{"_id":"6511593183d39137a70e0bd3","slug":"can-t-interfere-in-employment-agreement-between-pilots-akasa-air-dgca-to-hc-2023-09-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"DGCA: 'पायलटों और अकासा एयर के बीच रोजगार समझौते में हस्तक्षेप नहीं करेंगे', डीजीसीए ने कही ये बात","category":{"title":"Business Diary","title_hn":"बिज़नेस डायरी","slug":"business-diary"}}
DGCA: 'पायलटों और अकासा एयर के बीच रोजगार समझौते में हस्तक्षेप नहीं करेंगे', डीजीसीए ने कही ये बात
Mon, 25 Sep 2023 03:30 PM IST
कुमार विवेक
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कुमार विवेक
Updated Mon, 25 Sep 2023 03:30 PM IST
सार
DGCA: डीजीसीए ने नई विमानन कंपनी ‘अकासा एयर’ की एक याचिका के जवाब में अपनी लिखित दलीलें दायर कीं। अकासा एयर की याचिका में कहा गया है कि अनिवार्य नोटिस अवधि पूरी किए बिना अचानक 43 पायलटों के इस्तीफा देने से कंपनी संकट की स्थिति में है।
विज्ञापन
अकासा एयर
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने दिल्ली उच्च न्यायालय को बताया है कि नियामक पायलटों और ‘अकासा एयर’ के बीच रोजगार समझौते में हस्तक्षेप नहीं कर सकता। आकासा एयर ने नोटिस अवधि पूरी किए बिना इस्तीफा देने वाले पायलटों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
विज्ञापन
डीजीसीए ने कहा कि यह संबंधित पक्षों के हित में होगा कि याचिकाकर्ता कंपनी ‘अकासा एयर’ उड़ान संचालन को बनाए रखने के लिए आवश्यक संख्या में पायलट नहीं होने पर सीमित संचालन बनाए रखने संबंधी डीजीसीए के आदेश का अनुपालन करे।
विज्ञापन
डीजीसीए ने नई विमानन कंपनी ‘अकासा एयर’ की एक याचिका के जवाब में अपनी लिखित दलीलें दायर कीं। अकासा एयर की याचिका में कहा गया है कि अनिवार्य नोटिस अवधि पूरी किए बिना अचानक 43 पायलटों के इस्तीफा देने से कंपनी संकट की स्थिति में है।
विज्ञापन
न्यायमूर्ति मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा ने 19 सितंबर को कंपनी की याचिका पर अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था और पक्षों से अपनी लिखित दलीलें दाखिल करने को कहा था।
कंपनी और उसके सीईओ विनय दुबे ने 14 सितंबर को उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी, जिसमें डीजीसीए को "गैर-जिम्मेदाराना कार्यों" के लिए इन पायलटों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया था।
डीजीसीए ने अपने जवाब में स्पष्ट किया कि उसके पास हवाईअड्ड संचालकों, एयरलाइन संचालकों या किसी अन्य हितधारकों के संबंध में किसी भी रोजगार अनुबंध और निर्णयों में हस्तक्षेप करने की कोई शक्ति या अधिकार नहीं है।
डीजीसीए ने अदालत से ‘अकासा एयर’ की याचिका को जुर्माना लगाकर खारिज करने का आग्रह किया और कहा, “डीजीसीए एयरलाइन और पायलट के बीच रोजगार समझौते में हस्तक्षेप नहीं कर सकता, जिसमें पायलटों की बर्खास्तगी का मामला शामिल है...।”