्सपर्ट की राय
विशेषज्ञों का कहना है कि बाजार की स्थिति अभी धैर्य बनाए रखने की है। उन्होंने निवेशकों को सलाह देते हुए कहा कि टूटते बाजार को देखकर किसी भी जगह पैसा लगाने की बजाय हमें थोड़ा इंतजार करना चाहिए और आने वाले दिनों की स्थितियों को देखना चाहिए। उन्होंने कहा कि जो लोग जोखिम ले सकते हैं, उन्हें फार्मा और फास्ट मूविंग कंज्यूमर गुड्स(एफएमसीजी) पर निवेश करना चाहिए।