{"_id":"669f81926c4fd8e1b1003d69","slug":"budget-allocation-for-indian-space-economy-isro-finance-minister-said-it-will-five-times-bigger-ten-years-2024-07-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Budget: वित्त मंत्री के इस एलान से अंतरिक्ष में बढ़ेगी भारत की ताकत, 10 साल में पांच गुना होगी स्पेस इकॉनमी","category":{"title":"Business Diary","title_hn":"बिज़नेस डायरी","slug":"business-diary"}}
Budget: वित्त मंत्री के इस एलान से अंतरिक्ष में बढ़ेगी भारत की ताकत, 10 साल में पांच गुना होगी स्पेस इकॉनमी
Tue, 23 Jul 2024 04:12 PM IST
नितिन गौतम
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नितिन गौतम
Updated Tue, 23 Jul 2024 04:12 PM IST
सार
निर्मला सीतारमण ने कहा कि अगले दस वर्षों में स्पेस इकॉनमी को पांच गुना बनाने की कोशिश है। इसलिए, इस सेक्टर के लिए यह रकम एलान की गई है। केंद्र सरकार भारत अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था के लिए 1000 करोड़ का रुपये उद्यम पूंजी कोष शुरू करेगी।
विज्ञापन
अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था के लिए 1000 करोड़ रुपये का प्रावधान
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने मोदी सरकार मोदी 3.0 का बजट पेश कर दिया है। इस बजट में वित्तमंत्री ने भारतीय स्पेस इकॉनमी (अंतरिक्ष आधारित अर्थव्यवस्था) को बढ़ावा देने के लिए अपने बजट में 1000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। वित्तमंत्री ने कहा कि स्पेस इकॉनमी अगले एक दशक में पांच गुना ज्यादा हो जाएगी। यह एक वेंचर कैपिटल फंड है। इसके जरिए स्पेस इंडस्ट्री में निवेश किया जाएगा। स्पेस सेक्टर के जानकारों का कहना है कि भारतीय स्पेस इकॉनमी अभी 8.4 बिलियन डॉलर यानी 70 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की है। अगले एक दशक में यह 3.68 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की हो जाएगी। यानी वैश्विक स्पेस इकॉनमी में भारत का हिस्सा दो फीसदी से बढ़कर 8 फीसदी हो जाएगा।
अंतरिक्ष आधारित अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने सातवें बजट में स्पेस इकॉनमी के लिए एक हजार करोड़ रुपये के बूस्टर का एलान किया। यानी, अंतरिक्ष संबंधी शोध, कार्यों और मिशन आदि के लिए केंद्र सरकार द्वारा 1000 करोड़ रुपये की राशि और दी जाएगी। निर्मला सीतारमण ने कहा कि अगले दस वर्षों में स्पेस इकॉनमी को पांच गुना बनाने की कोशिश है। इसलिए, इस सेक्टर के लिए यह रकम एलान की गई है। केंद्र सरकार भारत अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था के लिए 1000 करोड़ का रुपये उद्यम पूंजी कोष शुरू करेगी। इस महत्वपूर्ण निवेश का उद्देश्य क्षेत्र में नए स्टार्टअप और रिसर्च के इनीशिएटिव को समर्थन देकर अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था में विकास को गति देना है। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण के इस एलान के बाद स्पेस इंडस्ट्री में खुशी की लहर देखने को मिल रही है।
मोदी सरकार में स्पेस इकॉनमी पर फोकस
अंतरिक्ष क्षेत्र के जानकारों का कहना है कि जब से मोदी सरकार आई है तभी से स्पेस इकॉनमी पर ज्यादा फोकस किया जा रहा है। सरकार हर साल कई बड़े प्रोजेक्ट्स के बड़ी राशि आवंटन करती है, ताकि स्पेस सेक्टर को बढ़ावा मिल सके। वित्तमंत्री के इस एलान से निजी स्पेस कंपनियों को आगे बढ़ने में मदद मिलेगी। साथ ही नए खिलाड़ी मैदान में आएंगे। इस फंड से निजी स्पेस कंपनियों और स्टार्टअप्स को काफी फायदा होगा। इससे उन्हें प्रोत्साहन मिलेगा। यहीं नहीं दुनियाभर के अंतरिक्ष मार्केट में भारत की ताकत और ज्यादा बढ़ेगी। निजी स्पेस स्टार्टअप और कंपनियां जब अपने टेस्ट और प्रोजेक्ट सफलतापूर्वक करेंगे, तो भारत का नाम पूरी दुनिया में होगा। इससे विदेशी निवेश आएगा। अगर ये फंडिंग और एफडीआई के साथ मिल जाएगी, तो भारत की स्पेस इंडस्ट्री को काफी ज्यादा माइलेज मिलेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
अंतरिक्ष आधारित अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने सातवें बजट में स्पेस इकॉनमी के लिए एक हजार करोड़ रुपये के बूस्टर का एलान किया। यानी, अंतरिक्ष संबंधी शोध, कार्यों और मिशन आदि के लिए केंद्र सरकार द्वारा 1000 करोड़ रुपये की राशि और दी जाएगी। निर्मला सीतारमण ने कहा कि अगले दस वर्षों में स्पेस इकॉनमी को पांच गुना बनाने की कोशिश है। इसलिए, इस सेक्टर के लिए यह रकम एलान की गई है। केंद्र सरकार भारत अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था के लिए 1000 करोड़ का रुपये उद्यम पूंजी कोष शुरू करेगी। इस महत्वपूर्ण निवेश का उद्देश्य क्षेत्र में नए स्टार्टअप और रिसर्च के इनीशिएटिव को समर्थन देकर अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था में विकास को गति देना है। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण के इस एलान के बाद स्पेस इंडस्ट्री में खुशी की लहर देखने को मिल रही है।
विज्ञापन
मोदी सरकार में स्पेस इकॉनमी पर फोकस
अंतरिक्ष क्षेत्र के जानकारों का कहना है कि जब से मोदी सरकार आई है तभी से स्पेस इकॉनमी पर ज्यादा फोकस किया जा रहा है। सरकार हर साल कई बड़े प्रोजेक्ट्स के बड़ी राशि आवंटन करती है, ताकि स्पेस सेक्टर को बढ़ावा मिल सके। वित्तमंत्री के इस एलान से निजी स्पेस कंपनियों को आगे बढ़ने में मदद मिलेगी। साथ ही नए खिलाड़ी मैदान में आएंगे। इस फंड से निजी स्पेस कंपनियों और स्टार्टअप्स को काफी फायदा होगा। इससे उन्हें प्रोत्साहन मिलेगा। यहीं नहीं दुनियाभर के अंतरिक्ष मार्केट में भारत की ताकत और ज्यादा बढ़ेगी। निजी स्पेस स्टार्टअप और कंपनियां जब अपने टेस्ट और प्रोजेक्ट सफलतापूर्वक करेंगे, तो भारत का नाम पूरी दुनिया में होगा। इससे विदेशी निवेश आएगा। अगर ये फंडिंग और एफडीआई के साथ मिल जाएगी, तो भारत की स्पेस इंडस्ट्री को काफी ज्यादा माइलेज मिलेगा।
विज्ञापन