Biz Updates: आयकर विभाग ने ऑडिट रिपोर्ट दाखिल करने की तारीख बढ़ाई; बिना मंजूरी गैर-बासमती चावल निर्यात पर रोक
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केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने करदाताओं को बड़ी राहत देते हुए ऑडिट रिपोर्ट दाखिल करने की अंतिम तारीख बढ़ा दी है। अब आकलन वर्ष 2025-26 (वित्त वर्ष 2024-25) के लिए विभिन्न ऑडिट रिपोर्ट 30 सितंबर 2025 की बजाय 31 अक्तूबर 2025 तक दाखिल की जा सकेंगी। सीबीडीटी ने यह निर्णय आयकर अधिनियम की धारा 139 की उपधारा (1) के स्पष्टीकरण 2 के खंड (ए) के तहत निर्दिष्ट करदाताओं के लिए लिया है।
गैर-बासमती चावल निर्यात प्रक्रिया में जरूरी होगा एपीडा रजिस्ट्रेशन
सरकार ने बुधवार को कहा, गैर-बासमती चावल के निर्यात की अनुमति कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) में पंजीकरण के बाद ही दी जाएगी। एपीडा वाणिज्य मंत्रालय की एक शाखा है। डीजीएफटी ने कहा, गैर-वासमती चावल की निर्यात नीति में अतिरिक्त शर्त जोड़ी गई है। इसके तहत, गैर-बासमती चाबल निर्यात की मंजूरी एपीडा से अनुबंध पंजीकरण के बाद ही दी जाएगी।
चीन से क्रेन आयात पर लगेगा डंपिंग-रोधी शुल्क
व्यापार उपबार महानिदेशालय (डीजीटीआर) ने चीन से कुछ क्रेनों के आयात पर पांच वर्षों के लिए डंपिंग-रोधी शुल्क लगाने की सिफारिश की है। इसका उद्देश्य घरेलू उत्पादकों को सस्ते आयात से बचाना है। चीनी उत्पाद को सामान्य मूल्य से कम कीमत पर भारत में निर्यात किया गया है। क्रेन का उपयोग बुनियादी ढाँचा और सड़कों जैसी परियोजनाओं, में किया जाता है।
भारत-ऑस्ट्रेलिया ने जैविक उत्पादों के व्यापार को सुविधाजनक बनाने के लिए एक समझौते पारस्परिक मान्यता व्यवस्था (एमआरए) पर बुधवार को हस्ताक्षर किए। वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार, इस समझौते के तहत दोनों देश एक-दूसरे के जैविक मानकों और प्रमाणन प्रणाली को मान्यता देंगे, जिससे व्यापार में बाधाएं कम होंगी और प्रमाणन की समानता सुनिश्चित होगी। इस एमआरए के तहत भारत और ऑस्ट्रेलिया में उगाए और प्रोसेस किए गए जैविक उत्पादों पर यह व्यवस्था लागू होगी। वाणिज्य मंत्रालय ने कहा कि जैविक उत्पाद बाजार में 30-40 प्रतिशत अधिक मूल्य रखते हैं, जिससे किसानों को बेहतर आय और जीवन स्तर का लाभ मिलेगा।
करदाता आयकर कानून की धारा 87ए के तहत उस आय पर कर छूट का दावा नहीं कर सकते, जिस पर विशेष दरों पर कर लगाया जाता है। इसमें शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन (एसटीसीजी) भी शामिल है।
2023-24 में कई करदाताओं ने शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन पर छूट का दावा किया था, लेकिन आयकर विभाग ने खारिज कर दिया था। ऐसे करदाताओं को अब बकाया टैक्स भरना होगा। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने कहा, अब ऐसे करदाताओं को 31 दिसंबर तक बकाया टैक्स चुकाना होगा। फिर ब्याज भी देना होगा। यह उन मामलों पर भी लागू होगा, जहां पहले गलती से छूट दी गई थी। कई मामलों में रिटर्न गलत प्रोसेस किए गए थे। अब इन गलतियों पर नया नोटिस जारी किया जा रहा है।
हाई कोर्ट तक पहुंचा मामला
2023-24 के लिए छूट की सीमा पुरानी टैक्स व्यवस्था के तहत 5 लाख और नई व्यवस्था के तहत 7 लाख रुपये थी। इसने कर देयता को शून्य करने में मदद की, लेकिन यह छूट एसटीसीजी जैसी विशेष दरों पर नहीं थी। बाद में यह मामला बॉम्बे हाई कोर्ट में गया था। इसमें आयकर विभाग से करदाताओं को रिटर्न संशोधित करने की अनुमति देने का अनुरोध किया था। जनवरी में ऐसे संशोधनों के लिए 15 दिनों की अवधि तय की गई थी। बाद में भी कई करदाताओं को बकाया नोटिस मिला। फिर बजट में छूट के लिए पात्र नहीं होने का नियम जारी कर दिया गया।
मांग में मंदी के कारण युवा उपभोक्ता अब कम कर्ज ले रहे हैं। ट्रांसयूनियन सिबिल की रिपोर्ट के अनुसार, जून तिमाही में युवा ग्राहकों की लोन वृद्धि दर घटकर 6 फीसदी रह गई है। एक साल पहले समान तिमाही में यह 9 फीसदी थी। 18-35 साल के ग्राहकों की रिपोर्ट से पता चलता है कि जून तिमाही में क्रेडिट मार्केट इंडिकेटर (सीएमआई) एक साल पहले इसी अवधि की तुलना में गिरकर 98 पर आ गया। सीएमआई एक समग्र सूचकांक है जो मांग, आपूर्ति, उपभोक्ता व्यवहार और प्रदर्शन के आधार पर देश के ऋण बाजार की स्थिति पर नजर रखता है। जून तिमाही के दौरान कुल मांग में युवा उपभोक्ताओं की हिस्सेदारी घटकर 56 फीसदी रह गई। एक साल पहले यह 58 फीसदी थी। पर्सलन लोन, कंज्यूमर ड्यूरेबल और गोल्ड लोन के लिए पूछताछ जरूर मजबूत रही, लेकिन क्रेडिट कार्ड की मांग में गिरावट आई। महानगरों और शहरी क्षेत्रों में युवा उधारकर्ताओं के लोन लेन में भी दो वर्षों में तीन फीसदी की गिरावट आई है। इस क्षेत्र में ऋण की मांग में हालिया गिरावट अधिक सतर्क मानसिकता को दिखाती है। ग्रामीण और अर्ध-शहरी बाजारों में पर्सनल लोन प्राप्ति में सबसे अधिक 15 फीसदी की वृद्धि देखी गई। इसके बाद कंज्यूमर ड्यूरेबल में 9 फीसदी और गोल्ड लोन में 7 फीसदी की वृद्धि हुई।
मैनकाइंड फार्मा ने फंतासी की नई मिसाल पेश करते हुए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से बनाई मॉडल माइरा कपूर को ब्रांड अंबेसडर बनाया है। कंपनी ने टीवी पर विज्ञापन के जरिये माइरा को लॉन्च करने की घोषणा भी की।
विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के समझौतों में विकासशील देशों को दिए जाने वाले विशेष व्यवहार की मांग से चीन हट गया है। उसने कहा वह अब ऐसी मांग नहीं करेगा। इसकी लंबे समय से अमेरिका मांग कर रहा था। चीनी वाणिज्य मंत्रालय ने अमेरिका का नाम लिए बिना कहा, यह कदम वैश्विक व्यापार प्रणाली को ऐसे समय में बढ़ावा देने का प्रयास है जब यह दुनिया टैरिफ, युद्धों व कुछ देशों की संरक्षणवादी कदमों के खतरे में है।
सूत्रों के अनुसार रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स ने पूरे भारत में एकीकृत खाद्य विनिर्माण सुविधाएं स्थापित करने के लिए केंद्र सरकार के साथ 40,000 करोड़ रुपये के समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं।
HSBC ने बढ़ाई भारत की रेटिंग
ग्लोबल ब्रोकरेज हाउस एचएसबीसी ने भारत के शेयर बाजार के रेटिंग को ‘न्यूट्रल’ से ‘ओवरवेट’ में अपग्रेड कर दिया है। कंपनी ने यह कदम भारत की मजबूत मैक्रोइकॉनॉमिक स्थिति, आकर्षक वैल्यूएशंस और सरकारी नीतियों से बढ़े उपभोग व कॉर्पोरेट आय के समर्थन को देखते हुए उठाया है। HSBC की एशिया इक्विटी इनसाइट्स क्वार्टरली स्ट्रैटेजी रिपोर्ट में कहा गया कि बीते एक साल में भारत की इक्विटी प्रदर्शन उभरते बाजारों के अन्य साथियों के मुकाबले पीछे रही। इसका कारण घरेलू मंदी और अमेरिकी टैरिफ संबंधी चिंताएं थीं। लेकिन अब भारत का बाजार क्षेत्रीय स्तर पर आकर्षक दिखाई दे रहा है।
रिपोर्ट में कहा गया कि भारत अब क्षेत्रीय दृष्टि से आकर्षक लगता है, हम न्यूट्रल से ओवरवेट की ओर बढ़ रहे हैं। HSBC के अनुसार, भारत अन्य एशियाई बाजारों की तुलना में बेहतर मूल्य प्रदान करता है। कंपनी ने सेंसेक्स के लिए 2025 अंत तक 85,130 और 2026 अंत तक 94,000 अंक का लक्ष्य रखा है, जिससे वर्तमान स्तर से लगभग 13.2% की संभावित बढ़त दिखती है।
एनसीडीआरसी में सदस्य पद के लिए आवेदन शुरू
उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (एनसीडीआरसी) में सदस्य के रिक्त पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। मंत्रालय ने यह भी बताया कि आवेदन आवेदन की अंतिम तिथि से पहले उत्पन्न होने वाली किसी भी अतिरिक्त रिक्ति के लिए भी स्वीकार किए जाएंगे।
एनसीडीआरसी, जो कि उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के तहत स्थापित भारत का सर्वोच्च उपभोक्ता आयोग है। इसका मुख्यालय नई दिल्ली में स्थित है। एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से 24 अक्टूबर तक स्वीकार किए जाएंगे। भर्ती प्रक्रिया 25 सितंबर से शुरू हो चुकी है। उम्मीदवारों की योग्यता, पात्रता, वेतन और सेवा शर्तें ट्रिब्यूनल रिफॉर्म्स एक्ट और ट्रिब्यूनल (सेवा की शर्तें) नियम, 2021 के अनुसार निर्धारित की जाएंगी। ट्रिब्यूनल रिफॉर्म्स एक्ट, 2021 के तहत गठित खोज-सह-चयन समिति आवेदकों के अनुभव और योग्यताओं के आधार पर मूल्यांकन करेगी और योग्य उम्मीदवारों का चयन करेगी।
ABB इंडिया ने 140 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया
इलेक्ट्रिफिकेशन और ऑटोमेशन की दिग्गज कंपनी एबीबी इंडिया ने गुरुवार को घोषणा की कि वह भारत में अपने लो-वोल्टेज (एलवी) मोटर्स मैन्युफैक्चरिंग प्लांट के विस्तार और आधुनिकीकरण के लिए 140 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश करेगी। कंपनी ने साथ ही IE5 अल्ट्रा-प्रीमियम एफिशिएंसी मोटर्स लॉन्च किए हैं। इससे भारत को वैश्विक नवाचार और तकनीकी उत्कृष्टता के केंद्र के रूप में और मजबूती मिलेगी। एबीबी के IEC लो-वोल्टेज मोटर्स के प्रेसिडेंट स्टीफन फ्लॉक ने कहा कि हमारा यह रणनीतिक निवेश सिर्फ क्षमता बढ़ाने के लिए नहीं है, बल्कि भारत को एक प्रमुख वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में और मजबूत बनाने की हमारी दीर्घकालिक दृष्टि का हिस्सा है।