{"_id":"6a0342ad89ed130c8f0c3aaa","slug":"business-news-updates-china-urges-wto-to-set-up-panel-in-case-against-india-2026-05-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Biz Updates: चीन ने डब्ल्यूटीओ में भारत के खिलाफ की यह अपील, पढ़ें कारोबार जगत से जुड़े अहम अपडेट्स","category":{"title":"Business Diary","title_hn":"बिज़नेस डायरी","slug":"business-diary"}}
Biz Updates: चीन ने डब्ल्यूटीओ में भारत के खिलाफ की यह अपील, पढ़ें कारोबार जगत से जुड़े अहम अपडेट्स
Tue, 12 May 2026 08:39 PM IST
कुमार विवेक
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कुमार विवेक
Updated Tue, 12 May 2026 08:39 PM IST
विज्ञापन
बिजनेस अपडेट्स
- फोटो : amarujala.com
चीन ने सौर सेल, मॉड्यूल और सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्रों के लिए भारत को मिली मदद के दायर किए गए मामले में विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के विवाद निपटान निकाय से एक पैनल गठित करने का अनुरोध किया है।
विज्ञापन
यह अनुरोध पिछले साल दिसंबर में चीन की ओर से दायर किए गए विवाद पर आपसी सहमति से समाधान तक पहुंचने के लिए द्विपक्षीय परामर्श की विफलता के बाद किया गया है। इस मामले में आपसी सहमति से समाधान तक पहुंचने के लिए 10 फरवरी, 2026 को परामर्श किया गया था।
विज्ञापन
विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) की ओर से एक प्रेस विज्ञप्ति मे बताया गया, "दुर्भाग्यवश, उन परामर्शों से विवाद का समाधान नहीं हो सका। इसलिए, चीन ने एक पैनल के गठन के लिए अनुरोध किया है।"
विज्ञापन
चीन ने आरोप लगाया है कि भारत की ओर से कुछ तकनीकी उत्पादों पर लगाया गया टैरिफ या आयात शुल्क, और आयातित वस्तुओं के स्थान पर घरेलू उत्पादों के उपयोग जैसे उपाय, चीनी वस्तुओं के साथ भेदभाव करते हैं।
बीजिंग ने दावा किया था कि ये समर्थन उपाय और प्रोत्साहन विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के टैरिफ और व्यापार पर सामान्य समझौते 1994, सब्सिडी और प्रतिपूरक उपायों पर समझौते और व्यापार-संबंधित निवेश उपायों पर समझौते से संबंधित नियमों का उल्लंघन करते हैं।
विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के नियमों के अनुसार, विवाद निपटान प्रक्रिया का पहला चरण परामर्श लेना है।
यदि भारत के साथ परामर्श से कोई संतोषजनक समाधान नहीं निकलता है, तो चीन डब्ल्यूटीओ से इस मामले में एक पैनल गठित करने का अनुरोध कर सकता है ताकि उठाए गए मुद्दे पर फैसला सुनाया जा सके। चीन भारत का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है।