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Demat Accounts: शेयर बिक्री के लिए डीमैट खातों में 14 नवंबर से ब्लॉक मैकेनिज्म जरूरी
Sat, 20 Aug 2022 03:03 AM IST
Jeet Kumar
एजेंसी, नई दिल्ली।
एजेंसी, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Sat, 20 Aug 2022 03:03 AM IST
सार
इस विकल्प के तहत शेयर ग्राहक के डीमैट खाते से संबंधित क्लियरिंग कॉरपोरेशन के खाते में स्थानांतरित किए जाते हैं। यदि इन शेयरों की बिक्री नहीं होती है तो यह निवेशकों के खाते में वापस चले जाएंगे और दिन के कारोबार के अंत में इसे ब्लॉक से हटा दिया जाएगा।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : pixabay
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विस्तार
शेयर बाजार नियामक सेबी ने शुक्रवार को शेयरों की बिक्री के लिए अपने संबंधित डीमैट खातों पर प्रतिभूतियों को ब्लॉक करना अनिवार्य कर दिया है। इस नियम को 14 नवंबर से लागू किया जाएगा। जुलाई में इसे पेश करने का फैसला लिया गया था और एक अगस्त से इसे वैकल्पिक किया गया था।
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इस विकल्प के तहत शेयर ग्राहक के डीमैट खाते से संबंधित क्लियरिंग कॉरपोरेशन के खाते में स्थानांतरित किए जाते हैं। यदि इन शेयरों की बिक्री नहीं होती है तो यह निवेशकों के खाते में वापस चले जाएंगे और दिन के कारोबार के अंत में इसे ब्लॉक से हटा दिया जाएगा। इसके लिए डिपॉजिटरी और क्लियरिंग कॉरपोरेशन को सदस्यों द्वारा बाजार में ग्राहकों के लिए ब्लॉक तंत्र उपलब्ध कराने के लिए एक व्यवस्था स्थापित करनी होगी। डिपॉजिटरी क्लियरिंग संगठनों को ट्रांसफर ऑर्डर के बारे में जानकारी भी उपलब्ध कराएगी ताकि ग्राहक जल्दी पे-इन बेनिफिट का लाभ उठा सकेंगे।
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डाटा शेयरिंग में आएगी तेजी, सेबी बना अकाउंट एग्रीगेटर
शेयर बाजार नियामक सेबी अब एक अकाउंट एग्रीगेटर के ढांचे में शामिल हो गया है। इससे भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा रेगुलेटेड वित्तीय आंकड़ों को साझा करने की प्रणाली को बढ़ावा मिलेगा। इस कदम से ग्राहक अपने म्यूचुअल फंड और स्टॉक होल्डिंग के बारे में वित्तीय सेवा प्रदाताओं के साथ जानकारी साझा कर सकेंगे।
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इसके तहत शेयर बाजार में वित्तीय सूचना प्रदाता (एफआईपी) जैसे डिपॉजिटरीज और संपत्ति प्रबंधन कंपनियां (एएमसी) अपने रजिस्ट्रार और ट्रांसफर एजेंटों या आरटीए के माध्यम से ग्राहकों को प्रतिभूति बाजार से संबंधित वित्तीय जानकारी देंगे। यह सभी ग्राहकों की सहमति से होगा।
जानकारों का कहना है कि इस कदम से पूरी कारोबारी, डिपॉजिटरी और म्यूचुअल फंड व्यवस्था अकाउंट प्लेटफॉर्म इकोसिस्टम पर लाइव हो जाएगा। अकाउंट एग्रीगेटर आरबीआई द्वारा नियंत्रित होते हैं। यह ग्राहकों की सहमति से उनके आंकड़े एकत्र करते हैं। अकाउंट एग्रीगेटर (एए) ग्राहकों की सहमति से आंकड़ों को जुटाकर उसे साझा करते हैं।
इसके तहत एफआईपी एए के साथ एक करार ढांचे के तहत भागीदार बनेगी। सेबी ने कहा प्रतिभूति बाजारों में एफआईपी की सभी प्रतिक्रियाएं वास्तविक समय में होंगी। सेबी ने कहा एफआईपी के आईटी सिस्टम में पर्याप्त सुरक्षा उपाय भी बनाने होंगे ताकि यह किसी अवैध पहुंच से सुरक्षित रहे।
सेटलमेंट योजना फिर से खुली
सेबी ने शुक्र वार को उन लोगों के लिए एक और सेटलमेंट योजना को फिर से शुरू किया है, जो इल्लिक्विड शेयरों के किसी रिवर्सल कारोबार में शामिल थे। 2014 और 15 के मामलों के लिए इसे शुरू किया गया है। यह योजना 22 अगस्त से 21 नवंबर के बीच खुली रहेगी। 2020 में इस योजना के तहत 1,018 कंपिनयों और लोगों ने इस योजना का लाभ लिया था।