फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   Corporate Affairs Ministry over 3300 company Names will be removed from official records

Corporate: आधिकारिक रिकॉर्ड से हटेंगे 3300+ कंपनियों के नाम; एक साल में भी कारोबार शुरू नहीं, अब दिया आवेदन

Mon, 05 May 2025 04:09 AM IST
ज्योति भास्कर एजेंसी, नई दिल्ली
एजेंसी, नई दिल्ली Published by: ज्योति भास्कर Updated Mon, 05 May 2025 04:09 AM IST
सार

कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय को मिले आवेदनों के आधार पर 3300 से अधिक कंपनियों के नाम आधिकारिक रिकॉर्ड से हटाए जाएंगे। इन कंपनियों का कारोबार एक साल में भी कारोबार शुरू नहीं हो सका। अब कंपनियों ने नाम हटाने का आवेदन दिया है। महाराष्ट्र में सर्वाधिक 19 फीसदी कंपनियां सक्रिय हैं।

विज्ञापन
Corporate Affairs Ministry over 3300 company Names will be removed from official records
3300 से अधिक कंपनियों के नाम रिकॉर्ड से हटाने की तैयारी (प्रतीकात्मक) - फोटो : एएनआई

विस्तार

कॉरपोरेट मामलों का मंत्रालय 3,300 से अधिक कंपनियों के नाम आधिकारिक रिकॉर्ड से हटा देगा। मंत्रालय के पास उपलब्ध ताजे आंकड़ों के अनुसार, विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज (आरओसी) ने कंपनी अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार अप्रैल में इन कंपनियों के नाम हटाने के संबंध में सार्वजनिक नोटिस जारी किए।
विज्ञापन


उपरोक्त 3,300 कंपनियों में से महाराष्ट्र में 700 से अधिक, दिल्ली में लगभग 500, कर्नाटक में 350 से अधिक, गुजरात, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में 200-200 से अधिक कंपनियां हैं। कंपनी रजिस्ट्रार को कंपनी अधिनियम की धारा 248(2) के तहत कुछ आधारों पर कंपनियों से आवेदन मिले थे। इनमें यह भी शामिल था कि वे अपनी स्थापना के एक वर्ष के भीतर कारोबार शुरू करने में विफल रहीं या उन्होंने दो वित्त वर्षों की अवधि के दौरान कोई कारोबार नहीं किया।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें- निवेश मंत्रा: सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड पर 8 साल में तीन गुना रिटर्न... करमुक्त होगी मिलने वाली रकम
विज्ञापन
विज्ञापन


इस वर्ष मार्च के अंत तक देश में कुल 28.52 लाख पंजीकृत कंपनियों में से 18.51 लाख सक्रिय कंपनियां थीं। धारा 248(2) के तहत, कोई कंपनी अपनी सभी देनदारियों को समाप्त करने के बाद विशेष प्रस्ताव या 75 प्रतिशत सदस्यों की चुकता शेयर पूंजी की सहमति से कुछ शर्तों के अधीन नाम हटाने के लिए आवेदन कर सकती है। कंपनी रजिस्ट्रार ने अप्रैल में सार्वजनिक नोटिस जारी कर यह पता लगाने की कोशिश की थी कि क्या किसी को इन कंपनियों के नाम हटाने के प्रस्ताव पर कोई आपत्ति है।

ये भी पढ़ें- CBDT on Income Tax: 'अग्रिम कर जमा करने वाले करदाताओं पर रखें बारीक नजर', आयकर विभाग ने दिया अहम आदेश

महाराष्ट्र में सबसे अधिक 19 फीसदी सक्रिय कंपनियां
37 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में से महाराष्ट्र (19 प्रतिशत) सबसे अधिक सक्रिय कंपनियों वाला राज्य बना हुआ है। दिल्ली में 14 प्रतिशत व पश्चिम बंगाल में 8 प्रतिशत हैं। फरवरी, 2025 की तुलना में महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और तेलंगाना राज्यों में सक्रिय कंपनियों की संख्या में वृद्धि हुई है। केंद्र शासित प्रदेशों में जम्मू -कश्मीर में फरवरी, 2025 की तुलना में 143 कंपनियों की संख्या में वृद्धि हुई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed