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Budget: 'मोदी सरकार ने पिछले एक दशक में बजट को नया रूप दिया', बोलीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण
Mon, 27 May 2024 02:07 PM IST
कुमार विवेक
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कुमार विवेक
Updated Mon, 27 May 2024 02:07 PM IST
सार
Budget: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि मोदी सरकार ने अपनी बजट प्रथाओं और आंकड़ों में पारदर्शिता को प्राथमिकता दी है। पारदर्शी बजट वाले देशों को अक्सर अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) और विश्व बैंक जैसे अंतरराष्ट्रीय निकायों द्वारा अधिक अनुकूल रूप से देखा जाता है। इससे वैश्विक विश्वास में सुधार हो सकता है।
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निर्मला सीतारमण
- फोटो : amarujala.com
विस्तार
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी नीत सरकार ने पिछले 10 वर्षों में केंद्रीय बजट को खर्चों के रिकॉर्ड से बदलकर समान वितरण के रणनीतिक खाके में तब्दील किया है। मंत्री ने जोर देकर कहा कि सरकार करदाताओं के पैसे का सर्वोत्तम संभव इस्तेमाल करना जारी रखेगी...। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने अपनी बजट प्रथाओं और आंकड़ों में पारदर्शिता को प्राथमिकता दी है। पारदर्शी बजट वाले देशों को अक्सर अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) और विश्व बैंक जैसे अंतरराष्ट्रीय निकायों द्वारा अधिक अनुकूल रूप से देखा जाता है। इससे वैश्विक विश्वास में सुधार हो सकता है।
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सीतारमण ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर सिलसिलेवार पोस्ट में लिखा, ‘‘यह इंडियन नेशनल कांग्रेस नीत संप्रग (संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन) सरकार की ‘ऑफ-बजट’ उधारी और ‘ऑयल बॉन्ड’ जारी करने के जरिए घाटे को छिपाने की दोहराई जाने वाली प्रथा के बिल्कुल विपरीत है, जिसने कुछ हद तक राजकोषीय बोझ को भविष्य की पीढ़ियों पर स्थानांतरित कर दिया। संप्रग के तहत बजट आंकड़ों को अनुकूल दिखाने के लिए मानक राजकोषीय प्रथाओं को नियमित रूप से बदला गया।’’
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उन्होंने कहा कि पिछले दशक में पुरानी बाधाओं और प्रथाओं को पीछे छोड़ते हुए केंद्रीय बजट की विश्वसनीयता में काफी सुधार देखा गया है। सीतारमण ने कहा, ‘‘हमारी सरकार ने बजट को केवल खर्चों के रिकॉर्ड से बदलकर समान विकास के रणनीतिक खाके में बदल दिया है। हम अपने करदाताओं से एकत्र किए गए प्रत्येक रुपये का विवेकपूर्ण और सही इस्तेमाल करते हैं...सार्वजनिक वित्त की पारदर्शी तस्वीर पेश करते हैं।’’
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इसके अलावा, उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के तहत केंद्रीय बजट की विशेषता राजकोषीय विवेक, पारदर्शिता और समावेशिता है, जो सामाजिक विकास तथा बुनियादी ढांचे में निवेश सुनिश्चित करता है।सीतारमण ने कहा कि केंद्र सरकार राज्य और केंद्र शासित प्रदेश सरकारों के जरिए 108 केंद्र प्रायोजित योजनाओं (सीएसएस) का संचालन करती है, जिसका बजट वित्त वर्ष 2024-25 के लिए करीब 5.01 लाख करोड़ रुपये है। वित्त वर्ष 2023-24 के लिए यह 4.76 लाख करोड़ रुपये थे।
मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करने, पारदर्शिता बढ़ाने और विकसित भारत की मजबूत नींव रखने के लिए जारी सुधारों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, ‘‘हम करदाताओं की मेहनत की कमाई के मूल्य तथा प्रभाव को अधिकतम करना जारी रखेंगे, यह सुनिश्चित करते हुए कि इसका सभी के लाभ के लिए सर्वोत्तम संभव इस्तेमाल किया जाए।’’