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कोरोना वायरस का असर: मार्च-अप्रैल में खाद्य तेलों की मांग घटने की संभावना

Mon, 30 Mar 2020 03:17 PM IST
‌डिंपल अलवधी पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली Published by: ‌डिंपल अलवधी Updated Mon, 30 Mar 2020 03:17 PM IST
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Coronavirus effect edible oil demand likely to fall in march april
तेल कीमतों में आई गिरावट (फाइल फोटो) - फोटो : PTI

कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए देशव्यापी ‘लॉकडाउन’ के कारण होटल और रेस्तरां के बंद होने से मार्च-अप्रैल के दौरान खाद्य तेलों की मांग में गिरावट आने की संभावना है।

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देश की कुल खाद्य तेल की मांग का 40 फीसदी भाग होटल, रेस्तरां और ‘कैफेटेरिया’ का होता है। देश में खाद्य तेल की वार्षिक मांग 23 करोड़ टन का है।

मांग को पूरा करने के लिए देश में पर्याप्त स्टॉक मौजूद
भारतीय सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स संघ (एसईए) के कार्यकारी निदेशक बीवी मेहता ने बताया कि खाद्य तेल आयात और इसके प्रसंस्करण की गतिविधियों में भी कमी आई है, लेकिन घरेलू मांग को पूरा करने के लिए देश में पर्याप्त स्टॉक मौजूद है।
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खाद्य तेल की मासिक खपत 18-19 लाख टन
आगे मेहता ने कहा कि, ‘‘खाद्य तेल की मासिक खपत 18-19 लाख टन है। होटल, रेस्तरां और ‘कैफेटेरिया’ बंद हो जाने से निश्चित रूप से मांग में गिरावट आएगी।’’ हालांकि, उन्होंने कहा कि गिरावट की सीमा का अनुमान लगाना मुश्किल होगा क्योंकि लॉकडाउन अवधि के दौरान घरेलू खपत में थोड़ी वृद्धि हो सकती है।
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मेहता ने कहा कि वनस्पति तेलों (खाद्य और अखाद्य तेल) का आयात भी धीमा हो गया है, लेकिन उपलब्धता के बारे में कोई चिंता नहीं है। मेहता ने कहा कि, ‘‘हमारे पास आयातित तेल का पर्याप्त स्टॉक है। सरसों के तेल का स्थानीय उत्पादन हो रहा है। राजस्थान और मध्य प्रदेश में सरसों की फसल की कटाई चल रही है, इसलिए सभी स्थानीय खाद्यतेल प्रसंस्करण करने वाली मिलें काम कर रही हैं।

खाद्य तेल की मांग 230 लाख टन सालाना
उन्होंने कहा कि मजदूरों की कमी की कुछ समस्या और ‘लॉजिस्टिक’ की दिक्कतें हैं, लेकिन इनका हल निकाला जा रहा है। भारत में खाद्य तेल की कुल मांग सालाना लगभग 230 लाख टन की है, जो कि बड़े पैमाने पर आयात के माध्यम से पूरा किया जा रहा है।

इन देशों से आयात होता है तेल
देश में मलयेशिया और इंडोनेशिया से पाम तेल का आयात होता है, जबकि सोयाबीन का आयात अर्जेंटीना और ब्राजील से होता है। विपणन वर्ष 2018-19 (नवंबर-अक्तूबर) में भारत का वनस्पति तेल आयात 3.5 फीसदी बढ़कर 155.5 लाख टन हो गया।


खाद्य तेलों का आयात विपणन वर्ष 2018-19 में बढ़कर 149.13 लाख टन हो गया, जो उसके पिछले वर्ष 145.16 लाख टन था, जबकि समीक्षाधीन अवधि के दौरान अखाद्य तेलों का आयात पहले के 5,09,748 टन से बढ़कर 6,36,159 टन हो गया

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