Biz Updates: चिदंबरम ने बजट को बताया भूलने लायक,ग्रामीण विकास में कमी पर उठाए सवाल
कांग्रेस के वरिष्ठ सांसद पी चिदंबरम ने सोमवार को राज्यसभा में सरकार पर हमला किया और 1 फरवरी को पेश किए गए आम बजट को भूलने योग्य बताया। पूर्व वित्त मंत्री ने कहा कि 2025-26 में पूंजीगत व्यय में भारी कटौती की गई है, जबकि सार्वजनिक व निजी क्षेत्र और विदेशी निवेशक भारत में निवेश नहीं कर रहे हैं।
चिदंबरम ने कहा, पूंजीगत निवेश, सकल स्थायी पूंजी निर्माण पिछले 12 वर्षों से 30% जीडीपी पर अटका हुआ है। 2024-25 में शुद्ध एफडीआई 0.09% से भी कम रह गया। निजी निवेश 22% जीडीपी पर स्थिर है। इस स्थिति में केंद्र ने पूंजीगत व्यय में 1,44,376 करोड़ रुपये की कटौती की। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र का पूंजीगत व्यय 25,335 करोड़ रुपये कम किया गया और राज्यों के लिए अग्रिम सहायता में 1,19,041 करोड़ रुपये की कटौती की गई। चिदंबरम ने कहा, बेरोजगारी गंभीर चुनौती बनी हुई है। युवा बेरोजगारी 15% है। कुल कार्यबल का 25% से कम नियमित रोजगार में है।
1,200 करोड़ की धोखाधड़ी का मामला, चावल कंपनी के दो प्रवर्तक भगोड़े आर्थिक अपराधी घोषित
राष्ट्रीय राजधानी की एक विशेष अदालत ने दिल्ली की अमीरा प्योर फूड्स प्राइवेट लि. के दो प्रमोटरों को बैंक ऋण धोखाधड़ी मामले में भगोड़ा आर्थिक अपराधी (एफईओ) घोषित किया है। उनके खिलाफ 1,200 करोड़ रुपये से अधिक के ऋण धोखाधड़ी का आरोप है। विशेष न्यायाधीश राजेश मलिक की अदालत ने शुक्रवार को एक आदेश में एपीएफपीएल के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक करण ए चानना और उक्त कंपनी की पूर्णकालिक निदेशक अनीता डिंग को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारियों ने बताया कि अदालत ने आरोपियों की 123 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त करने का भी निर्देश दिया है। चानना ब्रिटेन में रहते हैं, जबकि डिंग दुबई में रहती हैं।
विकसित भारत के लिए बैंकिंग क्षेत्र में बड़े बदलाव की तैयारी, बनेगी उच्चस्तरीय समिति
केंद्र सरकार विकसित भारत के लक्ष्य को पूरा करने के लिए बैंकिंग क्षेत्र को मजबूत बनाने की तैयारी में है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि जल्द ही विकसित भारत के लिए बैंकिंग पर उच्च स्तरीय समिति गठित की जाएगी। यह समिति ऐसा खाका तैयार करेगी, जिससे देश में बड़े और मजबूत बैंक बन सकें, जो विकसित भारत की वित्तीय जरूरतों को पूरा कर सकें। एक समाचार एजेंसी को दिए साक्षात्कार में वित्त मंत्री ने कहा, यह समिति बैंकिंग क्षेत्र की व्यापक समीक्षा करेगी और सुझाव देगी कि किस तरह बैंकिंग प्रणाली को इतना सक्षम बनाया जाए कि आम लोगों तक कर्ज और बैंकिंग सुविधाएं आसानी से पहुंच सकें। इस पहल को सिर्फ सरकारी बैंकों के विलय तक सीमित नहीं समझा जाना चाहिए। 1 फरवरी के बजट भाषण में वित्त मंत्री इस समिति के गठन का प्रस्ताव रखा था। बजट में सार्वजनिक क्षेत्र की एनबीएफसी कंपनियों की कार्यकुशलता बढ़ाने के लिए पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन (पीएफसी) और ग्रामीण विद्युतीकरण निगम (आरईसी) के पुनर्गठन का भी प्रस्ताव दिया गया।
केरल में धान बोनस को लेकर केंद्र- राज्य में टकराव, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने वित्त मंत्री को लिखा पत्र
केरल बीजेपी अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने धान किसानों को दी जा रही अतिरिक्त बोनस राशि को बंद करने संबंधी केंद्र सरकार के निर्देश को वापस लेने की मांग की है। उन्होंने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को पत्र लिखा है।
केंद्र के इस निर्देश पर केरल की एलडीएफ सरकार और मुख्यमंत्री पिनारयी विजयन पहले ही कड़ी आपत्ति जता चुके हैं। राज्य सरकार ने इसे किसानों और केरल के प्रति केंद्र का “शत्रुतापूर्ण रवैया” करार दिया है। दरअसल, 9 जनवरी को वित्त मंत्री के व्यय सचिव वी. वुअलनाम ने केरल के मुख्य सचिव ए. जयथिलक को पत्र लिखकर राज्य से मौजूदा बोनस नीति की समीक्षा करने और अतिरिक्त प्रोत्साहन बंद करने पर विचार करने को कहा था। पत्र में तर्क दिया गया कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) की आवश्यकता से अधिक चावल का भंडार जमा हो गया है, जिससे सरकारी खजाने पर लगातार और बड़ा बोझ पड़ रहा है। इस मुद्दे पर अब केंद्र और राज्य के बीच सियासी खींचतान तेज होती दिख रही है।