कोरोना काल: नॉन फूड क्रेडिट की ग्रोथ रेट में आई गिरावट, पर्सनल लोन की 12 फीसदी बढ़ी
कोरोना काल में देश औद्योगिक व व्यावसायिक गतिविधियों पर असर पड़ा है। इस दौरान उद्योगों की कर्ज वृद्धि दर में गिरावट आई है।
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रिजर्व बैंक ने शुक्रवार को वर्ष दर वर्ष आधार पर क्रेडिट रिपोर्ट जारी की। इसमें कृषि कर्ज बढ़ने और नॉन फूड क्रेडिट की ग्रोथ रेट में गिरावट दर्ज हुई है। जबकि पर्सनल लोन में करीब 12 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज हुई है।
रिजर्व बैंक द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार जून 2021 में नॉन फूड बैंक क्रेडिट ग्रोथ 5.9 फीसदी रही, जबकि जून 2020 में यह 6 फीसदी रही थी। हालांकि कृषि व सहयोगी गतिविधियों के लिए कर्ज की अच्छी मांग रही। इसमें जून 2021 में 11.4 फीसदी बढ़ोतरी दर्ज हुई, जबकि जून 2020 में यह मात्र 2.4 फीसदी रही थी।
उद्योग की कर्ज वृद्धि दर में गिरावट
रिपोर्ट के अनुसार जून 2021 में उद्योगों की कर्ज वृद्धि दर 0.3 फीसदी की गिरावट आई, जबकि जून 2020 में इसमें 2.2 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज हुई थी। सेवा क्षेत्र में भी क्रेडिट ग्रोथ रेट में तेज गिरावट आई। जून 2021 में यह 2.9 फीसदी रही, जबकि जून 2020 में यह 10.7 फीसदी रही थी।
आभूषण लोन व वाहन लोन में बढ़ोतरी
रिजर्व बैंक के अनुसार जून 2021 में पर्सनल लोन में 11.9 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज हुई, जबकि एक साल पहले यह 10.4 फीसदी रही थी। यह वृद्धि मुख्य रूप से आभूषण गिरवी रखकर लोन लेने व वाहन लोन की मांग बढ़ने से हुई।
On a year-on-year basis, non-food bank credit growth stood at 5.9% in June 2021 as compared to 6% in June 2020. Credit to agriculture and allied activities continued to perform well, registering an accelerated growth of 11.4% in June 2021 as compared to 2.4% in June 2020: RBI pic.twitter.com/3Z4U762neK
— ANI (@ANI) July 30, 2021
आठ बुनियादी क्षेत्रों का उत्पादन 8.9 फीसदी बढ़ा
क्रेडिट ग्रोथ भले कम हुई हो लेकिन आठ बुनियादी आर्थिक क्षेत्रों का उत्पादन जून 2021 में 8.9 फीसदी बढ़ा है। ये आठ क्षेत्र हैं-कोयला, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, बिजली, रिफाइनरी उत्पाद, उर्वरक, इस्पात व सीमेंट। इन आठों क्षेत्रों में उत्पादन बढ़ा है। जबकि जून 2020 में 12.4 फीसदी गिरावट आई थी। पिछले साल लॉकडाउन के कारण लगी पाबंदियों से इन क्षेत्रों के उत्पादन में गिरावट आई थी।