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CBI: फर्जी बिल बनाकर ONGC के तत्कालीन डीजीएम की मदद से 19 लाख की हेराफेरी; CBI ने दर्ज किया केस

Thu, 11 May 2023 06:10 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कुमार विवेक Updated Thu, 11 May 2023 06:10 PM IST
सार

CBI: सीबीआई के अनुसार ओएनसीजी ने यह भी आरोप लगाया है कि उक्त प्रोपराइटर ने झूठे और फर्जी बिलों का दावा किया, जिन्हें तत्कालीन डीजीएम की ओर से सत्यापित और प्रमाणित कर दिया गया। इसके परिणामस्वरूप उक्त निजी कंपनी को 19,15,080 रुपये (लगभग) का फर्जी भुगतान कर दिया गया।

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CBI registers a case on a complaint from ONGC against Ex-DGM and others
ओएनजीसी - फोटो : SELF

विस्तार

केंद्रीय जांच ब्यूरो ने ओएनजीसी नई दिल्ली की शिकायत पर एक मामला दर्ज किया है जिसमें आरोप लगाया गया है कि तत्कालीन डीजीएम (एमएस) और असम के जोरहाट में तैनात एक संविदात्मक चिकित्सा अधिकारी (व्यावसायिक स्वास्थ्य) ने एक निजी कंपनी के मालिक और अज्ञात अन्य लोगों के साथ साजिश रचकर हेराफेरी की है। सीबीआई के अनुसार, "आरोप है कि उक्त लोगों ने ओएनजीसी स्वास्थ्य सुविधाओं के रिटायर्ड लाभार्थियों और उनके आश्रितों के नाम पर उनकी जानकारी के बिना फिजियोथेरेपी के लिए मांग पर्ची तैयार की। यहां तक कि उन उन लाभार्थियों के नाम पर भी मांग पर्ची तैयार की गई जिनकी मृत्यु हो चुकी थी।" 

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सीबीआई के अनुसार ओएनसीजी ने यह भी आरोप लगाया है कि उक्त प्रोपराइटर ने झूठे और फर्जी बिलों का दावा किया, जिन्हें तत्कालीन डीजीएम की ओर से सत्यापित और प्रमाणित कर दिया गया। इसके परिणामस्वरूप उक्त निजी कंपनी को 19,15,080 रुपये (लगभग) का फर्जी भुगतान कर दिया गया। सीबीआई के अनुसार गुवाहाटी, जोरहाट और देहरादून सहित सात स्थानों पर आरोपियों के परिसरों की तलाशी ली गई, जिसमें कई आपत्तिजनक दस्तावेज/वस्तुएं बरामद की गईं हैं। सीबीआई के अनुसार डीजीएम के नाम पर छह संपत्तियों से संबंधित दस्तावेज भी बरामद किए गए है। 
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केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के अनुसार इस मामले में आरोपी डॉ. बिजॉय कुमार शॉ, तत्कालीन डीजीएम (एमएस); डॉ. ईशित्व तामुली, संविदात्मक चिकित्सा अधिकारी (व्यावसायिक स्वास्थ्य), ओएनजीसी, जोरहाट (असम); किरण फिजियोथेरेपी क्लिनिक, चिन्नामारा, जोरहाट (असम) के मालिक जदुमोनी हजारिका और अन्य अज्ञात को आरोपी बनाया गया है।

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