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CII: सीआईआई का व्यापार विश्वास सूचकांक लगातार तीसरी तिमाही में बढ़कर 66.5 पर, पांच तिमाहियों में सबसे ज्यादा

Mon, 19 Jan 2026 06:47 AM IST
लव गौर एजेंसी
एजेंसी Published by: लव गौर Updated Mon, 19 Jan 2026 06:47 AM IST
सार

सीआईआई ने सर्वे में कहा, अक्तूबर से दिसंबर में सीआईआई का बिजनेस कॉन्फिडेंस इंडेक्स लगातार तीसरी तिमाही बढ़कर 66.5 हो गया है। यह बीते पांच तिमाहियों में सबसे अधिक है। 72 प्रतिशत कंपनियों को जीएसटी दरों में कटौती और त्योहारी खपत के कारण दिसंबर तिमाही में और वृद्धि की उम्मीद है।

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CII business confidence index rose to 66.5 for the third consecutive quarter
भारतीय उद्योग - फोटो : अमर उजाला प्रिंट

विस्तार

भारत में व्यवसायों का आत्मविश्वास बढ़ रहा है। घरेलू स्तर पर मांग लगातार मजबूत बनी हुई है। ऐसे में सरकार से आम बजट 2026-27 में सुधारों को जारी रखने की उम्मीद है। भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) ने सर्वे में कहा, अक्तूबर से दिसंबर में सीआईआई का बिजनेस कॉन्फिडेंस इंडेक्स लगातार तीसरी तिमाही बढ़कर 66.5 हो गया है। यह बीते पांच तिमाहियों में सबसे अधिक है। 72 प्रतिशत कंपनियों को जीएसटी दरों में कटौती और त्योहारी खपत के कारण दिसंबर तिमाही में और वृद्धि की उम्मीद है।
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उद्योग संगठन ने सर्वेक्षण में कहा, घरेलू मांग प्रमुख चालक बनी हुई है। इसमें दो-तिहाई कंपनियों ने सितंबर तिमाही में अधिक मांग दर्ज की है। सीआईआई-व्यापार विश्वास सूचकांक (बीसीआई) विभिन्न क्षेत्रों के सूक्ष्म, लघु, मध्यम और बड़े उद्यमों सहित सभी उद्योग क्षेत्रों को कवर करने वाली कंपनियों के नमूना सर्वेक्षण पर आधारित है। सर्वेक्षण में विनिर्माण और सेवा क्षेत्रों में सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों के उद्योग समूहों से प्राप्त प्रतिक्रियाओं को भी शामिल किया गया है। यह सर्वेक्षण दिसंबर, 2025 के पहले से तीसरे सप्ताह के दौरान किया गया था। इसमें विभिन्न आकारों की 175 से अधिक कंपनियों को शामिल किया गया था।
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सर्वे के मुताबिक, निवेश और भर्ती की इच्छाएं मजबूत बनी हुई हैं। 69 प्रतिशत को उम्मीद है कि आरबीआई जनवरी-मार्च के अंत तक रेपो दर में कटौती कर सकता है। सीआईआई ने विश्वास व्यक्त किया कि भारत की वृद्धि को बनाए रखने के लिए बजट में सुधारों की गति जारी रहेगी। सर्वेक्षण में यह भी सामने आया है कि 22 सितंबर से प्रभावी जीएसटी कटौती से बिक्री में वृद्धि हुई है। 56.3 फीसदी को उम्मीद है कि आने वाली तिमाहियों में उनकी बिक्री में 5 से 20 प्रतिशत की वृद्धि होगी। 
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सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था
उद्योग संगठन ने कहा, साहसिक सुधार पहलों से प्रेरित होकर भारत ने खुद को सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था के रूप में मजबूती से स्थापित किया है। देशों के बीच तनाव, व्यापारिक हथियारों के इस्तेमाल और धीमी वैश्विक अर्थव्यवस्था से उत्पन्न वैश्विक अनिश्चितता के बीच भारत का प्रदर्शन अच्छा रहा है। व्यापारिक विश्वास में लगातार वृद्धि उद्योग की बाहरी चुनौतियों से निपटने की क्षमता को दर्शाती है, जो मजबूत घरेलू मांग और एक सुदृढ़ सुधार एजेंडा पर आधारित है।


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बजट में पूंजीगत खर्च को बनाए रखने का सुझाव
2026-27 के केंद्रीय बजट के लिए सीआईआई ने पूंजीगत खर्च को बनाए रखने का सुझाव दिया है। इसके तहत 150 लाख करोड़ रुपये की पुनर्जीवित राष्ट्रीय अवसंरचना पाइपलाइन (एनआईपी) 2.0 शुरू की जा सकती है। उद्योग संगठन ने कहा, ध्यान ऐसी परियोजनाओं पर होना चाहिए जो तुरंत शुरू की जा सकें और राजस्व उत्पन्न कर सकें। साथ ही बुनियादी ढांचे के निर्माण में तेजी लाने और निजी निवेश को आकर्षित करने के लिए विवाद समाधान तंत्र को सुव्यवस्थित किया जाना चाहिए।
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