{"_id":"66e2d4af777919382505558f","slug":"cbi-books-deputy-director-roc-mumbai-for-alleged-demand-of-rs-2-crore-bribe-2024-09-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"CBI: दो करोड़ रुपये की रिश्वत मांगने के आरोप में आरओसी मुंबई के उप निदेशक के खिलाफ केस, सीबीआई ने की कार्रवाई","category":{"title":"Business Diary","title_hn":"बिज़नेस डायरी","slug":"business-diary"}}
CBI: दो करोड़ रुपये की रिश्वत मांगने के आरोप में आरओसी मुंबई के उप निदेशक के खिलाफ केस, सीबीआई ने की कार्रवाई
Thu, 12 Sep 2024 05:17 PM IST
कुमार विवेक
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कुमार विवेक
Updated Thu, 12 Sep 2024 05:17 PM IST
सार
CBI Action: सीबीआई ने यह कार्रवाई एक व्यवसायी की शिकायत पर की, जिसकी कंपनी आरओसी मुंबई के जांच के दायरे में थी। एफआईआर में कहा गया है कि आरोप है कि आरओसी मुंबई में चल रही जांच में उसकी कंपनी के पक्ष में रिपोर्ट तैयार करने के लिए 2 करोड़ रुपये की रिश्वत दी गई थी।
विज्ञापन
सीबीआई
- फोटो : पीटीआई
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने मुंबई के कंपनी रजिस्ट्रार के उप निदेशक के खिलाफ एक जांचाधीन कंपनी के पक्ष में रिपोर्ट तैयार करने के लिए कथित तौर पर दो करोड़ रुपये की रिश्वत मांगने का मामला दर्ज किया है।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि उप निदेशक साई शंकर लांडा के खिलाफ मंगलवार को प्राथमिकी दर्ज होने के बाद केंद्रीय एजेंसी ने बुधवार को मुंबई में उनके परिसरों और विशाखापत्तनम में उनके पैतृक स्थान पर तलाशी अभियान चलाया था।
विज्ञापन
सीबीआई ने यह कार्रवाई एक व्यवसायी की शिकायत पर की थी, जिसकी कंपनी आरओसी मुंबई द्वारा जांच के दायरे में थी। एफआईआर में कहा गया है कि आरोप है कि आरओसी मुंबई में चल रही जांच में उसकी कंपनी के पक्ष में रिपोर्ट तैयार करने के लिए 2 करोड़ रुपये की रिश्वत दी गई थी।
विज्ञापन
सीबीआई की एफआईआर में आरोप लगाया गया है, "शिकायत में उल्लिखित आरोपों की 23 अप्रैल, 2024 को पंच गवाहों की उपस्थिति में सावधानीपूर्वक पुष्टि की गई है, जिससे पता चलता है कि मुंबई के रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज के उप निदेशक साईं शंकर लांडा ने बातचीत के बाद शिकायतकर्ता से 30-35 लाख रुपये की रिश्वत लेने पर सहमति व्यक्त की है।"
सत्यापन के बाद, सीबीआई ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 17ए के तहत लांडा के खिलाफ कार्यवाही के लिए मंजूरी प्राप्त की और मामला दर्ज किया।