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अर्थव्यवस्था पर कोरोना का ‘संक्रमण’: विनिर्माण गतिविधियां मार्च में 7 महीने के निचले स्तर पर, छंटनी का दौर जारी, सेंसेक्स भी लुढ़का   

Tue, 06 Apr 2021 01:09 AM IST
देव कश्यप एजेंसी, नई दिल्ली
एजेंसी, नई दिल्ली Published by: देव कश्यप Updated Tue, 06 Apr 2021 01:09 AM IST
सार

  • मांग, उत्पादन और नए ऑर्डर में गिरावट से सुस्त रहीं विनिर्माण क्षेत्र की गतिविधियां  
  • 55.4 रहा विनिर्माण पीएमआई मार्च में, जो फरवरी में 57.5 था

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Corona pandemic effect on Indian Economy
देश की अर्थव्यवस्था पर फिर से कोरोना का असर - फोटो : Pixabay

विस्तार

कोरोना संक्रमण के बढ़ रहे मामलों का असर फिर से अर्थव्यवस्था पर दिखने लगा है। महामारी ने अर्थव्यवस्था को जहां एक ओर विनिर्माण के मोर्चे पर झटका दिया है, वहीं दूसरी ओर सेंसेक्स में भी गिरावट दर्ज की गई। सुस्ती के दौर में होम लोन पर बढ़े ब्याज दर ने भी ग्राहकों पर बोझ बढ़ा दिया है। 

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दरअसल, संक्रमण के कारण देश की विनिर्माण गतिविधियों में वृद्धि की रफ्तार मार्च में फिर सुस्त होकर सात महीने के निचले स्तर पर आ गई। आईएचएस मार्किट इंडिया के मुताबिक, पिछले महीने विनिर्माण पीएमआई (परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स) सूचकांक घटकर 55.4 पर आ गया, जो फरवरी में 57.5 था। पीएमआई का 50 से अधिक रहना वृद्धि और इससे नीचे का आंकड़ा संकुचन दिखाता है।
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आईएचएस मार्किट की एसोसिएट निदेशक (अर्थशास्त्र) पॉलियाना डि लीमा ने सोमवार को कहा कि 2020 के आखिरी महीनों में सुस्त रहा उत्पादन 2021 की शुरुआत में तेज हुआ, लेकिन कोविड-19 के मामले बढ़ने के कारण मार्च में यह फिर धीमा हो गया। 2020-21 के आखिरी महीनों में कंपनियों को मिलने वाले ऑर्डर, मांग और खरीद के आंकड़ों में बढ़ोतरी की दर भी फरवरी से कम रही।  
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अप्रैल में और गिरावट का अनुमान
लीमा ने कहा, कई राज्यों में लॉकडाउन होने और उससे जुड़ी सख्ती बढ़ने से अप्रैल में भी विनिर्माण गतिविधियों में गिरावट का अनुमान है। इससे क्षेत्र की कंपनियों के लिए चुनौतियां और बढ़ जाएंगी। हालांकि, टीकाकरण अभियान से कंपनियों की धारणा सकारात्मक बनी हुई है। इससे आने वाले महीनों में उत्पादन बढ़ने के आसार हैं। 

रोजगार ने भी बढ़ाई मुश्किलें
आईएचएस मार्किट के मुताबिक, रोजगार के मोर्च पर मुश्किलें बनी हुई हैं। मार्च में भी रोजगार में गिरावट आई। छंटनी का यह सिलसिला पिछले एक साल से जारी है। हालांकि, कुछ कंपनियों का कहना है कि अगले 10 महीनों में उत्पादन बढ़ेगा, जिससे रोजगार के मोर्चे पर राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, अधिकांश कंपनियों का मानना है कि हालात ऐसे ही बने रहेंगे।

नीतिगत दरों में बदलाव की संभावना नहीं
विशेषज्ञों का कहना है कि संक्रमण बढ़ने और खुदरा महंगाई को चार फीसदी (दो फीसदी ऊपर या नीचे) के दायरे में रखने के सरकार के दबाव के कारण मौद्रिक समीक्षा बैठक में नीतिगत दरों में बदलाव की संभावना नहीं है। बैठक के नतीजे सात अप्रैल को आएंगे। 

सेंसेक्स 870 अंक लुढ़का, निवेशकों के दो लाख करोड़ डूबे
कोरोना के तेजी से बढ़ रहे मामले और आर्थिक सुधार की चिंताओं के बीच सेंसेक्स सोमवार को 870 अंक लुढ़क गया। निफ्टी में भी 229 अंकों से ज्यादा की गिरावट रही। इससे निवेशकों की पूंजी दो लाख करोड़ रुपये घटकर 205 लाख करोड़ रुपये रह गई। डॉलर के मुकाबले रुपये में तेज गिरावट के बीच बैंकिंग और वाहन कंपनियों के शेयरों में बिकवाली से सेंसेक्स 870.51 अंक गिरकर 49,159.32 पर बंद हुआ। शुरुआती कारोबार में इसमें 1,400 अंकों से ज्यादा की गिरावट रही।

निफ्टी 229.55 अंक लुढ़ककर 14,637.80 पर बंद हुआ। सेंसेक्स की कंपनियों में बजाज फिनसर्व सर्वाधिक 5.81 फीसदी नुकसान में रहा। इंडसइंड बैंक, एसबीआई, महिंद्रा एंड महिंद्रा, एक्सिस बैंक, बजाज ऑटो और आईसीआईसीआई बैंक के शेयरों में भी गिरावट रही। एशिया में दक्षिण कोरिया, जापान के शेयर बाजार लाल निशान पर बंद हुए। चीन, हांगकांग, ऑस्ट्रेलिया और यूरोप के बाजार बंद रहे।

जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, देश में संक्रमण अनुमान के मुकाबले तेजी से बढ़ रहा है। इससे आर्थिक सुधार की गति प्रभावित होने की चिंताओं से घरेलू बाजार में भारी बिकवाली हुई। 2021-22 की पहली तिमाही में कंपनियों की कमाई में गिरावट की आशंका से शेयरों के ऊंचे मूल्यांकन ने भी चिंता बढ़ाई है। उन्होंने कहा, मौद्रिक नीति समिति के फैसले और चौथी तिमाही के कंपनियों के नतीजे बाजार की दिशा को तय करेंगे।


रुपया 18 पैसे गिरकर 73.30 पर बंद
डॉलर के मुकाबले रुपया सोमवार को 18 पैसे गिरकर 73.30 पर बंद हुआ। बीएनपी परिबास के शोध विश्लेषक सैफ मुकादम ने कहा कि घरेलू शेयर बाजारों में गिरावट से निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई। इसके अलावा, बढ़ती संक्रमण की चिंताओं से रुपये पर दबाव बढ़ा। वहीं, अन्य मुद्राओं के मुकाबले डॉलर भी 0.05 फीसदी चढ़कर 93.06 पर पहुंच गया। अंतरबैंकिंग मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 73.38 पर खुला। कारोबार के दौरान यह 73.28 से 73.45 के दायरे में रहा।

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