फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   Corporate bonds higher returns and lower risk than FDs becoming investors preferred option

निवेश मंत्रा: कॉरपोरेट बॉन्ड में एफडी से ज्यादा रिटर्न और जोखिम कम; बन रहा है निवेशकों का पसंदीदा विकल्प

Mon, 28 Jul 2025 05:04 AM IST
अजीत सिंह Published by: दीपक कुमार शर्मा Updated Mon, 28 Jul 2025 05:04 AM IST
सार

कभी बड़े संस्थानों तक सीमित रहे बॉन्ड अब अच्छा रिटर्न चाहने वाले आम निवेशकों के पसंदीदा विकल्प बन गए हैं। एफडी, सोना या शेयर के अलावा एक और निवेश विकल्प है, वह है कॉरपोरेट बॉन्ड। इसमें निवेश का गणित बताती रिपोर्ट-
 

विज्ञापन
Corporate bonds higher returns and lower risk than FDs becoming investors preferred option
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

नियमों और टेक्नोलॉजी में बदलावों के कारण बॉन्ड अब आम निवेशकों के लिए पहले से कहीं ज्यादा सुलभ, सुरक्षित और लाभदायक बन गए हैं। ये धीरे-धीरे लोकप्रिय होते जा रहे हैं। भारत का कॉरपोरेट बॉन्ड बाजार तेजी से बढ़ रहा है। यह 2014 में सिर्फ तीन अरब डॉलर का था, जो 2024 में बढ़कर 147 अरब डॉलर तक पहुंच गया। पिछले एक दशक में लगभग 54 फीसदी की सालाना वृद्धि हुई है। यह सिर्फ वृद्धि नहीं, बल्कि निवेशकों के बढ़ते विश्वास और एक परिपक्व वित्तीय सिस्टम का सबूत भी है।

विज्ञापन


ये भी पढ़ें: Tax Collection: पांच वर्षों में दोगुना हुआ प्रत्यक्ष कर संग्रह, ITR दाखिल करने वालों की संख्या में 36% इजाफा
विज्ञापन


इन वजहों से भरोसेमंद बन रहा बॉन्ड बाजार

  • सख्त नियम : सिर्फ मजबूत कंपनियां ही बॉन्ड जारी कर सकती हैं।
  • अनिवार्य क्रेडिट रेटिंग : बॉन्ड की रेटिंग क्रिसिल और इक्रा जैसी एजेंसियां करती हैं, जिससे आपको जोखिम समझने में मदद मिलती है।
  • विज्ञापन
    विज्ञापन
  • पारदर्शी खुलासा : कंपनियां पारदर्शी तरीके से नियमित फाइनेंशियल अपडेट देती हैं ताकि निवेशक हमेशा सूचित रहें।
  • संस्थागत भागीदारी : म्यूचुअल फंड और बैंक जैसे बड़े निवेशक भी सक्रिय रूप से शामिल हैं, जिससे बाजार में भरोसा व स्थिरता आती है।
  • ज्यादा लिक्विडिटी : डीमैट आधारित ट्रेडिंग के कारण जरूरत पड़ने पर आसानी से बाहर निकल सकते हैं। ग्रिप जैसे कई प्लेटफॉर्म कभी भी बेचने की सुविधा देते हैं, जिससे तरलता सुनिश्चित होती है।

ये भी पढ़ें: TCS layoffs: टीसीएस में बड़े स्तर पर छंटनी की तैयारी, 12000 से ज्यादा कर्मचारियों की जाएगी नौकरी
 

अब खुदरा निवेशक भी बॉन्ड में हो रहे शामिल
हाल तक कॉरपोरेट बॉन्ड में निवेश अधिकतर संस्थागत निवेशकों तक सीमित था। ऐसा इसलिए क्योंकि न्यूनतम निवेश 10 लाख या उससे अधिक था। 2023 में सेबी ने आम निवेशकों के लिए भी रास्ता खोल दिया।        

  • अब आप कई बॉन्ड में सिर्फ 10,000 रुपये से निवेश कर सकते हैं। कुछ में तो 1,000 रुपये से भी कम में निवेश संभव है। स्टॉक एक्सचेंज के जरिये एक दिन में ही निपटान होता है। बॉन्ड डीमैट खाते में भेज दिए जाते हैं। इन बदलावों ने खुदरा निवेशकों की भागीदारी बढ़ाई है।
  • ग्रिप इन्वेस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, सिर्फ पांच तिमाहियों में निवेश पांच गुना बढ़ा है। 71 फीसदी लोग फिर से निवेश करते हैं। कई निवेशकों ने 15 माह में लगातार फिर से निवेश कर 10 लाख या उससे ज्यादा का पोर्टफोलियो बना लिया।

चाहे आप बेहद सतर्क बचतकर्ता हों, या अपने पोर्टफोलियो में विविधता चाहते हों। बॉन्ड पर गंभीरता से विचार करना बहुत मायने रखता है। डिजिटल तरीके से निवेश करना आसान हो गया है। इससे भरोसा बढ़ा है। ऐसे में यह विकल्प आज के निवेशकों के लिए एकदम उपयुक्त है। बॉन्ड में निवेश का युग अब आ चुका है। -निखिल अग्रवाल, सीईओ, ग्रिप इन्वेस्ट

संबंधित वीडियो
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed