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Budget: ग्लोबल हेल्थ हब बनाने व रिसर्च का मास्टर प्लान, 1.25 लाख करोड़ का आंकड़ा पार सकता है स्वास्थ्य बजट
Thu, 29 Jan 2026 07:47 AM IST
पवन पांडेय
अमित शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली
अमित शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: पवन पांडेय
Updated Thu, 29 Jan 2026 07:47 AM IST
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ग्लोबल हेल्थ हब बनाने व रिसर्च का मास्टर प्लान
- फोटो : अमर उजाला
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत-2047 के संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए वित्त मंत्री इस बार स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए तिजोरी खोल सकती हैं। इस बार स्वास्थ्य बजट 1.25 लाख करोड़ के जादुई आंकड़े को पार कर सकता है। बजट का एक्स-फैक्टर शोध, नवाचार, ट्रेनिंग और शिक्षा के बुनियादी ढांचे पर होने जा रहा है। दवा और उपकरण निर्माण में आत्मनिर्भरता के लिए रिसर्च मद में 5,000 करोड़ रुपये का आवंटन हो सकता है। वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिहाज से यह फंड काफी महत्वपूर्ण होगा।
यह भी पढ़ें - Union Budget 2026: टैरिफ जंग के बीच मोदी सरकार का आक्रामक सुधार एजेंडा, बजट से विकास को मिलेगी नई रफ्तार
बजट में मेडिकल शिक्षा को सुलभ बनाने के लिए हर जिले में विशेष हेल्थ-स्किल हॉस्टल बनाने की बड़ी घोषणा भी संभव है। इसका मकसद ग्रामीण और मध्यवर्गीय युवाओं को पढ़ाई के दौरान आवासीय संकट से उबारना है, ताकि देश को भविष्य के लिए दक्ष स्वास्थ्य कर्मी मिल सकें। एम्स दिल्ली के पूर्व निदेशक डॉ. एमसी मिश्रा का कहना है कि शोध और हॉस्टल जैसे बुनियादी ढांचे पर निवेश दीर्घकालिक परिणाम देगा। प्रति व्यक्ति प्रतिदिन एक रुपये का हेल्थ सेस लगाकर सरकार ऐसी योजनाओं के लिए भारी फंड जुटा सकती है।
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मेडिकल डिप्लोमेसी से आएगा डॉलर
दुनिया की बदलती राजनीति ने भारत के लिए मेडिकल टूरिज्म के नए द्वार खोल दिए हैं। ट्रंप प्रशासन की वीजा सख्ती और यूरोपीय संघ के साथ व्यापार समझौते के बीच भारत अपनी सॉफ्ट पावर को भुनाने की तैयारी में है। बजट में हील इन इंडिया प्रोग्राम के जरिये 10.5 अरब डॉलर के बाजार को दोगुना करने का लक्ष्य रखा जा सकता है। भारत का सस्ता-विश्वसनीय इलाज पश्चिमी देशों से डॉलर हासिल करने का सबसे बड़ा जरिया बनेगा।
यह भी पढ़ें - Budget 2026: रक्षा क्षेत्र- सैन्य आधुनिकीकरण पर 20% खर्च बढ़ाने की उम्मीद; ऑपरेशन सिंदूर अभी खत्म नहीं हुआ
गुणवत्ता, कौशल और स्मार्ट लैब पर जोर
विशेषज्ञों का कहना है, बजट का फोकस गुणवत्ता और कौशल पर होगा। सरकार हर जिले में एक स्मार्ट लैब बनाकर ग्रामीण क्षेत्रों में जांच सुविधाओं को सुलभ बनाने पर जोर देगी। इससे एम्स जैसे अस्पतालों पर दबाव घटेगा।
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गुणवत्ता, कौशल और स्मार्ट लैब पर जोर
विशेषज्ञों का कहना है, बजट का फोकस गुणवत्ता और कौशल पर होगा। सरकार हर जिले में एक स्मार्ट लैब बनाकर ग्रामीण क्षेत्रों में जांच सुविधाओं को सुलभ बनाने पर जोर देगी। इससे एम्स जैसे अस्पतालों पर दबाव घटेगा।
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