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Rice Stock: कीमत पर अंकुश लगाने के लिए राज्यों को चावल नहीं दे रहा केंद्र, UP समेत कई राज्यों ने की मांग

Wed, 21 Jun 2023 06:03 AM IST
वीरेंद्र शर्मा बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: वीरेंद्र शर्मा Updated Wed, 21 Jun 2023 06:03 AM IST
सार

केंद्रीय उपभोक्ता मंत्री ने मंगलवार को कर्नाटक को चावल की आपूर्ति से मना किए जाने के बाद उत्पन्न राजनीतिक विवाद के बीच कहा कि सचिवों की एक समिति ने फैसला किया है कि केंद्रीय भंडार में चावल का स्टॉक देश के 140 करोड़ लोगों की सेवा के लिए रखा जाना चाहिए।

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Center is not giving rice to the states to curb the price many states including UP demanded
चावल सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

केंद्र ने यह सुनिश्चित करने के लिए अपने स्टॉक से कई राज्यों को चावल उपलब्ध कराने या बेचने से इन्कार कर दिया है कि अनाज की कीमत खुले बाजार में न बढ़े और लोगों को यह सस्ते में मिलता रहे।
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केंद्रीय उपभोक्ता मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को कर्नाटक को चावल की आपूर्ति से मना किए जाने के बाद उत्पन्न राजनीतिक विवाद के बीच कहा कि सचिवों की एक समिति ने फैसला किया है कि केंद्रीय भंडार में चावल का स्टॉक देश के 140 करोड़ लोगों की सेवा के लिए रखा जाना चाहिए। राज्य जरूरत पड़ने पर बाजार से चावल खरीद सकते हैं। गोयल ने कहा, मुझे उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश, समेत कई राज्यों से चावल की मांग मिली है। लेकिन, हमने उन सबको चावल देने से इनकार कर दिया है। 
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इंडोनेशिया, गांबिया नेपाल को टूटे चावल के निर्यात को मंजूरी
केंद्र ने कुछ देशों को गेहूं और टूटे चावल के निर्यात को मंजूरी दे दी। इन देशों की ओर से अनाज के शिपमेंट की अनुमति देने के अनुरोध के बाद सरकार ने यह फैसला किया। सरकार ने 2022 में गेहूं और टूटे चावल के निर्यात पर रोक लगाई थी। सरकार की ओर से मंगलवार देर रात जारी अलग अलग अधिसूचनाओं में बताया गया कि इंडोनेशिया, सेनेगल, गांबिया को वित्तवर्ष 2023-24 में टूटे चावल और नेपाल को गेहूं का निर्यात किया जाएगा। इन देशों को अनाज निर्यात करने वाले भारतीय निर्यातकों को गेहूं और टूटे चावल के आवंटित कोटा के लिए बोली लगानी होगी। 
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सरकारी इस्पात कंपनियों ने चुकाया 692 करोड़ बकाया
सार्वजनिक क्षेत्र की इस्पात कंपनियों ने इस साल मई में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) का 692.36 करोड़ रुपये से अधिक का बकाया भुगतान किया है। यह मई, 2022 में किए गए भुगतान से 35.6% अधिक है।
आधिकारिक बयान के मुताबिक, अप्रैल-मई, 2023 में सरकारी इस्पात कंपनियों ने एमएसएमई को 1,321.32 करोड़ का भुगतान किया है। यह सालाना आधार पर 23.8% अधिक है। 

28 अरब डॉलर के पार पहुंचेगा फार्मा निर्यात
भारत से फार्मा निर्यात चालू वित्त वर्ष 28 अरब डॉलर के स्तर पर पहुंच जाएगा। 2022-23 में देश से 25.39 अरब डॉलर के फार्मा उत्पादों का निर्यात किया गया था। 

फार्मास्युटिकल्स एक्सपोर्ट प्रोमोशन काउंसिल ऑफ इंडिया के महानिदेशक उदय भास्कर ने कहा कि चालू वित्त वर्ष के दौरान निर्यात में 10 फीसदी के तेजी देखने को मिल सकती है। वहीं, अप्रैल और मई में फार्मा निर्यात 0.7 फीसदी अधिक रहेगा। 

ईपीएफओ से जुड़े 17.20 लाख सदस्य
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) से अप्रैल में शुद्ध आधार पर 17.20 लाख सदस्य जुड़े। इनमें करीब आधे लोग पहली बार इसके सामाजिक सुरक्षा दायरे का हिस्सा बने। नए सदस्यों में 54.15 फीसदी कर्मचारी 25 साल से कम उम्र के हैं। 


बीओएम ने 795.94 करोड़ लाभांश दिया
बैंक ऑफ महाराष्ट्र (बीओएम) ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को 2022-23 के लिए 795.94 करोड़ का लाभांश चेक सौंपा है। बैंक ने मंगलवार को कहा, यह उसकी ओर से सरकार को दिया सर्वाधिक लाभांश है। 
 
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